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महंगाई दर 71%, ब्याज दर 69.5% और 1 महीने में 3 वित्त मंत्री, कौन है ये खस्ताहाल देश
खराब होती आर्थिक स्थिति को पटरी पर लाने में नाकाम रहने के बाद राष्ट्रपति अल्बर्टो फर्नांडीज के लंबे समय के वित्त मंत्री मार्टिन गुजमैन ने जुलाई में इस्तीफा दे दिया था.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्ली: पूरी दुनिया में महंगाई ने केंद्रीय बैंकों की मुश्किलें बढ़ा रखी हैं, बेकाबू महंगाई को काबू करने के लिए अमेरिका से लेकर यूरोप तक के सेंट्रल बैंक्स ब्याज दरों में लगातार इजाफा करते जा रहे हैं, जिसका असर भी दिखना शुरू हो चुका है. लेकिन कुछ देश ऐसे भी हैं जहां महंगाई इतनी है कि आपको यकीन नहीं होगा. ऐसा ही एक देश है अर्जेंटीना, जिसके बारे में ये कहा जाने लगा है कि एक दुकान से दाम पूछकर अगली दुकान पहुंचेंगे तो दाम बढ़ जाएंगे.
अर्जेंटीना में महंगाई दर 71%
ब्राजील के बाद साउथ अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े देश अर्जेंटीना में महंगाई ने 20 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, यहां महंगाई दर 8 या 10 परसेंट नहीं 71 परसेंट पर पहुंच चुकी है, जिसे काबू करने के लिए अर्जेंटीना के सेंट्रल बैंक ने ब्याज दरों में 9.5 परसेंट का इजाफा कर दिया है, इस बढ़ोतरी के बाद यहां ब्याज दर 69.5 परसेंट हो चुकी है, जो कि दो हफ्ते पहले तक 60 परसेंट थी, जब सेंट्रल बैंक ने 8 परसेंट की बढ़ोतरी की थी. आपको बता दें कि जुलाई में महंगाई दर 7.4 परसेंट बढ़ी थी, जो कि उम्मीद से कहीं ज्यादा थी, जिसकी वजह से महंगाई दर अब 71 परसेंट पर जा चुकी है.
एक महीने में 3 वित्त मंत्री
यहां महंगाई इस कदर बेकाबू हो चुकी है कि सरकार से संभले नहीं संभल रही. खराब होती आर्थिक स्थिति को पटरी पर लाने में नाकाम रहने के बाद राष्ट्रपति अल्बर्टो फर्नांडीज के लंबे समय के वित्त मंत्री मार्टिन गुजमैन ने जुलाई में इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद उनकनी जगह पर सिल्विना बटाकिस को जिम्मेदारी सौंपी गई, लेकिन उन्होंने भी सिर्फ एक महीने में ही पद छोड़ दिया, इसके बाद अर्जेंटीना की कैबिनेट में बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए, गुजमैन और बटाकिस के जाने के बाद इकोनॉमी को संभालने की जिम्मेदारी सर्जियो मासा को दी गई है. यानी महीने भर में अर्जेंटीना में तीन वित्त मंत्री बने. मासा ने आते ही कई फैसले लिए, उन्होंने ब्याज दरों को बढ़ाने का बढ़ाने के साथ साथ सेंट्रल बैंक से सरकार के खर्चों के लिए नए नोट प्रिंट नहीं करने का फैसला किया. इसके अलावा वित्तीय स्थिरता के लिए यूटिलिटी बिल्स में सब्सिडी को खत्म करने का फैसला भी किया है.
$45 अरब का कर्ज
अर्जेंटीना के सेंट्रल बैंक ने एक बयान में उम्मीद जताई है कि ये फैसला महंगाई को कम करने में मदद करेगा और वित्तीय स्थिरता लाएगा. सेंट्रल बैंक का कहना है कि इस फैसले से ब्याज दरें पॉजिटिव सीमा में आ जाएंगी. पॉजिटिव इंटरेस्ट रेट को लेकर अर्जेंटीना और इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड के बीच एक सहमति का बिंदु है, जो कि 45 अरब डॉलर के कर्ज के समय किया गया था. हालांकि ये अनुमान है कि अर्जेंटीना में इस साल के अंत तक महंगाई दर 90 परसेंट तक जा सकती है.
अगले साल चुनाव
महंगाई रोकने में नाकाम और सरकार की नीतियों से नाराज अर्जेंटीना के लोग भी सड़क पर उतर आए, ठीक वैसे ही जैसे श्रीलंका में लोग उतर आए थे. अर्जेंटीना में लोगों ने वित्त मंत्री की गाड़ी को रोककर अपना विरोध प्रदर्शन किया. अर्जेंटीना में महंगाई ने अतीत में सरकारें गिराईं हैं, उसी रास्ते पर मौजूदा राष्ट्रपति भी चल रहे हैं, इसलिए राष्ट्रपति को आसमान छूती महंगाई को काबू में करने के लिए कोई रास्ता तलाशना होगा. ये इसलिए भी ज़रूरी है क्योंकि 2023 में चुनाव होने वाले हैं.
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