होम / एक्सप्लेनर / पराली जली कम, फिर दिल्ली में प्रदूषण कैसे हो गया ज्यादा? ये है इसका जवाब
पराली जली कम, फिर दिल्ली में प्रदूषण कैसे हो गया ज्यादा? ये है इसका जवाब
इस समय पराली की वजह से प्रदूषण सिर्फ 3 से 4 फीसदी है. 50 फीसदी से ज्यादा प्रदूषण धूल और गाड़ियों से निकलने वाले धुएं से हो रहा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
दिल्ली के प्रदूषण के लिए मुख्यतौर पर पराली को जिम्मेदार ठहराया जाता है. लगातार यह कहा जाता रहा है कि दिल्ली के आसपास के राज्यों में किसानों द्वारा पराली जलाने की वजह से राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण बढ़ता है. इस बार पराली जलाने के मामले कम सामने आए हैं, लेकिन इसके बावजूद दिल्ली में प्रदूषण बढ़ गया है. दिल्ली-NCR के इलाकों में दिवाली से पहले ही हवा की गुणवत्ता खराब हो रही है. मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल बढ़ते प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है.
मौसम विभाग ने बताया कारण
दिल्ली में हवा की गुणवत्ता पिछले कुछ दिनों से लगातार खराब बनी हुई है और अगले कुछ दिनों तक इससे राहत मिलने की उम्मीद नहीं है, अब सवाल ये उठता है कि पटाखों पर बैन और पराली जलने के मामलों में कमी के बावजूद दिल्ली की हवा जहरीली क्यों हो रही है? एक मीडिया रिपोर्ट में इस सवाल का जवाब दिया गया है. रिपोर्ट में मौसम विभाग के हवाले से बताया गया है कि इस समय पराली की वजह से प्रदूषण सिर्फ 3 से 4 फीसदी है. 50 फीसदी से ज्यादा प्रदूषण धूल और गाड़ियों से निकलने वाले धुएं से हो रहा है. चूंकि ठंड बढ़ने लगी है और हवा की सुस्त रफ्तार हो गई है, इस वजह से प्रदूषण छंट नहीं रहा है.
हवा की रफ्तार बनी है सुस्त
मौसम विभाग का कहना है हवा कि सुस्त रफ्तार से भी दिल्ली-NCR की हवा फिलहाल जहरीली बनी रहेगी. शनिवार को दिल्ली में उत्तर पूर्वी दिशा से आ रही हवाओं की रफ्तार 5-10 किलमीटर प्रति घंटा के आसपास रही. रविवार को इसके 4 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की उम्मीद है और 24 अक्टूबर यानी दिवाली वाले दिन हवा की रफ्तार 5 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जो प्रदूषण छांटने के लिहाज से काफी कम है. प्रदूषण छंटने के लिए हवा की रफ्तार 10 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा होनी चाहिए. यही वजह है कि राजधानी में प्रदूषण ज्यादा हो गया है.
यहां भी बैन हैं पटाखे
वैसे तो दिल्ली में पटाखे बैन हैं, लेकिन यदि कहीं आतिशबाजी की जाती है, तो हवा की क्वालिटी और ज्यादा खराब हो सकती है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के साथ-साथ हरियाणा, ओडिशा, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और चंडीगढ़ में पटाखों पर बैन लगाया गया है. पिछले साल भी इन राज्यों में पटाखे जलाने की अनुमति नहीं थी. बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए यह फैसला लिया गया था. वहीं, कई राज्य ऐसे भी हैं निर्धारित समय तक पटाखे चलाने की अनुमति है.
टैग्स