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गुरु-शुक्र परिवर्तन 2025: एक दुर्लभ खगोलीय घटना
यह अद्भुत खगोलीय घटना लगभग 12 वर्षों बाद हो रही है. पिछली बार यह मार्च 2013 में हुई थी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
गुरु (बृहस्पति), ज्योतिष के सबसे महत्वपूर्ण धीमी गति से चलने वाले ग्रहों में से एक, सामान्यतः प्रत्येक राशि में एक वर्ष बिताता है. वर्तमान में यह वृषभ राशि (जो शुक्र द्वारा शासित है) में वक्री अवस्था में गोचर कर रहा है. यदि कुंडली में गुरु मज़बूत हो, तो यह कई नकारात्मक प्रभावों को दूर करता है.
दूसरी ओर, शुक्र एक तेज़ गति से चलने वाला ग्रह है, जो सामान्यतः प्रत्येक राशि में लगभग 24 दिनों तक रहता है. यह विलासिता, सुंदरता, इंद्रियों की तृप्ति, परफ्यूम, मनोरंजन और शौक़ को नियंत्रित करता है, जैसा कि वैदिक ज्योतिष में बताया गया है. वर्तमान में शुक्र कुंभ राशि में है और 28 जनवरी 2025 को मीन राशि (जो गुरु द्वारा शासित है) में प्रवेश करेगा. इस परिवर्तन से 14 मई 2025 तक दोनों ग्रहों के बीच एक दुर्लभ योग बनेगा.
यह अद्भुत खगोलीय घटना लगभग 12 वर्षों बाद हो रही है. पिछली बार यह मार्च 2013 में हुई थी. आइए जानते हैं कि इस गोचर का प्रभाव चंद्र राशि या लग्न के आधार पर आप पर कैसा पड़ेगा. ध्यान दें कि अंतिम परिणाम आपकी दशा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर निर्भर कर सकते हैं.
विभिन्न राशियों पर प्रभाव
मेष राशि- दूसरे और बारहवें भाव के स्वामियों के परिवर्तन से आय में वृद्धि हो सकती है, लेकिन खर्चे भी बढ़ेंगे. आंखों से संबंधित समस्याओं पर ध्यान दें. परिवार से अस्थायी दूरी आपके करियर के लिए लाभकारी हो सकती है.
वृषभ राशि- प्रथम और ग्यारहवें भाव के स्वामियों के परिवर्तन से अच्छे कर्मों से लाभ होगा. हालांकि, इस दौरान किसी नई परियोजना में बड़ा निवेश करने या सट्टा लगाने से बचें.
मिथुन राशि- दसवें और बारहवें भाव के स्वामियों के परिवर्तन से पेशेवर मोर्चे पर चुनौतियां आ सकती हैं. बॉस या व्यापारिक साझेदार के साथ संयमपूर्ण व्यवहार रखें.
कर्क राशि- नौवें और ग्यारहवें भाव के स्वामियों के परिवर्तन से कार्यस्थल पर अप्रत्याशित लाभ हो सकते हैं, पदोन्नति के योग बन रहे हैं. यह समय आध्यात्मिक सफलता के लिए भी शुभ रहेगा.
सिंह राशि- आठवें और दसवें भाव के स्वामियों के परिवर्तन से व्यवसाय या करियर में बाधाएं आ सकती हैं. व्यापारिक साझेदार धोखा दे सकते हैं, सतर्क रहें.
कन्या राशि- सप्तम और नवम भाव के स्वामियों का परिवर्तन पारिवारिक संबंधों के लिए शुभ रहेगा. विवाहित लोग धार्मिक यात्राएं कर सकते हैं, व्यापार में सफलता मिल सकती है.
तुला राशि- छठे और आठवें भाव के स्वामियों का परिवर्तन विपरीत राजयोग का निर्माण करता है, जो शुभ माना जाता है. हालांकि, इस समय राहु से पीड़ित शुक्र गुप्त संबंधों का संकेत दे सकता है. इस अवधि में विरासत से लाभ मिलने की भी संभावना है.
वृश्चिक राशि- पंचम और सप्तम भाव के स्वामियों के परिवर्तन से जीवनसाथी के साथ संबंधों में समस्याएं हो सकती हैं. बच्चों के साथ संबंधों को सावधानीपूर्वक संभालें.
धनु राशि- चौथे और छठे भाव के स्वामियों का परिवर्तन स्वास्थ्य समस्याएं ला सकता है, इस अवधि में वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं. सामाजिक सेवा में रुचि बढ़ सकती है.
मकर राशि- तृतीय और पंचम भाव के स्वामियों का परिवर्तन साहसिक निर्णयों से लाभ दिला सकता है. विदेश में उच्च शिक्षा के प्रयासों में सफलता मिल सकती है, माता-पिता को उपहार देना शुभ रहेगा.
कुंभ राशि- दूसरे और चौथे भाव के स्वामियों का परिवर्तन मातृ पक्ष से लाभ दिला सकता है, अप्रत्याशित संपत्ति लाभ भी संभव है. विद्यार्थी परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करेंगे.
मीन राशि- प्रथम और तृतीय भाव के स्वामियों का परिवर्तन भाई-बहनों के साथ विवाद का कारण बन सकता है. हालांकि, खेलों से जुड़े लोग शानदार प्रदर्शन करेंगे.
(डिस्क्लेमर: यह लेख ग्रहों की स्थिति और शोध पर आधारित है. लेखक किसी भी व्यक्ति/कंपनी द्वारा इस पढ़ाई के आधार पर किए गए स्टॉक मार्केट, कीमती धातुओं या गेमिंग ऐप में निवेश से होने वाले किसी भी नुकसान के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.)
(लेखक- संजय चौधरी, कर्म ध्यान एस्ट्रोलॉजी में प्रिंसिपल कंसल्टेंट)
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