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फेड की बैठक से पहले सहमे बाजार! इस बार कितनी बढ़ने वाली हैं ब्याज दरें?

कल से शुरू हो रही फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक से दुनिया भर के एक्सपर्ट यही अनुमान जता रहे हैं कि अगर फेड ज्यादा आक्रामक नहीं हुआ तो 0.50-0.75% की बढ़ोतरी तय है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

मुंबई: दुनिया भर के अखबार, रेटिंग एजेंसियों की रिपोर्ट्स ग्लोबल मंदी की खबरों से पटी पड़ी हैं. वजह साफ है, फेडरल रिजर्व महंगाई को काबू करने के लिए कोई भी कदम उठाने से पीछे नहीं हट रहा है, और ब्याज दरों में लगातार बढ़ोतरी ने दुनिया भर की इकोनॉमी के लिए चिंताएं पैदा कर दी है. 

फेड की बैठक कल से शुरू 
फेडरल रिजर्व की अगली बैठक कल यानी 20 सितंबर से शुरू होगी. दो दिनों तक चलने वाली इस बैठक का नतीजा क्या होगा, ये करीब करीब पहले से ही तय है. फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल की जैक्सन होल की मीटिंग में दिया गया बयान कि महंगाई को रोकने के लिए उनके सख्त कदम नहीं रुकेंगे, इसलिए आने वाले समय में भी दर्द बर्दाश्त करने के लिए तैयार रहिए. अमेरिका 40 साल की सबसे ऊंची महंगाई का दंश झेल रहा है, इस महंगाई को रोकने के लिए फेड की ओर से ब्याज दरों में इजाफे से उम्मीद थी कि कुछ राहत मिलेगी, लेकिन अगस्त में आए 8.3 परसेंट रिटेल महंगाई के आंकड़ों ने निराश किया, जिसके चलते अमेरिकी बाजार धड़ाम हो गए. हालांकि जुलाई की महंगाई दर 8.5 परसेंट से ये कम है, लेकिन अगस्त में ईंधन की कीमतों में गिरावट के अलावा सभी चीजों के दाम बढ़े. खाने की कीमतों, हेल्थेकयर, गाड़ियों कपड़े, रेंट सभी की कीमतों में इजाफा देखने को मिला. इसने बाजार और निवेशकों को ऐसा झटका दिया कि अमेरिकी बाजार बुरी तरह टूट गए. 

फेड कितनी बढ़ाएगा ब्याज दरें 
कल से शुरू हो रही फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक से दुनिया भर के एक्सपर्ट यही अनुमान जता रहे हैं कि अगर फेड ज्यादा आक्रामक नहीं हुआ तो 0.50-0.75% की बढ़ोतरी पहले से ही तय है, लेकिन ये बढ़ोतरी 1% तक हो जाए इससे भी इनकार नहीं किया जा सकता है. CLSA के एरिक फिशविक का कहना है कि फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने जैक्सन होल की मीटिंग में जो कुछ भी कहा, उससे ब्रोकरेज हाउस अपने अनुमानों में कोई बदलाव नहीं कर रहा है, इसलिए सितंबर में फेड 0.50% या 0.75% का ही इजाफा करेगा, दूसरी बात ये कि बाजार फेड की बढ़ोतरी को पहले से ही मानकर चल रहा है. 

1% तक भी बढ़ सकती हैं दरें 
Nomura Securities का अनुमान है कि महंगाई को काबू करने के लिए फेडरल रिजर्व 1% तक ब्याज दरों में इजाफा कर सकता है, जोकि पहले अनुमान 0.75% था. ब्रोकरेज हाउस का कहना है कि सितंबर के बाद हम नवंबर में 0.50% की बढ़ोतरी की उम्मीद कर सकते हैं, लेकिन इसके बाद दिसंबर में 0.50% की एक और बढ़ोतरी की संभावना है जोकि पहले 0.25% था. Nomura का अनुमान है कि ये दरें अभी और बढ़ेंगी, और साल के अंत तक ये 3.25% से 3.5% की रेंज में आएंगी, साल 2023 में ब्याज दरें 4.75 परसेंट तक पहुंचने का भी अनुमान है. 

महंगाई अब भी ऐतिहासिक स्तर पर 
फेड का महंगाई का लक्ष्य 2 परसेंट है, और महंगाई अब भी अपने ऐतिहासिक स्तर पर है. ऐसे में फेड के पास आक्रामक तरीके से दरें बढ़ाने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचता है. आपको बता दें कि मार्च 2022 से ब्याज दरों में बढ़ोतरी का सिलसिला शुरू हुआ था, तब 25bps की बढ़ोतरी हुई थी, इसके बाद मई 2022 में 50bps रेट बढ़े, फिर जून में 75bps और दोबार जुलाई की बैठक में भी 75bps का इजाफा हुआ था. यानी बीते चार बार में ब्याज दरें 0 परसेंट से 225bps तक बढ़ाई जा चुकी हैं. इस बढ़ोतरी के बाद फेडरल फंड रेट of 2.25-2.5% हो गया है, यानी जो उपभोक्ता या बिजनेस अबतक 0 परसेंट पर लोन उठा रहे थे, उनके लिए लोन महंगा हो जाएगा. 

ग्लोबल इकोनॉमी में मंदी की आशंका 
लोन महंगा होने से खपत में कमी आएगी जिसका सीधा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा, यही वजह है कि Fitch, World Bank ने ग्लोबल इकोनॉमी में स्लोडाउन को लेकर चिंता जाहिर की है. ये जानते हुए भी कि फेडरल रिजर्व का फैसला क्या होने वाला है, दुनिया भर के बाजार तनाव में हैं, अमेरिकी बाजार टूटे, भारतीय शेयर बाजार भी शुक्रवार को बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए और आज भी भारतीय बाजार गिरावट के साथ खुले हैं. 


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