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'हमारी आबादी अब चीन से ज्यादा, क्राउड मैनेजमेंट पर ध्यान देना बेहद जरूरी' 

हर्ष वर्धन ने कहा कि आज के समय में भारत की कोई भी सिक्योरिटी कंपनी ये नहीं कह सकती कि उसके पास क्राउड मैनेजमेंट के लिए कोई अलग वर्टिकल है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

BW Businessworld द्वारा दिल्ली में #BWSecurity40Under40Awards समारोह आयोजित किया जा रहा है. इस कार्यक्रम में सिक्योरिटी सेक्टर की दिग्गज हस्तियां शिरकत कर रही हैं और अपने विचार व्यक्त कर रही हैं. इसी मौके पर BW Security World के CEO और G4S के ग्रुप MD एवं सीईओ सिक्योरिटीज हर्ष वर्धन (Harsh Wardhan) ने क्राउड मैनेजमेंट के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि इस काम के लिए स्पेशलाइस्ड स्किल्स की जरूरत होती है, लिहाजा इसके लिए एक अलग वर्टिकल होना चाहिए.   

सबसे बड़ी सिक्योरिटी एजेंसी बनाई
हर्ष वर्धन '40 अंडर 40' का जिक्र करते हुए कहा कि सिक्योरिटी इंडस्ट्री में पहली बार इस तरह के अवॉर्ड दिए जा रहे हैं. युवा लोगों को सम्मानित किया जा रहा है. उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा - मुझे याद है कि 21 साल पहले जब मैं G4S में था, मैंने लगातार एक साल तक पोजीशन के लिए प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली. इसकी कुछ वजह थीं, जैसे अधिक लम्बाई न होना, पुलिस या आर्मी बैकग्राउंड का न होना. मैंने डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर के लिए अप्लाई किया था. मेरे बॉस डेविड हडसन ने मुझसे कहा था कि 'कोशिश करते रहो'. मैं यही कहूंगा कि सिक्योरिटी बिजनेस केवल फिजिकल सिक्योरिटी नहीं है, बल्कि स्टेट ऑफ माइंड है. सिक्योरिटी के बारे में कॉन्शियस होते ही आप एक विशिष्ट फैशन में व्यवहार करने लगते हैं. मैं ऐसा इसलिए कह सकता हूं, क्योंकि 3 महीने के बाद मैं ग्रुप4एस का MD बन गाया. मैंने दुनिया की सबसे बड़ी सिक्योरिटी कंपनी बनाई है. दुनिया में सबसे ज्यादा डिप्लोमेटिक मिशन को सुरक्षा दी है. 

सिक्योरिटी के बिना नहीं रह सकते
उन्होंने आगे कहा कि सिक्योरिटी सेक्टर देश में सबसे बड़ा एम्प्लायर है, लगभग एक करोड़ लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सिक्योरिटी बिजनेस से जुड़े हुए हैं. आप कई चीजों के बिना रह सकते हैं, लेकिन सिक्योरिटी के बिना नहीं. यदि कोई प्रोडक्ट या सर्विस खराब निकलती है, तो आप उसे बदल सकते हैं, लेकिन आप सिक्योरिटी गार्ड को उस इवेंट से नहीं निकाल सकते, जिसने वहां कुछ गलती की है. यदि आप पेप्सी-कोला, कपडे, कुरियर या किसी भी ऐसे बिजनेस से जुड़े हैं तो आप मुआवजे के रूप में पैसा दे सकते हैं, लेकिन सिक्योरिटी के मामले में यदि कोई लापरवाही होती है तो उसकी क्षतिपूति मुश्किल हो जाती है. इसलिए लोग ऐसी सिक्योरिटी कंपनी चुनने पर जोर देते हैं, जो सभी मानदंडों को पूरा करती हो और प्रशिक्षित हो. सिक्योरिटी कंपनी के लिए ट्रेनिंग बेहद जरूरी है. 

कोई विशेषज्ञ कंपनी या वर्टिकल नहीं 
क्राउड मैनेजमेंट पर बात करते हुए हर्ष वर्धन ने कहा कि भारत की आबादी चीन से भी ज्यादा हो गई है. इसलिए क्राउड मैनेजमेंट और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है. उन्होंने कहा - भारत में हम क्राउड मैनेजमेंट कर रहे हैं, लेकिन कोई विशेषज्ञ कंपनी या वर्टिकल नहीं है. जबकि यूएस और यूरोप में इसके लिए विशेषज्ञ कंपनियां हैं. इस काम के लिए लिए अलग तरह की स्किल चाहिए. क्राउड मैनेजमेंट गेट पर खड़ा गार्ड नहीं कर सकता. इसलिए अलग कौशल और अलग वर्टिकल की आवश्यकता है. अमेरिका में इवेंट मैनेजमेंट से जुड़ी कंपनियां युवाओं को अपने साथ जोड़ती हैं, ये युवा दिन में पढ़ाई करते हैं और रात में इवेंट की व्यवस्था संभालते हैं, लेकिन स्पेशलाइस्ड स्किल्स अत्यंत महत्वपूर्ण हैं. 

रिस्क मैनेजमेंट आवश्यक 
वर्धन ने कहा कि आज के समय में भारत की कोई भी सिक्योरिटी कंपनी ये नहीं कह सकती कि उसके पास क्राउड मैनेजमेंट के लिए कोई अलग वर्टिकल है. भीड़ को नियंत्रित न कर पाने की वजह से कई ऐसी घटनाएं हुईं हैं, जिनमें लोगों ने जान गंवाई हैं. इन घटनाओं से बचा जा सकता था, यदि हम क्राउड को ढंग से मैनेज कर पाते. दिल्ली एयरपोर्ट, धार्मिक स्थल आदि पर काफी भीड़ रहती है, यहां क्राउड मैनेजमेंट जरूरी है. कई बार ऐसा होता है कि इवेंट के आयोजक क्षमता से अधिक टिकट बेच देते हैं और जब लोगों को अन्दर दाखिल होने नहीं दिया जाता तो दिक्कत होती है. इसी तरह, इवेंट में यदि पसंदीदा कलाकार नहीं आ पाता या किसी और वजह से उसे आखिरी समय पर रद्द करना पड़ता है, तो एक अलग समस्या उत्पन्न हो जाती है. उन्होंने कहा कि भीड़ का रुख कब क्या रहेगा, अंदाजा नहीं लगाया जा सकता, इसलिए सही इंतजाम आवश्यक हैं. रिस्क मैनेजमेंट आवश्यक है.


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