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चीन की इकोनॉमी का हो रहा बंटाधार, ब्याज दरें घटाकर सबको चौंकाया!
चीन के केंद्रीय बैंक The People's Bank of China ने ब्याज दरों में 0.10% की कटौती कर दी है. एक साल के लोन की ब्याज दर अब 2.85% से घटकर 2.75% हो गई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्ली: जब पूरी दुनिया में महंगाई को काबू करने के लिए ब्याज दरें बढ़ाने का सिलसिला चल रहा है, ऐसे में चीन की कम्यूनिस्ट सरकार ने ब्याज दरों में कटौती करके सबको चौंका दिया. ये कटौती ऐसे वक्त पर आई है जब राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सिर पर कुर्सी जाने का खतरा मंडरा रहा है. शी जिनपिंग किसी भी कीमत पर अपनी तीसरी पारी को जारी रखना चाहते है, लेकिन हालात उनके साथ नहीं दिख रहे हैं. बेरोजगारी अपने चरम पर है, देश की फैक्ट्रियों का शोर थम रहा है, ऐसे में चीन के पास ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए ब्याज दरें बढ़ाने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं था, लेकिन इससे चीन को कुछ हासिल होगा, इससे अर्थशास्त्री इत्तेफाक नहीं रखते.
चीन ने ब्याज दरें घटाई
चीन के केंद्रीय बैंक The People's Bank of China ने ब्याज दरों में 0.10% की कटौती कर दी है. एक साल के लोन की ब्याज दर अब 2.85% से घटकर 2.75% हो गई है. अब सवाल उठता है कि चीन ने आखिर ऐसा किया क्यों. दरअसल चीन पहले से ही रियल एस्टेट सेक्टर के संकट और लॉकडाउन की वजह से ग्रोथ की गिरावट को झेल रहा है. जुलाई में आए फैक्ट्री उत्पादन, निवेश, कंज्यूमर खर्च, बिक्री के कड़ों ने इस बात पर मुहर लगा दी है कि चीन की इकोनॉमी धीरे-धीरे खोखली हो रही है.
चीन में बेरोजगारी बढ़ी, उत्पादन घटा
अब एक नजर सोमवार को आए, फैक्ट्रा उत्पादन, बेरोजगारी और बिक्री के आंकड़ों पर डालते हैं. नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टेटिक्स की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक जुलाई में चीन का फैक्ट्री उत्पादन ग्रोथ घटकर 3.8 परसेंट पर आ गया है, जो कि पिछले महीने से 0.1 परसेंट कम है. कंज्यूमर खर्च 0.4 परसेंट कम होकर 2.7% परसेंट पर आ गया है. घरों और दूसरे कमर्शियल रियल एस्टेट की बिक्री भी पिछले साल के मुकाबले 28.8% गिरी है. 16-24 साल उम्र वर्ग के लिए बेरोजगारी दर बढ़कर 19.9 परसेंट पर पहुंच गई है, जो कि अबतक का सबसे ऊंचा स्तर है.
दुनिया पर क्या होगा असर
चीन पूरी दुनिया के लिए मैन्यूफैक्चरिंग हब है, एप्पल के आईफोन से लेकर दुनिया का हर छोटा-बड़ा, सस्ता और लग्जरी सामान सबकुछ चीन में ही बनता है. अगर चीन की फैक्ट्रियां सुस्त पड़ी दुनिया की हर कंपनी पर इसका असर देखने को मिलेगा. ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए चीन के केंद्रीय बैंक ने भले ही ब्याज दरों में 0.1 परसेंट की कटौती की हो, लेकिन अर्थशास्त्री मानते हैं कि इसका बहुत ज्यादा फायदा नहीं होगा, क्योंकि सख्त कोविड नियंत्रण की वजह से लोग और कारोबार कर्ज लेने से कतराएंगे. इसका सबसे बड़ा उदाहरण है कि जुलाई में नए कर्ज लेने की रफ्तार 2017 के बाद से सबसे कम रही है. लोग नए कर्ज लेंगे ये तब होगा जब उनका भरोसा वापस लौटेगा, जिसमें अभी वक्त लगेगा.
चीन का ग्रोथ अनुमान कमजोर
Cornell University के प्रोफेसर ईश्वर प्रसाद का कहना है कि सरकारी नीतियों के साथ-साथ अर्थव्यवस्था की संभावनाओं के बारे में बढ़ती चिंता के कारण, घरेलू मांग में ग्रोथ नाजुक बनी हुई है, इसलिए PBOC मांग बढ़ाने के लिए कम से कम व्यापार और उपभोक्ता विश्वास का समर्थन करने के लिए करने की कोशिश कर रहा है. Standard Chartered के अर्थशास्त्रियों ने चीन के लिए साल 2022 के अपने ग्रोथ अनुमानों में कटौती की है. पहले चीन का ग्रोथ अनुमान 4.1% था जिसे घटाकर अब 3.3 परसेंट कर दिया है.
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