✕

होम / एक्सपर्ट ओपिनियन / यूं ही गौतम अडानी नहीं बन गये दुनिया के दूसरे सबसे रईस! समझिए उनकी रणनीति

यूं ही गौतम अडानी नहीं बन गये दुनिया के दूसरे सबसे रईस! समझिए उनकी रणनीति

अर्थशास्त्र के सिद्धांतों के नजरिये से देखेंगे तो पाएंगे कि गौतम अडानी की सूझबूझ और भविष्य को लेकर योजनाएं, दीर्घकालिक हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

अजय शुक्ला
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

मल्टी टेक्नोलॉजी कंपनी अमेजन (Amazon) के मालिक जेफ बेजोस को पछाड़ कर अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी दुनिया के दूसरे सबसे रईस शख्स बन गये हैं. ब्लूमबर्ग बिलिनियर्स इंडेक्स के मुताबिक, इस वक्त बेजोस और अडानी की संपत्ति मामूली अंतर के साथ लगभग बराबर है. अडानी समूह ने मार्केट कैप की दौड़ में टाटा समूह को पीछे छोड़ दिया है. अडानी समूह की कंपनियों का संयुक्त एम-कैप टाटा समूह के 21.04 लाख करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण के मुकाबले बढ़कर 21.14 लाख करोड़ रुपये हो गया है.

गौतम अडानी की सूझबूझ और भविष्य को लेकर योजनाएं
मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाला रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह 17.49 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप के साथ तीसरे स्थान पर आया है. मार्केट कैप के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अकेले ग्रुप के मार्केट कैप में 17 लाख करोड़ रुपये का योगदान दिया है. सामान्य नजरिये से देखेंगे तो पाएंगे कि अडानी समूह ने कुछ ऐसा नहीं किया कि वो दुनिया के दूसरे नंबर के सबसे बड़े रईस बन जाएं, मगर अर्थशास्त्र के सिद्धांतों के नजरिये से देखेंगे तो पाएंगे कि गौतम अडानी की सूझबूझ और भविष्य को लेकर योजनाएं, दीर्घकालिक हैं.

आपदा में अवसर को अपना हथियार बनाया
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सिद्धांत आपदा में अवसर को अपना हथियार बनाया है. यही नहीं, वो मौका नहीं चूकते और वक्त से पहले उसका लाभ योजनाबद्ध तरीके से उठाते हैं. यही उनकी सफलता का मूल मंत्र है. उन्होंने नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भरता के सिद्धांत को भी पकड़ा है. यही कारण है कि उन्होंने किसी देशी कंपनी से कोई मदद नहीं ली बल्कि नीति निर्धारकों को अपनी मुट्ठी में करके आगे बढ़ गये, जो बाजार पर काबू करने का सबसे बेहतर तरीका रहा.

वे सीमेंट उद्योग पर एकाधिकार
आलोचना आसान है मगर उसके बीच सफलताओं को अपने कदमों में लाकर रखना कठिन. हमें इस बात का पता है कि अंबुजा और एसीसी के चेयरमैन बनने के बाद अडानी ने इंडिया सीमेंट और नुवोको विस्टास के अधिग्रहण की तैयारी कर ली है. जल्द ही वे सीमेंट उद्योग पर एकाधिकार कर देश के सबसे बड़े सीमेंट कारोबारी बन जाएंगे. इस एकाधिकार के बाद बाजार में सीमेंट के दाम तय करने की क्षमता अडानी के पास होगी.

कोई बड़ी मुनाफे वाली नहीं हैं अडानी की कंपनी
अडानी समूह की कोई भी कंपनी दुनिया क्या देश में भी कोई बड़ी मुनाफे वाली नहीं हैं. बावजूद इसके, अपनी बाजारू रणनीति के बूते वो सबसे आगे हैं. अडानी की कम्पनीज के पीई रेशियो (प्राइस टू अर्निंग रेशियो) देखकर आप हैरान रह जाएंगे. अडानी ट्रांसमिशन का पीई रेशियो नेगेटिव में दस हजार से भी ज्यादा है. यानी कंपनी नुकसान में है, फिर भी उस कंपनी के शेयर का मार्केट आसमान छू रहा है. किसी शेयर की वैल्यू देखने का सबसे भरोसेमंद पैरामीटर पीई रेशियो ही होता है, मगर कुछ विशेषज्ञ प्राइस टू बुक वैल्यू को भी भरोसेमंद पैरामीटर मानते हैं.

पीई रेशियो डरावने लगते हैं
अडानी की सभी कंपनियों की पीई रेशियो को देखें तो डरावने लगते हैं. विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि अगर 2024 में देश की सरकार बदली तो अडानी के शेयर्स बाजार को भारी नुकसान पहुंचाएंगे. इससे आप समझ सकते हैं कि अडानी समूह की बाजारू रणनीति अचूक और वक्त से पहले मार करने वाली है. इसके कारण ही उनके शेयर मुनाफा कमा रहे हैं और निवेशकों को लाभ दे रहे हैं.

VIDEO : क्या है Quite Quiting, आखिर क्यों कर रहा है ट्रेंड


टैग्स
सम्बंधित खबरें

कविता में एक शोकगीत: मेरे मित्र और बैचमेट, हेमचंद सिरोही, IAS

केजे अल्फोंस लिखते हैं, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी और बिहार के पूर्व राज्य चुनाव आयुक्त के रूप में, हेमचंद सिरोही को प्रशासनिक कुशलता, जन-केंद्रित शासन और जनसेवा में योगदान के लिए व्यापक सम्मान प्राप्त था. उनके योगदानों में महाबोधि मंदिर को यूनेस्को की विश्व धरोहर की मान्यता दिलाना और जमीनी स्तर पर विकास की पहल शामिल थीं.

5 days ago

दो दुनियाओं के बीच जिंदगी: उथल-पुथल भरे समय की चुनौती

लेखक के अनुसार, हमारे आसपास की दुनिया उतनी नहीं बदली है, जितनी हमारे दिमाग के भीतर की दुनिया बदल गई है. लगातार आती खबरों, सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से पैदा होने वाली चिंताओं के इस दौर में चुनौती है अपना ध्यान फिर से अपने नियंत्रण में लेना और उन चीजों पर फोकस करना, जिन्हें हम नियंत्रित कर सकते हैं.

6 days ago

कलाकार की अनंत रेखाएं: जोगेन चौधरी को श्रद्धांजलि

87 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले प्रख्यात कलाकार अपने पीछे ऐसी विशिष्ट कला छोड़ गए हैं, जो उनकी खास क्रॉस-हैचिंग शैली, असामान्य रेखाओं और गहराई से मानवीय चित्रों के लिए पहचानी जाती है.

6 days ago

समुद्र मंथन का अर्थशास्त्र: समृद्धि के लिए विरोधी शक्तियों की जरूरत क्यों है

लेखिका प्रियंका शर्मा कैंतुरा इस लेख में बताती हैं कि देवताओं, असुरों और लक्ष्मी के प्राकट्य की प्राचीन कथा प्रतिस्पर्धा, सहयोग और धन सृजन के बारे में क्या सीख देती है.

1 week ago

जेमी बीटन: असाधारण दिमाग और अरबों डॉलर के कारोबार के पीछे ज्योतिषीय गणना

क्रिमसन एजुकेशन के संस्थापक की शैक्षणिक महत्वाकांक्षा, उद्यमशीलता में उभार और 2027 की संभावनाओं का ज्योतिषीय विश्लेषण

1 week ago


बड़ी खबरें

डेटा सेंटर कारोबार पर अडानी ग्रुप का बड़ा दांव, 1.5 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज जुटाने की तैयारी

गौतम अडानी के नेतृत्व वाला अडानी ग्रुप अब ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के पारंपरिक कारोबार से आगे बढ़कर डिजिटल क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत करने पर जोर दे रहा है. प्रस्तावित फंडिंग इसी रणनीति का हिस्सा है.

1 hour ago

डिज्नी में फिर होगी छंटनी! खर्च में 20% तक कटौती की तैयारी, हजारों कर्मचारियों की जा सकती है नौकरी

डिज्नी पिछले कई वर्षों से लागत घटाने और कारोबार के पुनर्गठन की प्रक्रिया में जुटी है. इस दौरान कंपनी हजारों कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी है और अरबों डॉलर के खर्च में कटौती की है.

2 hours ago

NTT DATA मंगलुरु में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर 2027 तक 2,500 करेगी, AI और क्लाउड पर रहेगा फोकस

कंपनी ने बताया कि विस्तार के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा के क्षेत्र में विशेष क्षमताएं विकसित की जाएंगी. इसके अलावा हेल्थकेयर और लाइफ साइंसेज, हाईटेक, ऑटोमोटिव और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों पर भी ध्यान दिया जाएगा.

3 hours ago

सेंसेक्स-निफ्टी की शानदार रिकवरी के बाद आज भी तेजी की उम्मीद, जानें बाजार के लिए बड़े ट्रिगर्स

सोमवार को बीएसई सेंसेक्स 1,233.25 अंक यानी 1.66 फीसदी की बढ़त के साथ 75,692.78 पर बंद हुआ. वहीं, एनएसई निफ्टी 387.70 अंक यानी 1.68 फीसदी चढ़कर 23,440.80 के स्तर पर पहुंच गया.

4 hours ago

मेनबोर्ड IPO से फंड जुटाने में 30% की बढ़ोतरी, सितंबर में ही आए 94% फंड; 71 कंपनियों ने शेयर बाजार में रखा कदम

अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच मेनबोर्ड आईपीओ के जरिए कंपनियों ने कुल 84,400 करोड़ रुपये जुटाए, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में जुटाए गए 64,900 करोड़ रुपये के मुकाबले 30 फीसदी अधिक है.

3 hours ago