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3 महीने के लिए मुफ्त राशनः वित्त मंत्रालय के विरोध के बावजूद क्यों लिया सरकार ने यह फैसला

इस निर्णय के बाद अब केंद्र सरकार के खजाने पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. हालांकि वित्त मंत्रालय द्वारा हाथ खड़े कर दिए जाने के बाद भी इस फैसले को लिया गया.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

नई दिल्लीः केंद्र सरकार ने बुधवार को प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना को अगले तीन महीनों तक और जारी करने का फैसला किया है. इस निर्णय के बाद अब केंद्र सरकार के खजाने पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. हालांकि वित्त मंत्रालय द्वारा हाथ खड़े कर दिए जाने के बाद भी इस फैसले को लिया गया. यह तब है जब प्रधानमंत्री ने खुद ही रेवड़ी कल्चर पर रोक लगाने के लिए कहा था. हालांकि निर्णय लेने के पीछे राजनीतिक कारण हैं.

80 करोड़ लोगों को त्योहार पर मुफ्त मिलेगा राशन

कोरोना महामारी के दौरान शुरू की गई इस योजना में अगले तीन महीनों तक करीब 122 लाख टन खाद्यान्न मुफ्त दिया जाएगा. इसमें प्रत्येक परिवार को 5 किलो राशन मिलता है. इस बार के एक्सटेंशन से खजाने पर करीब 44,762 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. लॉन्च होने के बाद से अब तक इस स्कीम पर केंद्र सरकार 3.91 लाख करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है. 

अप्रैल 2020 से शुरू हुई थी योजना

अप्रैल 2020 से शुरू हुई इस योजना को कई बार विस्तार मिल चुका है. पहले ये स्कीम केवल अप्रैल-नवंबर 2020 के दौरान लागू थी, और फिर मई 2021 से आज तक लागू है. केंद्र ने अब तक 1,000 लाख टन से अधिक मुफ्त खाद्यान्न आवंटित किया था और सितंबर तक, पीएम-जीकेएवाई के तहत कुल खर्च 3.45 लाख करोड़ रुपये था. अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) के तहत लाभार्थियों को प्रति परिवार 35 किलोग्राम खाद्यान्न प्रदान किया जाता है. 

सबसे ज्यादा लाभ यूपी को

उत्तर प्रदेश मुफ्त राशन योजना का सबसे बड़ा लाभार्थी है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में लगभग 14.72 करोड़ एनएफएसए लाभार्थी हैं जो पीएम-जीकेएवाई के तहत आते हैं. मुफ्त राशन योजना अप्रैल-नवंबर 2020 की अवधि के लिए शुरू किए गए गरीब समर्थक पीएम गरीब कल्याण पैकेज का एक हिस्सा है. गरीब कल्याण पैकेज में स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों के लिए 50 लाख रुपये की बीमा योजना और 20 करोड़ जन धन खाताधारकों को तीन महीने के लिए 500 रुपये प्रति माह भी दिया गया था. 

वित्त मंत्रालय ने इसलिए किए थे हाथ खड़े

वित्त मंत्रालय ने इस योजना को लागू करने के लिए हाथ खड़े कर दिए थे, क्योंकि मंत्रालय का कहना था कि अब इकोनॉमी में फिर से रफ्तार दिखने लगी है और लोग काम पर वापस लौट रहे हैं. ऐसे में सरकार पर जो आर्थिक बोझ पड़ा है उसकी फिलहाल भरपाई नहीं हो पाई है. इसलिए खजाने पर और बोझ डालना सही नहीं है. केंद्र खाद्यान्न के अलावा लोगों को एक लीटर तेल, एक किलो नमक और चने की दाल की भी मुफ्त आपूर्ति कर रही है. 

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