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विकास दिव्यकीर्ति और अवध ओझा से नाराज हैं स्टूडेंट्स , इतने बारे में कितना जानते हैं आप?
दिल्ली के कोचिंग हादसे को लेकर स्टूडेंट्स का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है. छात्र UPSC की तैयारी करवाने वाले विकास दिव्यकीर्ति और अवध ओझा से भी नाराज हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
दिल्ली में हुए कोचिंग सेंटर हादसे के बाद नगर निगम की नींद खुल गई है. दिल्ली नगर निगम (MCD) ने नियमों का उल्लंघन करने वाले कोचिंग सेंटरों के खिलाफ अभियान चलाते हुए कई सेंटरों को सील कर दिया है. जिन कोचिंग सेंटर्स क खिलाफ कार्रवाई हुई है उसमें विकास दिव्यकीर्ति की दृष्टि आईएएस का नाम भी शामिल है. मुखर्जी नगर स्थित दृष्टि IAS कोचिंग के बाहर नाराज छात्रों ने प्रदर्शन भी किया है. बता दें कि ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित राव IAS स्टडी सर्किल के बेसमेंट में पानी भरने से तीन स्टूडेंट्स की मौत होने के बाद से हड़कंप मचा हुआ है. छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. उनमें इस गंभीर मुद्दे पर विकास दिव्यकीर्ति और अवध ओझा जैसे नामी शिक्षकों की खामोशी पर भी गुस्सा है.
क्यों खामोश हैं दोनों?
सोशल मीडिया पर भी विकास दिव्यकीर्ति और अवध ओझा को निशाना बनाया जा रहा है. उनका कहना है कि पढ़ाते-पढ़ाते खुद ही इथिक्स भूल गए हैं. स्टूडेंट्स सवाल पूछ रहे हैं कि बड़ी-बड़ी बातें करने वाले ये दोनों शिक्षक अब कहां हैं? क्यों दोनों इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोल रहे? नाराज छात्रों का कहना है कि सोशल मीडिया पर हमेशा एक्टिव रहने वाले विकास दिव्यकीर्ति और अवध ओझा स्टूडेंट्स के लिए एक पोस्ट तक नहीं कर पाए हैं. लोगों में इस बात को लेकर भी नाराज़गी है कि मोटीवेशनल बातें करने वाले विकास दिव्यकीर्ति भी नियमों के विरुद्ध कोचिंग सेंटर चला रहे हैं.
UPSC किया था क्रैक
चलिए विकास दिव्यकीर्ति और अवध ओझा के बारे मन विस्तार से जानते हैं. डॉ. विकास दिव्यकीर्ति की गिनती देश के सबसे सम्मानित शिक्षकों में होती है. दिव्यकीर्ति के पिता प्रसिद्ध हिंदी साहित्य प्रोफेसर थे और मां भिवानी में एक पीजीटी शिक्षक थीं. विकास दिव्यकीर्ति के दो बड़े भाई हैं. एक अमेरिका में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और दूसरा सीबीआई में कार्यरत. उन्होंने साल 1996 में यूपीएससी में AIR 384 रैंक हासिल की थी. इसके बाद उन्होंने कुछ समय तक गृह मंत्रालय में काम लिया. लेकिन शिक्षण के पति अपने प्रेम के चलते नौकरी छोड़ दी. 1999 में विकास दिव्यकीर्ति ने दिल्ली के मुखर्जी नगर में दृष्टि आईएएस कोचिंग सेंटर की स्थापना की.
इतने अमीर हैं विकास
सिविल सर्विस की तैयारी करने वाले अधिकांश स्टूडेंट्स की यही चाहत होती है कि उन्हें विकास दिव्यकीर्ति ट्यूशन दें. इसी वजह से दृष्टि आईएएस के सभी बैच फुल रहते हैं. दिव्यकीर्ति सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं. उनका अपना यूट्यूब चैनल है, जहां वे मोटीवेशनल वीडियो पोस्ट करते रहते हैं. वह कोचिंग सेंटर के साथ-साथ यूट्यूब से भी मोटी कमाई करते हैं. रिपोर्ट्स की मानें तो डॉक्टर विकास दिव्यकीर्ति 25 करोड रुपए की संपत्ति के मालिक हैं. उनकी सालाना इनकम 2 करोड रुपए से भी ज्यादा है और महीने वह लगभग 20 लाख रुपए कमा लेते हैं.
मेंस में रहे गए थे ओझा
इस फील्ड में अवध ओझा भी बड़ा नाम हैं. ओझा सालों से यूपीएससी की कोचिंग देते आ रहे हैं. वह पढ़ाने के अपने अनूठे अंदाज के लिए पहचाने जाते हैं. अवध ओझा भी सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं और Youtube पर उनके सैकड़ों फॉलोअर्स हैं. उनके यूट्यूब चैनल का नाम RAY Avadh Ojha है. उन्होंने UPSC का मेंस क्लियर नहीं करने के बाद पढ़ाना शुरू किया था. शुरुआत में उन्हें स्टूडेंट्स को खुद से जोड़े रखने में परेशानी हुई, लेकिन अब छात्र खुद ब खुद उनकी तरफ दौड़े चले आते हैं. अवध ओझा ने 2020 में अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया, जो आज काफी लोकप्रिय है. इसके साथ ही उन्होंने एक ऑफिशियल ऐप भी लांच किया, जिसका नाम Avadh Ojha है. वह IQRA IAS के संस्थापक भी हैं.
चुनाव लड़ने की थी चर्चा
अवध ओझा के लोकसभा चुनाव लड़ने की भी चर्चा थी. माना जा रहा था कि वह भाजपा की टिकट पर अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कर सकते हैं. मार्च में उनके उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा से मुलाकात के बाद इस चर्चा ने जोर पकड़ लिया था. हालांकि, यह चर्चा केवल चर्चा तक ही सीमित होकर रह गई. ओझा के पास भी करोड़ों की संपत्ति है. सोशल मीडिया से भी उन्हें अच्छी-खासी कमाई हो जाती है.
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