होम / एक्सप्लेनर / बुरा बीता 2023, जानिये 2024 का क्या होगा हाल? ज्यादातर लोगों के हैं ये विचार!
बुरा बीता 2023, जानिये 2024 का क्या होगा हाल? ज्यादातर लोगों के हैं ये विचार!
65% भारतीयों ने 2023 को भारत के लिए एक बुरा वर्ष बताया और 64% लोगों ने इसे अपने और अपने परिवार के लिए बुरा वर्ष बताया.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
शहर में रहने वाले 87% भारतीय लोगों और पूरी दुनिया के 70% लोगों का अनुमान है कि 2024 एक बेहतर वर्ष होगा और इप्सोस ग्लोबल (Ipsos Global) द्वारा 2024 के लिए की गई भविष्यवाणी भी यही है. इसके साथ ही 10 में से 8 शहरी भारतीयों यानी लगभग 84% लोगों का कहना है कि वे 2024 में अपने लिए व्यक्तिगत प्रण और महत्त्वपूर्ण बदलाव करने के इच्छुक हैं. 85% भारतीय लोगों को यह उम्मीद है कि 2024 में वैश्विक अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन और बेहतर होगा.
बुरा बीता वर्ष 2023
स्थानीय के साथ-साथ वैश्विक फैसलों के नजरिये से भी वर्ष 2023 काफी निराशा भरा बीता था. 65% शहरी भारतीयों ने इसे भारत के लिए एक बुरा वर्ष बताया और 64% लोगों ने इसे अपने और अपने परिवार के लिए एक बुरा वर्ष बताया. दुनिया में मौजूद 70% लोगों ने महसूस किया कि यह उनके देश के लिए भी एक बुरा वर्ष था और दुनिया में मौजूद हर 2 में से 1 व्यक्ति यानी 53% लोगों ने महसूस किया कि यह उनके और उनके परिवारों के लिए एक बुरा वर्ष था. वर्ष 2023 से सबसे अधिक निराश मार्केटों में अर्जेंटीना (88%), स्वीडन (84%), तुर्की (84%), ग्रेट ब्रिटेन (83%), पुर्तगाल (82%), दक्षिण कोरिया (82%) और हंगरी (82%) का नाम शामिल है. सर्वे में 2024 के लिए नागरिकों की भविष्यवाणियों के साथ-साथ कई मुद्दों पर उनके विचारों को भी शामिल किया गया है.
अर्थव्यवस्था को लेकर क्या है विचार?
अधिकांश शहरी भारतीयों को उम्मीद है कि जीवन जीने की लागत में वृद्धि देखने को मिल सकती है. 71% लोगों का मानना है कि देश में लोगों की कमाई के मुकाबले कीमतें काफी तेजी से बढ़ेंगी, दुनिया के 79% लोग भी ऐसा ही मानते हैं. शहर में रहने वाले 10 में से 7 भारतीय लोगों यानी लगभग 70% का मानना है कि 2023 की तुलना में 2024 में इन्फ्लेशन भी अधिक होगा. 68% शहरी भारतीयों को उम्मीद है कि 2023 की तुलना में 2024 में ब्याज दरें अधिक होंगी, 66% को उम्मीद है कि 2023 के मुकाबले 2024 में बेरोजगारी भी अधिक होगी
2024 में टेक्नोलॉजी का हाल
2024 में टेक्नोलॉजी का मिलाजुला प्रभाव देखने को मिल सकता है. 61% शहरी भारतीयों को उम्मीद है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से देश में कई नौकरियां खत्म हो जाएंगी. 56% भारतीयों को डर है कि 2024 में उनका निजी डेटा इंटरनेट पर लीक हो जाएगा. 67% शहरी भारतीयों को उम्मीद है कि भारत में डॉक्टर अपने मरीजों के इलाज के बारे में निर्णय लेने के लिए नियमित रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करेंगे. दिलचस्प बात यह है कि 61% शहरी भारतीयों का मानना है कि 2024 में रोबोट, इंसानों की तरह दिखेंगे, सोचेंगे और बोलेंगे. इसके साथ ही एक सबसे बड़ी बात यह भी है कि सर्वेक्षण में शामिल 65% शहरी भारतीयों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से देश में कई नई नौकरियां पैदा होंगी और 57% शहरी भारतीय 2024 में सोशल मीडिया का कम इस्तेमाल करने की योजना बना रहे हैं.
पर्यावरण से संबंधित बड़े फैसले
जलवायु परिवर्तन का प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ रहा है और यह बहुत ही भयावह है. 65% शहरी भारतीयों का मानना है कि 2023 के मुकाबले 2024 में देश में खराब मौसम से संबंधित अधिक घटनाएं देखने को मिल सकती हैं. 60% भारतीयों को डर है कि देश के एक प्रमुख शहर में प्राकृतिक आपदा भी आ सकती है. साथ ही 70% शहरी भारतीयों को लगता है कि औसत वैश्विक तापमान में भी वृद्धि हो सकती है. सर्वे में शामिल 67% शहरी भारतीयों को उम्मीद है कि सरकार 2024 में कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए अधिक महत्ता वाले लक्ष्य पेश करेगी, जबकि 63% शहरी भारतीयों को उम्मीद है कि लोगों की कारों की संख्या को कम करने के लिए सरकार द्वारा अधिक प्रतिबंध लगाए जाएंगे.
2024 में कितना बदलेगा समाज?
2024 के अनुमानों को लेकर लोग आशावादी हैं. 71% शहर में रहने वाले भारतीय लोगों को उम्मीद है कि एक जैसे काम के लिए महिलाओं को पुरुषों के जितना ही वेतन दिया जाएगा. 71% को उम्मीद है कि भारत 2024 में होने वाले ओलंपिक खेलों में पिछले ओलंपिक के मुकाबले अधिक पदक जीतेगा. 66% भारतीयों का मानना है कि देश में लोग एक-दूसरे के प्रति अधिक सहनशील बनेंगे. 69% शहरी भारतीयों का अनुमान है कि ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारी, 2024 में घर की मुकाबले ऑफिस में अधिक समय बिताएंगे. 86% इंडोनेशियाई, 78% मलेशियाई और 76% चीनी लोग भी ऐसा ही मानते हैं. 63% भारतीय लोगों को उम्मीद है कि 2024 में देश में प्रवासन बढ़ेगा. आगमन की सबसे अधिक भविष्यवाणी करने वाले मार्केटों में पुर्तगाल (87%), तुर्की (82%), सिंगापुर (82%) और इटली (79%) शामिल हैं. साथ ही हर 2 में से 1 यानी 53% भारतीय लोगों को उम्मीद है कि 2024 में देश की जनसंख्या का घट जायेगी. यह अनुमान एक ऐसे देश के लिए लगाया जा रहा है जो दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश बन गया है.
सकारात्मक और सतर्कता
इप्सोस इंडिया (Ipsos India) के CEO अमित अदारकर कहते हैं कि “अधिकांश लोगों का मानना है कि 2024 एक सकारात्मक वर्ष होगा और साथ ही उनकी भविष्यवाणी है कि यह उनके लिए एक बेहतर वर्ष साबित होगा. हालांकि वे इन्ल्फेशन, बढ़ती कीमतों, अधिक ब्याज दरों और अधिक बेरोजगारी के मामले में एक कठिन वर्ष के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं." ज्यादातर लोगों का मानना है कि वर्ष 2023 एक बुरा वर्ष था. इस वर्ष इन्फ्लेशन, आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि, ईंधन की कीमतों में वृद्धि, सूखे और बाढ़ और कुछ हिस्सों में हिंसा के कारण देश के काफी हिस्सों में उथल-पुथल देखने को मिली है. 2024 के लिए लोगों की भविष्यवाणियां काफी हद तक आशावादी हैं. जैसे, ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारियों का ऑफिस ज्यादा जाना, कार्बन फूटप्रिंट को कम करने के लिए सरकार द्वारा कड़े कदम उठाया जाना, एक जैसा काम करने वाले पुरुषों के साथ महिलाओं को एक जैसा वेतन मिलना, नागरिकों का एक दूसरे के प्रति अधिक सहनशील बनना और ओलंपिक खेलों में भारत अधिक पदक जीतेगा. AI से कुछ नौकरियां खत्म होने और नई नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है, इसलिए एक बार फिर स्किल्स पर बहुत जोर दिया जाएगा. 2024 के लिए आशावाद के साथ-साथ ज्यादा सतर्क रहने की भी जरूरत है, क्योंकि एक नई और अधिक गंभीर महामारी और प्राकृतिक आपदाओं की संभावना भी बनी हुई है"
यह भी पढ़ें: Dish TV के शेयरधारकों ने उठाया चौंकाने वाला कदम, लगभग पूरे Board को किया बाहर!
टैग्स