होम / एक्सपर्ट ओपिनियन / Airlines की असली हालत: खूबसूरत-मुस्कुराती एयरहोस्टेस अच्छी है, पर सिस्टम कितना खराब!

Airlines की असली हालत: खूबसूरत-मुस्कुराती एयरहोस्टेस अच्छी है, पर सिस्टम कितना खराब!

जब आप सुविधा देने की बात कर रहे हैं तो सबसे कम संसाधनों वाले पैसेंजर्स को सबसे आगे रखें न कि सबसे ज्यादा एडवांटेज वाले पैसेंजर्स को.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

Dr. Sandeep Goyal

Managing Director of Rediffusion

Chairman of the Mogae Group 

पिछले कुछ महीनों में मुझे मेरे बाएं घुटने की वजह से मुश्किलों का सामना कर पड़ रहा है. हालांकि मैं अपने ऑफिस और घर के रोजमर्रा के कामों को ठीक तरीके से पूरा कर पा रहा हूं लेकिन एयरपोर्ट पर लम्बी लाइनों के चलते और कभी-कभी एयरपोर्ट के गेटों तक की दूरी को तय करने के लिए मुझे व्हीलचेयर की जरूरत पड़ रही है. विभिन्न एयरलाइन्स द्वारा दी जाने वाली कस्टमर केयर सुविधाओं को जांचने के लिए व्हीलचेयर मेरा सबसे कीमती लिटमस टेस्ट बनकर सामने आया है. पिछले कुछ महीनों में मुझे समझ आया कि जरूरी नहीं है हंसती हुई एयर होस्टेस अच्छी कस्टमर केयर सुविधाएं भी दे पायें. एक असमर्थ दिव्यांग कस्टमर को सम्मान और क्षमता से हैंडल करना अच्छाई जांचने का ज्यादा बेहतर टेस्ट है. 

 Qantas एयरलाइन्स के साथ अनुभव
इससे पहले कि मैं आपको भारतीय एयरलाइन्स के साथ अपना व्हीलचेयर का किस्सा सुनाऊं, मैं आपको कुछ महीनों पहले अपनी ऑस्ट्रेलिया ट्रिप के बारे में बताकर शुरुआत करता हूं. पर्थ-सिडनी-केनबेरा-ब्रिसबेन की हमारी पूरी ट्रिप के दौरान हम क्वांटास एयरलाइन्स (Qantas Airlines) से यात्रा कर रहे थे. पूरे ऑस्ट्रेलिया में स्टाफ की कमी की वजह से हर बार क्वांटास एयरलाइन्स का स्टाफ हमें व्हीलचेयर के ढेर की तरफ इशारा करके भेज देता और मेरी बेटी बोर्डिंग गेट तक व्हीलचेयर धकेलकर मुझे ले जाती. मुझे यकीन है कि अकेले यात्रा कर रहे असमर्थ लोगों की सहायता के लिए उनके पास स्टाफ मौजूद रहा होगा, लेकिन क्योंकि मैं अपने परिवार के साथ यात्रा कर रहा था इसलिए मेरी व्हीलचेयर मेरे परिवार की अतिरिक्त जिम्मेदारी बन गयी. एयरलाइन का व्यवहार वास्तविक रूप से बहुत अलग और ऐसा था जैसे वह कह रहे हों – इतना काफी है कि हमने आपको व्हीलचेयर उपलब्ध करवाई है अब आप अपना जुगाड़ खुद करें. क्वांटास एयरलाइन्स को मैं 10 में 2 रेटिंग देना चाहूंगा. 

सिंगापुर एयरलाइन्स का अनुभव
ऑस्ट्रेलिया की हमारी यात्रा के दौरान मुंबई-सिंगापुर-मुंबई क्षेत्र के लिए हम सिंगापुर एयरलाइन्स (SIA) से यात्रा कर रहे थे और हमें चांगी एयरपोर्ट से फ्लाइट बदलनी थी. सिंगापुर एयरलाइन्स की सुविधा बहुत ही अच्छी थी और स्टाफ हवाई जहाज के गेट पर मेरा इन्तजार कर रहा था. इतना ही नहीं, आते और जाते समय वह मुझे बिजनेस लाउन्ज से लेने भी आये थे. लेकिन वापस आते समय व्हीलचेयर अटेंडेंट ने मुझे एक गोल्फ कार्ट में ट्रान्सफर कर जिया जिसने मुझे सिक्योरिटी चेक पर उतार दिया लेकिन उसके बाद मुझे गेट तक ले जाने के लिए किसी प्रकार की मदद नहीं मिली. सिंगापुर एयरलाइन्स को मैं 10 में से 5 रेटिंग देना चाहूंगा.

इंडिगो के साथ कुछ ऐसा रहा अनुभव
भारत में सभी घरेलू यात्राओं के लिये मैं हमेशा इंडिगो एयरलाइन्स (Indigo) को ही चुनता हूं. पिछले 6 महीनों के दौरान मैं इंडिगो एयरलाइन्स से लगभग 20 बार यात्रा कर चुका हूं. इंडिगो एयरलाइन्स के पास एक वेंडर होता है जो व्हीलचेयर मुहैया करवाता है. वास्तिविकता में यह वेंडर हमेशा जल्दी में होता है और हमेशा इनके पास स्टाफ की कमी होती है. इतना ही नहीं, इनके पास हमेशा व्हीलचेयर की कमी होती है. भारतीय एयरलाइन बिजनेस में लगभग 50% शेयर इंडिगो के पास है लेकिन ऐसा लगता है जैसे अतिरिक्त व्हीलचेयर और पर्याप्त स्टाफ को हायर करने के लिए एयरलाइन इन्वेस्ट करने में हिचकिचाती है. एक बार आपको अगर व्हीलचेयर हैंडलर दे दिया जाता है तो सभी एयरपोर्ट्स में यात्रा काफी आरामदायक हो जाती है. हैंडलर्स केयरिंग, नम्र और कुशल होते हैं. इंडिगो एयरलाइन्स को मैं 10 में से 7.5 रेटिंग देना चाहता हूं. 
 

एयर इंडिया है सबसे आगे
घरेलू यात्राओं के दौरान मेरा अब तक का सबसे अच्छा अनुभव एयर इंडिया के साथ रहा है. इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एयर इंडिया के पास इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर्स हैं जो बहुत आरामदायक होती हैं. ना कोई धक्का, न व्हीलिंग, बस बोर्डिंग गेट तक एक आरामदायक यात्रा. सिर्फ एक बार दिल्ली की यात्रा के दौरान ऐसा हुआ था कि मुझे बिजनेस लाउन्ज में छोड़कर हैंडलर अचानक गायब हो गया और मेरी बोर्डिंग करवाने की खातिर उसे ढूंढने के लिए लाउन्ज के स्टाफ को काफी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी. एयर इंडिया को मैं 10 में से 8 रेटिंग देना चाहूंगा. 
 

विस्तारा एयरलाइन्स का अनुभव
विस्तारा एयरलाइन्स से यात्रा करना हमेशा ही एक काफी अच्छा अनुभव होता है. लेकिन टाटा-सिंगापुर एयरलाइन्स के वेंचर वाली विस्तारा एयरलाइन्स में मेरा व्हीलचेयर का अनुभव हद से हद भी बस ठीक-ठाक ही रहा है. एक बार यात्रा के दौरान मैं भूल गया कि मैं किस क्षेत्र के लिए यात्रा कर रहा हूं और प्लेन को भी टर्मिनल की बिल्डिंग से काफी दूर पार्क किया गया था. इसका मतलब यह था कि, टर्मिनल तक जाने के लिए मुझे व्हीलचेयर का इस्तेमाल करना पड़ेगा. मुझे प्लेन की सीढ़ियों के अंत में मेरा व्हीलचेयर हैंडलर तो मिल गया लेकिन उसने मेरे साथ बस में यात्रा करने से मना कर दिया और कहा कि मुझे टर्मिनल के गेट पर कोई मिल जाएगा जो मेरी सहायता करेगा. लेकिन यह सिर्फ एक झूठा वादा भर था. मुझे टर्मिनल के गेट पर कोई व्हीलचेयर दिखाई तक नहीं दी. मैंने विस्तारा के कस्टमर केयर को मेल किया लेकिन कोई जवाब भी नहीं मिला. मैंने फिर से मेल किया तो मुझे एक ऑटोमेटेड मेल मिला कि मेरी कंप्लेंट प्राप्त हो गयी है लेकिन उसके बाद फिर से कोई जवाब नहीं आया. मेरी जिद में मैंने एक और मेल लिखा और एक ऑटोमेटेड बॉट ने मुझे हुई मुश्किलों के लिए मुआवजे के रूप में एक 500 रुपये का वाउचर दे दिया. कोई कॉल नहीं आया न ही गलती की माफ़ी मांगी गयी. विस्तारा एयरलाइन्स को मैं 10 में से 3 या 4 रेटिंग देना चाहूंगा. 
 

अकासा एयर को करना पड़ रहा है शुरुआती मुश्किलों का सामना
अब तक का मेरा सबसे खराब अनुभव अकासा एयर के साथ रहा है. आप इसे नई एयरलाइन्स के लिए शुरुआती मुश्किलें कहें या एयरलाइन द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं का खराब स्टैण्डर्ड लेकिन अहमदाबाद में फ्लाइट लेते हुए एयरलाइन्स के साथ मेरे अनुभव को मैं C+ की कैटेगरी में रखना चाहूंगा. मेरा व्हीलचेयर हैंडलर बहुत बेचैन और जल्दी में था. शायद इसलिए भी क्योंकि प्लेन पहले से ही लेट था. हालांकि मुझे बहुत ज्यादा हैरानी हुई जब अकासा एयर के CEO विनय दुबे ने मुझे कॉल करके मेरा फीडबैक मांगा और साथ ही मुझे हुई मुश्किलों के लिए माफी भी मांगी. अकासा को मैं 10 में से 2 रेटिंग दूंगा और फ्लाइट के बाद विनय दुबे के कॉल के लिए 10 में से 10 रेटिंग दूंगा.   

कुछ एवरेज तो कुछ शानदार अनुभव
मैंने स्पाइसजेट और गो एयर की बस एक फ्लाइट ली है और मेरा अनुभव काफी एवरेज रहा है इसलिए रेटिंग्स देना ठीक नहीं होगा. आखिर में मैं एमिरेट्स (Emirates) की बात करना चाहूंगा. दुबई में एमिरेट्स की कस्टमर सर्विस बहुत ही अच्छी थी. इतना ही नहीं मेरे इजिप्शियन हैंडलर ने 20 मिनट तक पार्किंग में रुककर तब तक इन्तजार किया जब तक मेरी कार मुझे लेने नहीं आ गयी. मैं एमिरेट्स को 10 में से 10 रेटिंग देना चाहूंगा. 

सिर्फ अहमदाबाद एयरपोर्ट पर है यह सुविधा
एक चीज जो मुझे बहुत ज्यादा हैरान करती है और जिसपर DGCA (डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन) को भी ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है वह ये कि आपको एयरपोर्ट टर्मिनल में बने एयरलाइन काउंटर पर खुद जाना पड़ता है और उसके बाद ही आपको व्हीलचेयर उपलब्ध करवाई जाती है. मेरे मामले में मैं किसी तरह से मैनेज कर पाया लेकिन बाकी लोगों को मोबिलिटी की कमी की वजह से समस्या हो सकती है. सिर्फ अहमदाबाद एयरपोर्ट में कार-ड्रॉप-ऑफ वाली जगह पर ही व्हीलचेयर काउंटर बना हुआ है जो सभी लिस्टेड यात्रियों को व्हीलचेयर की सुविधा प्रदान करता है. इसके साथ ही यह लोग बहुत कुशल और फुर्तीले भी हैं. 

एयरलाइन्स को सीखना चाहिए ये पाठ
सभी एयरलाइन्स हंसती हुई एयर होस्टेस पर ज्यादा ध्यान देती हैं. मुझे विश्वास है कि कस्टमर सर्विस चेकलिस्ट पर व्हीलचेयर पैसेंजर्स बहुत ऊपर नहीं आते होंगे. सच कहूं तो अगर मैंने व्हीलचेयर का इस्तेमाल नहीं किया होता तो मैं भी इस बात की इतनी परवाह नहीं करता. मेरी छोटी से असमर्थता ने मुझे एक बहुत कीमती पाठ पढ़ाया है और मुझे लगता है एयरलाइन्स को भी यह बात समझनी चाहिए कि, जब आप सुविधा देने की बात कर रहे हैं तो सबसे कम संसाधनों वाले पैसेंजर्स को सबसे आगे रखें न कि सबसे ज्यादा एडवांटेज वाले पैसेंजर्स को. 
 

यह भी पढ़ें: शेयर मार्केट में जारी गिरावट के बीच आज ये शेयर दे सकते हैं मुनाफा

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

दुनिया ने बनाया युवा संस्कृति का संग्रहालय, भारत को चाहिए ऐसे दर्जनों संग्रहालय

इस संग्रहालय को अलग बनाने वाली बात इसकी वस्तुओं को संग्रहित करने की सोच है. टीम अपने दृष्टिकोण को "बॉटम-अप क्यूरेशन" कहती है, जिसे जानबूझकर हस्तनिर्मित रखा गया है.

7 hours ago

3C फ्रेमवर्क से बंगाल की आर्थिक पुनर्बहाली को मिलेगी नई दिशा

बंगाल की चुनौती संसाधनों की कमी नहीं है. वास्तविक समस्या यह है कि राज्य अपनी मौजूदा संपत्तियों को एक प्रभावी आर्थिक रणनीति में बदलने में विफल रहा है.

13 hours ago

भारत-जापान साझेदारी और मानव-केंद्रित एआई का भविष्य

प्रोफेसर सी. राज कुमार लिखते हैं, 'भारत और जापान एक ऐसे मोड़ पर खड़े हैं जहां वे AI के लिए चौथा और मौलिक मार्ग विकसित कर सकते हैं.

5 days ago

ईरान को ‘अनफ्रीज’ करना: असली चुनौती अब शुरू होगी

सिद्धार्थ अरोड़ा लिखते हैं, 'अमेरिका-ईरान शांति समझौता अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है और रिपोर्टों के अनुसार 60 दिनों की अवधि में लगभग 24 अरब डॉलर जारी किए जा सकते हैं. ऐसे में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि यह पैसा जब ईरान पहुंचेगा, तब उसका क्या होगा?'

6 days ago

2026 की तीसरी तिमाही का ज्योतिष: एआई, संघर्ष और वैश्विक परिवर्तन

ज्योतिषाचार्य विक्रम चन्दीरमानी लिखते हैं कि 2026 के पहले छह महीनों के दौरान इनमें से कई विषय पहले ही उभरने लगे हैं. प्रौद्योगिकी कंपनियों के मूल्यांकन को लेकर चिंताएँ लगातार अधिक स्पष्ट होती जा रही हैं. यह चिंता केवल AI से जुड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया की कुछ सबसे मूल्यवान निजी कंपनियों, जैसे स्पेसएक्स, के उच्च मूल्यांकन को लेकर भी देखी जा रही है.

1 week ago


बड़ी खबरें

₹860 करोड़ का कोहिनूर सौदा, राज ठाकरे की चुप्पी

एक राजनेता एक रियल एस्टेट सौदे में प्रवेश करता है. एक सरकारी संस्था से जुड़ी वित्तीय कंपनी ₹225 करोड़ का निवेश करती है. फिर वही संस्था ₹135 करोड़ के नुकसान के साथ उस सौदे से बाहर निकलती है.

6 hours ago

मिडिल ईस्ट प्रैक्टिस के लिए प्राइमस पार्टनर्स ने मोहन दोईफोडे को बनाया MD

पूर्व डेलॉइट कंसल्टिंग लीडर GCC क्षेत्र में कंपनी के विस्तार और क्लाइंट संबंधों को देंगे नई दिशा

6 hours ago

GDP से आगे: क्यों भारत की प्रगति का पैमाना सिर्फ आर्थिक वृद्धि नहीं, बल्कि खुशहाली और जीवन गुणवत्ता भी होना चाहिए

पूर्व उत्तर प्रदेश मुख्य सचिव और लेखक आलोक रंजन का मानना है कि भारत की विकास यात्रा को केवल आर्थिक उत्पादन तक सीमित नहीं रहना चाहिए. उनके अनुसार, खुशहाली, जीवन की गुणवत्ता, शिक्षा, स्वास्थ्य और समावेशी विकास को भी प्रगति का महत्वपूर्ण पैमाना बनाया जाना चाहिए.

11 hours ago

Truhome Finance को 3,000 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए सेबी की मंजूरी

कंपनी के कुल एयूएम में 57.37 प्रतिशत हिस्सा हाउसिंग लोन का है, जबकि 39.22 प्रतिशत हिस्सा लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी का है. अन्य ऋण उत्पादों की हिस्सेदारी 3.41 प्रतिशत है.

6 hours ago

दुनिया ने बनाया युवा संस्कृति का संग्रहालय, भारत को चाहिए ऐसे दर्जनों संग्रहालय

इस संग्रहालय को अलग बनाने वाली बात इसकी वस्तुओं को संग्रहित करने की सोच है. टीम अपने दृष्टिकोण को "बॉटम-अप क्यूरेशन" कहती है, जिसे जानबूझकर हस्तनिर्मित रखा गया है.

7 hours ago