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आज से बदल रहे हैं Income Tax के नियम, नहीं है जानकारी तो हो सकता है नुकसान
1 अप्रैल से नई टैक्स रिजीम ही डिफॉल्ट टैक्स रिजीम के रूप में लागू हो जायेगी जिसकी वजह से इनकम टैक्स के बहुत से नियमों में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
1 अप्रैल 2023 से इनकम टैक्स के नियमों में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं. 1 अप्रैल से लागू होने वाले कुछ प्रमुख बदलावों में इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव, टैक्स में मिलने वाली छूट में वृद्धि और डेब्ट म्युचुअल फंड्स पर LTCG (लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन) के टैक्स फायदों का हट जाना जैसे बदलाव प्रमुख रूप से शामिल हैं.
लागू हो रही है नयी टैक्स
1 अप्रैल से नई टैक्स रिजीम ही डिफॉल्ट टैक्स रिजीम के रूप में लागू हो जायेगी जिसकी वजह से इनकम टैक्स के बहुत से नियमों में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे. टैक्स देने वाले लोग अभी भी पिछली रिजीम का चुनाव कर सकते हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सैलरी प्राप्त करने वाले लोगों और पेंशनरों को नए सिस्टम में 15 लाख से ऊपर की कमाई पर 52,500 रुपये का स्टैण्डर्ड टैक्स देना होगा. नई टैक्स रिजीम के अंतर्गत किये जाने वाले कुछ अन्य बड़े बदलाव ये हैं:
टैक्स पर मिलेगी ज्यादा छूट
नई टैक्स रिजीम के अंतर्गत टैक्स में मिलने वाली छूट को बढ़ा दिया गया है. पुराने सिस्टम में 5 लाख की सीमा तक टैक्स पर छूट दी जाती थी. बहुत लम्बे समय से टैक्स देने वाले लोगों की मांग थी कि टैक्स में मिलने वाली छूट को बढ़ाया जाए. बजट 2023 में लोगों की इस मांग को पूरा करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैक्स में मिलने वाली छूट को बढ़ाकर 7 लाख कर दिया था और इसे 1 अप्रैल से लागू कर दिया जायेगा. 1 अप्रैल से 7 लाख तक की आय वाले किसी भी व्यक्ति को टैक्स में छूट का फायदा उठाने के लिए किसी प्रकार के इन्वेस्टमेंट की जरूरत नहीं होगी. टैक्स में मिलने वाली छूट को 12,500 से बढ़ाकर 25,000 कर दिया गया है.
स्टैण्डर्ड कटौती में नहीं होगा बदलाव
नए सिस्टम में टैक्स की स्टैण्डर्ड कटौती पर किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है. 1 अप्रैल से सैलरी प्राप्त करने वाले लोगों और पेंशनरों को 15.5 लाख से ज्यादा की कमाई पर 52,500 रुपयों का स्टैण्डर्ड टैक्स देना होगा. पुरानी टैक्स व्यवस्था में 15 लाख से ज्यादा की आय वाले लोगों और पेंशनरों को 50,000 रुपये का स्टैण्डर्ड टैक्स देना होता था. इसीलिए ये कहा जा सकता है कि, टैक्स की स्टैण्डर्ड कटौती में किसी प्रकार का कोई बाद,आव नहीं किया गया है.
नए इनकम टैक्स स्लैब
बजट 2023 में नए इनकम टैक्स स्लैब की भी घोषणा की गयी थी और साथ ही इनकम टैक्स स्लैब्स की संख्या में भी बद्द्लाव किया गया था. 1 अप्रैल से लागू होने वाले नए टैक्स स्लैब और रेट्स कुछ इस प्रकार हैं-
3 लाख तक की आय वालों को किसी प्रकार का कोई टैक्स नहीं देना होगा.
3 से 6 लाख प्रतिवर्ष तक की आय पर 5% के रेट से टैक्स लगाया जाएगा
6 से 9 लाख प्रतिवर्ष तक की आय पर 10% के रेट से टैक्स लगाया जाएगा
9 से 12 लाख प्रतिवर्ष तक की आय पर 15% के रेट से टैक्स लगाया जाएगा
12 से 15 लाख प्रतिवर्ष तक की आय पर 20% के रेट से टैक्स लगाया जाएगा
15 लाख प्रतिवर्ष से ज्यादा की आय पर 30% के रेट से टैक्स लगाया जाएगा
LTA (छुट्टी और ट्रैवलिंग के लिए मिलने वाले भत्ते) में भी किया गया बड़ा बदलाव
गैर सरकारी कर्मचारी एक निश्चित सीमा तक ही अपनी छुट्टी के लिए भुगतान प्राप्त कर सकते हैं. इस लिमिट को ही LTA यानी लीव एंड ट्रैवल अलाउंस बोला जाता है. साल 2002 तक LTA की सीमा 3 लाख होती थी लेकिन बजट 2023 में इसे बढ़ाकर 25 लाख कर दिया गया है. 1 अप्रैल से LTA की ये नई सीमा लागू कर दी जायेगी.
इन म्युचुअल फंड्स पर नहीं मिलेगा LTCG टैक्स का फायदा
यह 1 अप्रैल से लागू होने वाले सबसे बड़े बदलावों में से एक है. आपको बता दें कि इस वक्त 3 सालों से ज्यादा समय तक जारी रहने वाले डेब्ट फंड्स को लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट माना जाता है और इस लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट से होने वाले फायदों पर टैक्स की छूट भी मिलती है. लेकिन 1 अप्रैल से डेब्ट म्युचुअल फंड्स को शोर्ट टर्म कैपिटल गें स्कीम माना जाएगा और उचित रेट के आधार पर इनमें टैक्स की कटौती भी की जायेगी. इसके साथ ही, डेब्ट म्युचुअल फंड्स के टैक्स इंडेक्सेशन पर मिलने वाली 20% की छूट को भी खत्म कर दिया जाएगा.
MLD (मार्केट लिंक्ड डिबेंचर्स) में भी होगा बदलाव
1 अप्रैल के बाद्द MLD को शॉर्ट टर्म कैपिटल एसेट्स माना जाएगा और अब MLD पर इन्वेस्टर के स्लैब रेट के अनुसार टैक्स लागाया जाएगा. आपको बता दें कि, पहले MLD पर केवल 10% के रेट से टैक्स लगाया जाता था लेकिन 1 अप्रैल से यह खत्म हो जाएगा.
जीवन बीमा पॉलिसी पर भी कटेगा टैक्स
सालाना स्तर पर 5 लाख से ज्यादा प्रीमियम वाली लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी पर भी 1 अप्रैल से टैक्स लगना शुरू हो जाएगा. लेकिन आपको बता दें कि, ये नया इनकम टैक्स रूल ULIP यानी यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान्स पर लागू नहीं होगा.
वरिष्ठ नागरिकों को अब होंगे और ज्यादा फायदे
1 अप्रैल से वरिष्ठ नागरिक बचत योजना की जमा राशि 15 लाख से बढ़ाकर 30 लाख कर दी जायेगी. मासिक आय भुगतान योजना के विकल्प को चुनने पर सिंगल अकाउंट में जमा की जाने वाली आधिकतम राशि को बढ़ाकर 9 लाख रुपये कर दिया गया है और जॉइंट अकाउंट के लिए इस सीमा को बढ़ाकर 15 लाख कर दिया गया है.
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