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जानिए कैसे त्‍योहारों पर अपनी रणनीति तैयार करते हैं ब्रैंड्स, क्‍या होती है तैयारी? 

भारत का अलग-अलग कल्‍चर हो या फेस्टिवल इन्‍हें देखकर सभी ब्रैंड्स अपनी तैयारी करते हैं. फेस्टिवल की मार्केटिंग पर वो 70 प्रतिशत खर्च करते हैं जबकि बाकी साल 30 प्रतिशत खर्च करते हैं. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

बिजनेस वर्ल्‍ड के साथ एसोसिएशन में हो रहे GMR Aerocity D2C फेस्‍ट के दूसरे दिन कई ब्रैंड्स के हेड ने इसमें शिरकत की और अपनी सफलता के राज बताए. इस मौके पर आयोजित हुए सेशन में Nirmalaya के Co Founder, BHARAT BANSAL, Chique के फाउंडर SIDDHANT GUPTA, Pride Plaza Hotel के Executive Assistant Manager, MOHIT KHANNA, Fitspire के Founder & CEO VIPEN JAIN, ने भाग लिया. उनके साथ इस सेशन को BW Businessworld की Editorial Lead, REEMA BHADURI को मॉडरेट किया. 

त्‍योहार के अनुसार बनाते हैं रणनीति 
Nirmalaya के Co Founder, BHARAT BANSAL ने इस मौके पर कहा कि हमारे लिए दिवाली और होली सबसे बड़े त्‍योहार होते हैं. हम लोग त्‍योहार से पांच 6 महीने पहले अपनी तैयारी शुरू कर देते हैं. जब हम दिवाली के लिए तैयारी कर रहे होते हैं तो साथ ही साथ हमारी होली के लिए भी तैयारी शुरू हो जाती है. किसी भी ब्रैंड के लिए देश के अलग-अलग कल्‍चर से जुड़ने के लिए वो क्‍या करते हैं इस सवाल के जवाब में भरत ने कहा कि किसी भी राज्‍य में त्‍योहार आता है तो हम अपने ऑनलाइन कैंपेन को उसी अनुसार तय करते हैं, मान लीजिए अगर महाराष्‍ट्र में गणेश चतुर्थी आ रही है तो हम अपने एड को मराठी में करते हैं इसी तरह कई राज्‍यों के अनुसार वहां की भाषा में अपने कैंपेन को तैयार करते हैं. 

त्‍योहारों से तय होती है बाजार की रणनीति 
Chique के फाउंडर SIDDHANT GUPTA, ने कहा कि हम इंडो वेस्‍टर्न वेयर के अलग-अलग परिधानों के रिटेलर हैं. किसी भी ब्रैंड के लिए दिवाली एक बड़ा फेस्टिवल होता है. वेडिंग सीजन भी हमारे लिए काफी बड़ा होता है. हमारे किसी भी प्रोडक्‍ट के लिए तीसरी तिमाही का ये समय हमेशा ही बड़ा होता है. सिर्फ हमारे लिए ही नहीं कई और ब्रैंड्स के लिए भी ये काफी बड़ा होता है.

किसी भी ब्रैंड के लिए देश के अलग-अलग कल्‍चर से जुड़ने के लिए वो क्‍या करते हैं इस सवाल के जवाब में सिद्ार्थ ने कहा कि हर क्षेत्र के अपने त्‍योहार होते हैं. हम इस बात पर काफी फोकस करते हैं कि कहां किस त्‍योहार को कैसे मनाया जाता है. हम जो अपने प्रोडक्‍ट को डिजाइन करते हैं वो उसी अनुसार करते हैं. अपनी मार्केटिंग रणनीति को भी वैसे ही तैयारी करते हैं. 70 प्रतिशत मार्केटिंग बजट हमारा त्‍योहार में जाता है बाकी 30 प्रतिशत वैसे जाता है. 

सक्‍सेस पांच प्‍वॉइंट पर निर्भर करती है
Pride Plaza Hotel के Executive Assistant Manager, MOHIT KHANNA ने कहा कि मेरा मानना है कि किसी भी काम की सफलता पांच पिलर पर निर्भर करती है. आप कन्‍टिन्‍यूटि और सस्‍टेनेबिलिटी, दूसरा हमारे लिए है गेस्‍ट सेटिसफेक्‍शन, हम लोग रेफरल संबंध पर काम करते हैं ऐसे में जब तक हमारे गेस्‍ट संतुष्‍ट नहीं होंगे तब तक हम आगे बिजनेस नहीं मिलेगा, इसी तरह फीडबैक हमें कारोबार को और बेहतर बनाने में मदद करता है.

तीसरा है लोग. आपको लोगों में निवेश करना पड़ेगा तभी आप आगे बढ़ सकते हैं. चौथा है तकनीक. होटल इंडस्‍ट्री में हम लोग भी एआई को लेकर काम कर रहे हैं. पांचवा है आपको ये पता होना चाहिए कि आपके प्रतिद्ंदी क्‍या कर रहे हैं. किसी भी ब्रैंड के लिए देश के अलग-अलग कल्‍चर से जुड़ने के लिए वो क्‍या करते हैं इस सवाल के जवाब में मोहित ने कहा कि हम इसे दो हिस्‍सों में बांटते हैं. इनमें पहला फेस्टिवल है और दूसरा फूड फेस्टिवल है. हम दुर्गा पूजा के दौरान नवरात्रि थाली शुरू करते हैं. वेडिंग सीजन में हमारे लिए बड़ा मौका है. उसमें भी वैसी ही तैयारी करते हैं. 

जो ज्‍यादा दिखता है वो ज्‍यादा बिकता है

Fitspire के Founder & CEO VIPEN JAIN ने कहा कि हम लोग देश की पहली ऐसी कंपनी हैं जो वीगन फूड को लेकर काम कर रहे हैं. भारत में 80 प्रतिशत लोग प्रोटीन की कमी से जूझ रहे हैं, 33 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जो लाइफस्‍टाइल परेशानियों से जूझ रहे हैं, आपके ब्‍लड प्रेशर, सुगर जैसी समस्‍याओं से जूझ रहा है. उन्‍होंने कहा कि बाजार में एक कहावत कही जाती है कि जो ज्‍यादा दिखता है वो ज्‍यादा बिकता है.

देश की 140 बिलियन लोग अलग-अलग संस्‍कृति से जुड़े हुए हैं. अलग-अलग त्‍योहार से जुड़े हुए होते हैं. किसी भी ब्रैंड के लिए देश के अलग-अलग कल्‍चर से जुड़ने के लिए वो क्‍या करते हैं इस सवाल के जवाब में विपिन ने कहा कि हर कल्‍चर से जुड़े लोगों के लिए उसमें कुछ खास होता है. विपिन ने कहा कि मैं मानता हूं कि कल्‍चर और सीजन एक साथ चलते हैं. 


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