होम / एक्सप्लेनर / किस मामले में अरेस्ट हुए संजय राउत, कैसे जुड़ा घोटाले से नाम? जानें सबकुछ
किस मामले में अरेस्ट हुए संजय राउत, कैसे जुड़ा घोटाले से नाम? जानें सबकुछ
संजय राउत को एक पुराने मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी कि ED ने अरेस्ट कर लिया है. उन पर मुंबई के पात्रा चॉल के री-डेवलपमेंट में अनियमितता बरतने का आरोप है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे सरकार के जाते ही शिवसेना नेता संजय राउत मुश्किलों में घिर गए हैं. एक पुराने मामले में उन्हें प्रवर्तन निदेशालय यानी कि ED ने अरेस्ट कर लिया है. उन पर मुंबई के पात्रा चॉल के री-डेवलपमेंट में अनियमितता बरतने का आरोप है. ED ने पहले राउत से करीब 6 घंटे पूछताछ की, फिर उन्हें गिरफ्तार कर लिया. शिवसेना नेता की गिरफ़्तारी प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत हुई है. प्रवर्तन निदेशालय का कहना है कि राउत पूछताछ और जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं.
इन पर मिलीभगत का आरोप
जिस मामले में संजय राउत को गिरफ्तार किया गया है, उस पात्रा चॉल जमीन घोटाले की शुरुआत 2007 में हुई थी. आरोप है कि महाराष्ट्र हाउसिंग एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी म्हाडा, प्रवीन राउत, गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन और उसकी सिस्टर कंपनी हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (HDIL) की मिलीभगत से इस घोटाले को अंजाम दिया गया.
इस तरह की कमाई
दरअसल, 2007 में म्हाडा ने पात्रा चॉल के री-डेवलपमेंट यानी पुनर्विकसित करने का काम गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन को दिया था. यह निर्माण गोरेगांव के सिद्धार्थनगर में होना था. पात्रा चॉल की 47 एकड़ जमीन पर कंपनी को 3500 से अधिक फ्लैट बनाकर देने थे, लेकिन उसने केवल 672 फ्लैट ही बनाए. 14 साल के बाद भी गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन दिए हुए काम को पूरा नहीं कर पाया. इसके अलावा, उसने फ्लैट बनाने की जगह री-डेवलपमेंट की जमीन बिल्डरों को बेच दी और इससे करीब 1035 करोड़ रुपए कमाए.
ऐसे आया संजय राउत का नाम
2018 में म्हाडा ने इस मामले में FIR दर्ज कराई. इसके बाद मामला आर्थिक अपराध ब्यूरो को सौंप दिया गया. फरवरी 2020 में प्रवीण राउत को गिरफ्तार कर लिया गया. बताया जाता है कि प्रवीण राउत शिवसेना लीडर संजय राउत का करीबी है. प्रवीण HDIL में सारंग वधावन और राकेश वधावन के साथ कंपनी का निदेशक था. बता दें कि वधावन बंधु पंजाब महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले के मुख्य आरोपी हैं.
बेटी और पत्नी का लिंक
बताया जाता है कि महाडा लैंड डील में प्रवीण राउत को बतौर कमीशन 95 करोड़ रुपए मिले. इस मामले में सुजीत पाटकर नामक शख्स का नाम भी सामने आया, जिसके ठिकानों पर छापेमारी की गई थी. सुजीत का नाम भी संजय राउत से जुड़ा है. दरअसल, सुजीत पाटकर की एक वाइन ट्रेडिंग कंपनी है, जिसमें संजय राउत की बेटी पार्टनर है. इतना ही नहीं, संजय राउत की पत्नी और सुजीत की पत्नी ने अलीबाग में एक जमीन खरीदी थी. जांच एजेंसी के अनुसार, इस डील में भी रुपए की हेराफेरी की गई. इस मामले में 1035 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप है. हालांकि, संजय राउत ने सारे आरोपों को झूठा करार दिया है. उनका कहना है कि मैं किसी घोटाले में शामिल नहीं हूं.
टैग्स