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इस तरह इस्तेमाल किया तो सोना बन सकता है आपका बेस्ट इन्वेस्टमेंट

MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर सोने की कीमतों में 8% की बढ़त देखने को मिली है और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने की कीमतों में 7.5% वृद्धि देखने को मिली है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

Prathmesh Mallya, AVP Non-Agro Commodity and Currency Research Angel One Limited 

 

 

गोल्ड यानी सोने की कीमतों ने पिछले 5 सालों में से 3 सालों में डबल डिजिट रिटर्न्स दिए हैं. हालांकि साल 2022 में अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने की कीमतें स्थिर थीं, लेकिन रुपये की कीमत में गिरावट आने की वजह से इस साल के दौरान भी गोल्ड ने भारतीय बाजारों में लगभग 14% का रिटर्न दिया था. 

इस वजह से चमका सोना
साल 2023 में अब तक MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर जहां सोने की कीमतों में 8% की बढ़त देखने को मिली है, वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने के दामों में 7.5% की वृद्धि देखने को मिली है. रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध, अमेरिका और यूरोपीय मार्केटों में मंदी की लहर, ग्लोबल इकॉनमीज में धीमापन, बढ़ते इंटरेस्ट रेट्स और अमेरिका के वित्तीय हालातों की वजह से सोने के दामों में लगातार बढ़त देखने को मिली और सोने की चमक बढ़ती रही है. 

क्या 2023 में गोल्ड खरीदना चाहिए? 
महंगाई के असर को कम करने के लिए अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने साल 2022 में बहुत तेजी से सख्त कदम उठाये थे और इन्हीं कदमों को जारी रखते हुए साल 2023 में भी फेडरल रिजर्व ने इंटरेस्ट रेट्स में बढ़ोत्तरी जारी रखी है. फेडरल रिजर्व कब तक इन रेट्स को ऐसे ही बनाये रखेगा इस बारे में कुछ भी कहना अभी मुश्किल है. इन्वेस्टमेंट के सुरक्षित विकल्पों, खासकर सोने में ग्लोबल इन्वेस्टर्स की रुचि बहुत ज्यादा बढ़ी है. 

सोना बना विश्वास
अमेरिकी बैंकिंग संकट के बाद इन्वेस्टमेंट के सुरक्षित विकल्पों की तरफ लोगों का झुकाव बढ़ा है. इस बीच सोना एक ऐसे विकल्प के रूप में लोगों के सामने आया है जो सेफ है और वित्तीय प्रणाली में अस्थिरता की वजह से सोने के क्षेत्र में बहुत तेजी से पैसा आता है. इसके साथ ही, साल 2022 में केंद्रीय बैंकों ने बहुत बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जिसकी वजह से गोल्ड में ग्लोबल इन्वेस्टर्स के विश्वास को और ज्यादा समर्थन मिला. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, केंद्रीय बैंक ने साल 2022 के दौरान 1136 टन सोना खरीदा था. 

डॉलर कहां जा रहा है?
सोना, चांदी या अन्य मेटल्स जैसी कमोडिटीज किस दिशा में जायेंगी यह बहुत हद तक डॉलर की दिशा से भी तय होता है. जहां 28 मार्च 2023 तक डॉलर के इंडेक्स में 1.13% की गिरावट देखने को मिली है वहीं सोने की कीमतों में 8% की वृद्धि देखने को मिली है. लेकिन अगर बात पिछले साल यानी 2022 की करें तो पिछले साल डॉलर के इंडेक्स में 8% की बढ़त देखने को मिली थी जबकि सोने का इंडेक्स बिलकुल स्थिर रहा था. 

2023 में किस तरफ जाएगा सोना?
वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए अमेरिका द्वारा पहले से उठाये गए कदमों की वजह से देश की मजबूत वित्तीय स्थिति प्रभावित नहीं हुई है. लेकिन मांग को नियंत्रित करने के लिए और इन्फ्लेशन के असर को कम करने के लिए और भी सख्त क़दमों की जरूरत पड़ेगी. आने वाले भविष्य में डॉलर किस दिशा में जाता है यह देखना बहुत ही महत्त्वपूर्ण होगा. इंटरेस्ट रेट्स का बढ़ना या फिर उसमें कमी होना, अमेरिकी डॉलर की दिशा, जिओ-पॉलिटिकल कारण और आर्थिक मंदी जैसे कारण यह तय करेंगे कि इस साल सोने की कीमतों का रुख क्या रहेगा.

मुश्किल होगा सोने को होल्ड करना
इन्वेस्टर्स के लिए गोल्ड यानी सोने का एक्युमुलेशन जोन 1800 डॉलर होगा और इस एक्युमुलेशन जोन पर बहुत ज्यादा दबाव देखने को मिल सकता है. साल 2023 के लिए सोने का टारगेट प्राइज 2200 डॉलर प्रति आउंस होगा. भारत में निवेशकों के लिए गोल्ड का एक्युमुलेशन जोन 55000 रुपये प्रति दस ग्राम होगा और 2023 के लिए टारगेट प्राइज 62,000 रुपये प्रति 10 ग्राम होगा. 
 

यह भी पढ़ें: अब रिलायंस की इन दो कंपनियों में होगा डीमर्जर, 2 मई होगी शेयरधारकों की बैठक

 


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