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चीन में iPhone पर लगाए गए Ban के क्या हैं मायने, Apple के लिए कितना बड़ा झटका?

चीन और अमेरिका के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर टकराव है. दोनों देश एक-दूसरे के खिलाफ कड़े फैसले लेते रहे हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

चीन (China) की अर्थव्यवस्था के लिए पिछला कुछ समय अच्छा नहीं रहा है. उसे तमाम मोर्चों पर परेशानियों का सामना करना पड़ा है. वैश्विक कंपनियां तेजी से China + 1 की पॉलिसी अपना रही हैं, जिससे उसकी परेशानियों की खाई और चौड़ी हो गई है. इस बीच, चीन की कम्युनिस्ट सरकार ने चौंकाने वाला फैसला लेते हुए iPhone पर अघोषित बैन लगा दिया है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन ने अपनी सरकारी एजेंसियों के स्टॉफ को आईफोन ऑफिस नहीं लाने का निर्देश दिया है.

बैन का दायरा बढ़ाने की तैयारी
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह भी बताया गया है कि चीनी सरकार इस प्रतिबंध को कई राज्य-स्वामित्व वाले इंटरप्राइज और अन्य सरकारी संगठनों तक बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है. हालांकि अभी तक इस बारे में कोई लिखित आदेश नहीं दिया गया है, इसलिए यह पता लगाना मुश्किल है कि कितनी एजेंसियों ने इस प्रतिबंध को अपनाया है. कहा जा रहा है कि सरकार के इस रुख को ध्यान में रखते हुए कई दूसरी कंपनियां भी अपने वर्कप्लेस पर Apple डिवाइस को बैन कर सकती हैं या कर्मचारियों को इसके उपयोग से पूरी तरह बचने का निर्देश दे सकती हैं. 

चीनी कदम की ये है वजह 
चीन के इस कदम के कई मायने निकाले जा रहे हैं. कुछ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह चीन और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव का नतीजा है. ताइवान सहित विभिन्न मुद्दों पर दोनों देशों के बीच टकराव है. दोनों एक-दूसरे की आर्थिक नब्ज दबाने के लिए कदम उठाते रहते हैं. Apple अमेरिकी कंपनी है और उसे चोट पहुंचाकर शी जिनपिंग सरकार अमेरिका को चोट पहुंचाना चाहती है. वहीं, कुछ मानते हैं कि चीन की कम्युनिस्ट सरकार Apple पर दबाव डालना चाहती है, ताकि वो भारत पर फोकस करने के बजाए उसी पर केंद्रित रहे. दरअसल, Apple चीन से iPhone की मैन्युफैक्चरिंग भारत और वियतनाम जैसे देश में शिफ्ट कर रही है. भारत को लेकर Apple की बड़ी योजनाएं हैं, जो चीन को पसंद नहीं आ रही हैं. 

Apple के सबसे मार्केट में शामिल 
चीन ने भले ही आम पब्लिक के लिए iPhone बैन नहीं किया है, लेकिन भविष्य में ऐसा नहीं होगा इससे इंकार नहीं किया जा सकता. चीन के मौजूदा कदम से ही Apple को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है. इस अमेरिकी कंपनी के लिए चीन सबसे बड़े मार्केट में से एक है. Apple की पिछले वर्ष की कुल इनकम में चीन की हिस्सेदारी लगभग 20% थी. इतना ही नहीं, पिछली तिमाही में चीन में बेचे गए आईफोन की कुल संख्या अमेरिका से भी ज्यादा रही थी. बैन की खबर सामने आने के बाद Apple के शेयरों में 2.9% की गिरावट आई थी और कंपनी को मात्र दो दिनों 200 बिलियन डॉलर तक का नुकसान उठाना पड़ा है.    
 


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