✕

होम / एक्सपर्ट ओपिनियन / 'सुख और खुशी के अंतर को समझ गए, तो समझो सब अच्छा है' 

'सुख और खुशी के अंतर को समझ गए, तो समझो सब अच्छा है' 

खुश रहना सीखा भी जा सकता है. आप कोई कठिन या नापसंद काम पूरा कर लें तो खुशी होती है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

  • पीके. खुराना, हैपीनेस गुरु 

आध्यात्मिक रूप से सर्वाधिक उन्नत होते हुए भी आज भारतवर्ष में ऐसे लोगों की संख्या बहुत ज्यादा है जो दुखी हैं, उदास हैं, निराश हैं और अकेलेपन की समस्या से जूझ रहे हैं. दरअसल लोग दो अलग-अलग चीजों को एक-दूसरे से कन्फ्यूज कर रहे हैं. उन्नत तकनीक, परिवहन के साधन और धन-संपत्ति से सुख मिल सकता है, खुशी नहीं. आप आरामदायक सोफे पर बैठे हों तो यह सुख है, लेकिन उस सोफे पर बैठा व्यक्ति भी उदास हो सकता है, हताश हो सकता है, चिंता में हो सकता है, गुस्से में हो सकता है. सुख अलग चीज है और खुशी बिलकुल अलग. भौतिक जीवन में सफलता आपको सुख दे सकती है, पर यह खुशी भी दे, यह जरूरी नहीं है. 

कन्फ्यूजन ही समस्या की जड़
कृपया भौतिक जीवन की सफलता को और उससे मिलने वाले सुख को खुशी से कन्फ्यूज मत कीजिए. ये कन्फ्यूजन ही समस्या की जड़ है. हम खुशी को भुलाकर सफलता के पीछे भागते हैं और जब सफलता मिल जाती है तो पता चलता है कि यहां तो खुशी है ही नहीं. समाज में ज्यादातर लोगों के दुखी होने का कारण ही यह है कि हम खुशी को सुख में ढूंढ़ रहे हैं, गलत जगह ढूंढ़ रहे हैं. खुशी वहां है ही नहीं तो मिलेगी कैसे? हार्वर्ड विश्वविद्यालय में पिछले 75 साल से एक शोध चल रहा है. इस रिसर्च का विषय है कि किस तरह का व्यक्ति खुश रहता है. 

ये दो बातें रहीं कॉमन
शोध में हार्वर्ड विश्वविद्यालय के उन पूर्व छात्रों को ट्रैक किया गया जो क्लास में अव्वल रहते थे. इन छात्रों में दो लोग अमेरिका के राष्ट्रपति बने, कई लोग सांइटिस्ट बने, उद्यमी बने और कुछ ऐसे भी थे जो अपराध की दुनिया में जा धंसे और जेल गये. इनमें जो लोग खुश रहे, उनमें सिर्फ दो ही बातें कॉमन थीं कि इन सब लोगों ने अपने रिश्ते बरकरार रखे. सफल रहे या कम सफल हुए पर रिश्तों पर ध्यान दिया, जिससे जीवन भर उन्हें ऐसे लोगों का साथ मिला जो उनकी खुशी में खुश होते थे. दूसरा कॉमन फैक्टर यह था कि वे हर रोज कोई न कोई ऐसा काम जरूर करते थे जिससे खुशी मिलती हो. किसी दूसरे व्यक्ति की खुशी में शामिल होना, किसी की सहायता कर देना, प्रकृति के सानिध्य में समय बिताना, बच्चों के साथ रहना, हल्का व्यायाम करना, प्रेरक साहित्य पढ़ना आदि में से कुछ न कुछ ऐसा जरूर होता था जो उन्हें मोटिवेटिड और खुश रखे.

सफलताओं का जश्न मनाएं
खुश रहना सीखा भी जा सकता है. आप कोई कठिन या नापसंद काम पूरा कर लें तो खुशी होती है. आप अपनी देखभाल करें, मनपसंद भोजन करें, छोटी-बड़ी सफलताओं का जश्न मनाएं तो आपको खुशी मिलती है. ऐसी हर स्थिति में हमारा दिमाग डोपामाइन नाम का एक कैमिकल रिलीज करता है जिसे विज्ञान "रिवार्ड कैमिकल" कहता है. इसी तरह अगर आप ध्यान करें, हल्की दौड़ लगाएं, तैराकी करें, साइकिल चलाएं, हल्की धूप में बैठें, प्रकृति के सानिध्य में जाएं, पेड़-पौधों, फूलों के बीच जाएं तो आपका दिमाग सीरोटोनिन नाम का कैमिकल रिलीज करता है, जो आपका मूड सैट कर देता है. 

रिलीज होते हैं ये कैमिकल 
अगर आप घरेलू पालतू पशु के साथ खेलें, छोटे बच्चे के साथ खेलें, किसी प्रिय व्यक्ति का हाथ पकड़ें, किसी को गले लगाएं और किसी की सच्ची प्रशंसा करें या शाबासी दें तो भी आप खुश हो जाते हैं क्योंकि तब हमारा दिमाग "लव कैमिकल" औक्सीटोसिन रिलीज करता है. अगर आप कोई व्यायाम करें, हंसें, कोई कामेडी देखें या गहरे रंग की चाकलेट खाएं तो हमारा दिमाग एंडॉरफिन नाम का कैमिकल रिलीज करता है. यह एक पेन किलर का काम करता है. अकेलापन महसूस होने की स्थिति में या उदासी की हालत में इनमें से कुछ भी करें, यानी सैर करें, व्यायाम करें, तैराकी करें, प्रकृति का आनंद लें, बच्चों के साथ खेलें, किसी से गले मिलें तो आपका मूड बदल जाएगा और आपको खुशी मिलेगी.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

कविता में एक शोकगीत: मेरे मित्र और बैचमेट, हेमचंद सिरोही, IAS

केजे अल्फोंस लिखते हैं, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी और बिहार के पूर्व राज्य चुनाव आयुक्त के रूप में, हेमचंद सिरोही को प्रशासनिक कुशलता, जन-केंद्रित शासन और जनसेवा में योगदान के लिए व्यापक सम्मान प्राप्त था. उनके योगदानों में महाबोधि मंदिर को यूनेस्को की विश्व धरोहर की मान्यता दिलाना और जमीनी स्तर पर विकास की पहल शामिल थीं.

4 days ago

दो दुनियाओं के बीच जिंदगी: उथल-पुथल भरे समय की चुनौती

लेखक के अनुसार, हमारे आसपास की दुनिया उतनी नहीं बदली है, जितनी हमारे दिमाग के भीतर की दुनिया बदल गई है. लगातार आती खबरों, सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से पैदा होने वाली चिंताओं के इस दौर में चुनौती है अपना ध्यान फिर से अपने नियंत्रण में लेना और उन चीजों पर फोकस करना, जिन्हें हम नियंत्रित कर सकते हैं.

4 days ago

कलाकार की अनंत रेखाएं: जोगेन चौधरी को श्रद्धांजलि

87 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले प्रख्यात कलाकार अपने पीछे ऐसी विशिष्ट कला छोड़ गए हैं, जो उनकी खास क्रॉस-हैचिंग शैली, असामान्य रेखाओं और गहराई से मानवीय चित्रों के लिए पहचानी जाती है.

5 days ago

समुद्र मंथन का अर्थशास्त्र: समृद्धि के लिए विरोधी शक्तियों की जरूरत क्यों है

लेखिका प्रियंका शर्मा कैंतुरा इस लेख में बताती हैं कि देवताओं, असुरों और लक्ष्मी के प्राकट्य की प्राचीन कथा प्रतिस्पर्धा, सहयोग और धन सृजन के बारे में क्या सीख देती है.

1 week ago

जेमी बीटन: असाधारण दिमाग और अरबों डॉलर के कारोबार के पीछे ज्योतिषीय गणना

क्रिमसन एजुकेशन के संस्थापक की शैक्षणिक महत्वाकांक्षा, उद्यमशीलता में उभार और 2027 की संभावनाओं का ज्योतिषीय विश्लेषण

1 week ago


बड़ी खबरें

गिफ्ट निफ्टी 170 अंक उछला, बाजार में तेजी के संकेत; रिलायंस-जियो समेत इन शेयरों पर रहेगी नजर

शुक्रवार को सेंसेक्स 308.49 अंक यानी 0.42 फीसदी चढ़कर 74,459.53 पर बंद हुआ था. वहीं, निफ्टी 116.35 अंक यानी 0.51 फीसदी की बढ़त के साथ 23,053.10 के स्तर पर पहुंच गया था.

1 hour ago

भारत का कच्चे तेल का आयात रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा, अक्टूबर में हर दिन खरीदे 56 लाख बैरल

पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारतीय रिफाइनरियों ने बढ़ाई खरीदारी, रूस से करीब 20 लाख और पश्चिम एशिया से 23 लाख बैरल प्रतिदिन हुआ आयात

1 hour ago

महादेव बेटिंग ऐप केस में बड़ी कार्रवाई, किंगपिन सौरभ चंद्राकर ओमान से भारत लाया गया; आज रायपुर कोर्ट में पेशी

अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी सिंडिकेट के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को CBI की टीम प्रत्यर्पण कर भारत लाई है. उसके खिलाफ CBI के दो मामलों में चार्जशीट दाखिल है, जबकि ED भी मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रही है.

1 hour ago

दिल्ली में 1 नवंबर से BS-6 से पुराने वाहनों की नो एंट्री, जानें किन गाड़ियों को मिलेगी छूट

इस फैसले का असर दिल्ली से सटे हरियाणा के शहरों से आने वाले वाहनों पर भी पड़ेगा. खासतौर पर गुरुग्राम और फरीदाबाद से दिल्ली आने वाले वाहन चालकों को इस नियम का ध्यान रखना होगा.

1 day ago

सरदार पटेल के विचारों पर आगे बढ़ रहा भारत, रक्षा उत्पादन 1.80 लाख करोड़ रुपये के पार: राजनाथ सिंह

सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर भारत-भारती ने दिल्ली में आयोजित किया राष्ट्रीय समारोह, रक्षा मंत्री ने कहा- राष्ट्रीय एकता और अखंडता को चुनौती देने वाली ताकतों के खिलाफ देश एकजुट रहेगा

1 day ago