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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: संघर्ष से सेवा तक भारत के संकल्प पुरुष
नरेंद्र मोदी एक ऐसा व्यक्तित्व हैं जिनमें भारत के किसान, वैज्ञानिक, श्रमिक, महिला, युवा हर वर्ग खुद को जुड़ा महसूस करता है. उन्होंने लोगों के अंदर ‘भारतीय होने’ का गौरव फिर से जगाया.
कपिल मिश्रा 9 months ago
संघर्ष, भ्रष्टाचार, दिशाहीनता और अविश्वास के दौर में जब भारत इतिहास के एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा था, तब एक नेतृत्व उभरा जिसने न केवल देश की नब्ज को पहचाना, बल्कि उसकी धड़कनों को दिशा भी दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उस चेतना के नाम हैं, जो देश को सिर्फ चलाते नहीं, उसे एक विचार, एक आंदोलन, और एक समर्पण में परिवर्तित कर देते हैं.
देश की राजनीति में ऐसे व्यक्तित्व विरले ही आते हैं जो शासन को सेवा में बदल दें, और सत्ता को जनसाधारण के चरणों में समर्पित कर दें. नरेंद्र मोदी उस परंपरा के वाहक हैं, जिन्होंने ‘प्रधानमंत्री’ नहीं, ‘प्रधान सेवक’ बनकर भारत को एक नई राह दिखाई.
दिल्ली से लेकर देश के कोने-कोने तक, करोड़ों लोगों के मन में मोदी जी के लिए जो श्रद्धा है, वह केवल एक नेता के लिए नहीं, बल्कि एक विचार और विश्वास के लिए है. मैं मोदी जी को भारत का संकल्प पुरुष मानता हूं, उनकी दृष्टि में केवल ‘विकास’ नहीं, बल्कि अंत्योदय है.
एक नेता, जो हर भारतीय के भीतर बसे हैं
मोदी जी की सबसे बड़ी शक्ति यह रही है कि उन्होंने भारतीय होने का गर्व पुनर्स्थापित किया. वे सिर्फ नीति नहीं लाए, उन्होंने राष्ट्रीय चेतना को पुनर्जागृत किया.
वो खेतों में काम कर रहे किसान के पसीने में भी हैं, और चांद पर उतरते वैज्ञानिक के सपनों में भी.
उनके कार्यकाल में, भारत केवल एक भूगोल नहीं, बल्कि एक स्वाभिमानी संस्कृति, एक मजबूत राष्ट्र और एक वैश्विक नेतृत्वकर्ता के रूप में उभरा है. उनकी सोच यह नहीं रही कि सरकार क्या कर सकती है, बल्कि यह रही कि जनता को सरकार से क्या अपेक्षा है और वह उसमें कैसे भागीदार बन सकती है.
अंत्योदय से आत्मनिर्भरता तक की यात्रा
मोदी जी का भारत के गरीब, पिछड़े, श्रमिक, किसान, महिलाओं और युवाओं के प्रति जो समर्पण है, वह योजनाओं में नहीं, बल्कि उन योजनाओं के प्रभाव में दिखता है.
किसी भी आम जन या फिर भाजपा के नेता या कार्यकर्ता की बातों में जब मोदी जी के लिए सम्मान झलकता है, तो वह इसलिए नहीं कि वे प्रधानमंत्री हैं, बल्कि इसलिए कि उन्होंने खुद को हर आम आदमी की उम्मीद का नाम बना दिया है.
उज्ज्वला, जनधन, आयुष्मान, स्वच्छ भारत, डिजिटल इंडिया, हर घर जल, नारी शक्ति वंदन अधिनियम हर पहल के मूल में मोदी जी का यही दर्शन है कि विकास तब तक अधूरा है जब तक अंतिम व्यक्ति तक न पहुँचे.
भारत की आत्मा को फिर से जागृत करने वाला नेतृत्व
कभी रामलला के मंदिर में न्याय की प्रतीक्षा रही, तो कभी धारा 370 ने भारत की एकता को बाँध रखा था. लेकिन मोदी जी ने राजनीति को साहस और सिद्धांतों का माध्यम बनाकर इन ऐतिहासिक प्रश्नों को निर्णायक उत्तर दिए.
मोदी जी ‘भारत माता का सच्चा पुत्र’ हैं, और यह केवल सम्मान नहीं, बल्कि उस आस्था की अभिव्यक्ति है जो मानती है कि मोदी जी भारत के लिए नहीं, भारत के साथ जीते हैं.
संघर्ष, सेवा और संकल्प का दूसरा नाम: नरेंद्र मोदी
मोदी जी की जीवन यात्रा संघर्षों से भरी रही, एक चाय बेचने वाले बालक से लेकर विश्व के सबसे लोकप्रिय और प्रभावशाली नेताओं में से एक बनने तक.
लेकिन जो बात उन्हें सबसे अलग बनाती है, वह है उनका निरंतर प्रयास, उनकी स्पष्टता, और उनका अदम्य आत्मबल.
मोदी जी "आधुनिक युग का शिवाजी" या "भारत की आत्मा के रक्षक" हैं और यह केवल शब्दों की प्रशंसा नहीं, बल्कि एक युगद्रष्टा के प्रति कृतज्ञता है.
भारत को नरेंद्र मोदी पर गर्व है
आज जब नरेंद्र मोदी जी अपना जन्मदिन मना रहे हैं, यह अवसर है केवल उन्हें शुभकामनाएं देने का नहीं, बल्कि उस संकल्प को दोहराने का जो उन्होंने देश से किया है, विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत, और गर्वित भारत का निर्माण.
यह लेख उन सभी भावनाओं का प्रतीक है, जो दिल्ली जैसे महानगरों से लेकर भारत के छोटे-छोटे गाँवों तक, करोड़ों दिलों में उनके लिए बसती हैं.
यह एक विनम्र श्रद्धांजलि है, एक सच्चे जननायक को, जिसे देश ने नहीं चुना, बल्कि जिसे भारत माता ने गढ़ा है.
जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी!
अतिथि लेखक- कपिल मिश्रा, कैबिनेट मंत्री, दिल्ली सरकार
(कपिल मिश्रा वर्तमान में दिल्ली विधानसभा के करावल नगर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं. उनके पास दिल्ली सरकार में कानून एवं न्याय, श्रम विभाग, रोजगार विभाग , विकास विभाग, कला और संस्कृति विभाग, भाषा विभाग और पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी है. कपिल मिश्रा इससे पहले आम आदमी पार्टी (AAP) से विधायक और मंत्री रह चुके हैं, जहां उन्होंने जल संसाधन और पर्यटन जैसे विभागों की जिम्मेदारी संभाली. वे राष्ट्रवादी मुद्दों पर मुखरता से बोलते हैं और सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय हैं.)
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