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ज्योतिषीय दृष्टिकोण: आमिर खान के लिए साल 2025 रहेगा बहुत खास

विक्रम चन्दीरमानी ने कहा कि आमिर खान एक बार फिर बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाएंगे. उनकी फिल्म 'सितारे जमीन पर' जून 2025 में रिलीज होने की उम्मीद है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

आमिर खान, जो भारत के सबसे बेहतरीन और रहस्यमयी अभिनेताओं में से एक हैं, 60 साल के हो गए हैं. अपने जन्मदिन से एक दिन पहले, एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, उन्होंने मीडिया के सामने गौरी स्प्रैट, जो उनकी 25 साल पुरानी दोस्त हैं, को अपनी पार्टनर के रूप में परिचित कराया. इसके अलावा, 'सितारे ज़मीन पर' जून 2025 में रिलीज़ होने वाली है, यानी अब से सिर्फ तीन महीने बाद. रिलीज़ की तारीख लगभग तय हो चुकी है, और मुझे विश्वास है कि ज्योतिषीय दृष्टि से यह फिल्म सुपरहिट होगी. यह आमिर खान की दमदार वापसी को साबित करेगी और सभी आलोचकों को चुप करा देगी.

आमिर खान की आखिरी बड़ी हिट फिल्म 'दंगल' (2016) थी, जो पहलवान महावीर सिंह फोगाट और उनकी बेटियों गीता और बबीता फोगाट की सच्ची कहानी पर आधारित थी. यह फिल्म क्रिटिक्स और बॉक्स ऑफिस, दोनों स्तरों पर जबरदस्त हिट रही थी, और इसने दुनियाभर में ₹2,000 करोड़ से ज्यादा की कमाई की थी. खासकर चीन में यह फिल्म बेहद सफल रही, जिससे आमिर खान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाने जाने वाले भारतीय सितारों में शामिल हो गए.

हालांकि, 'दंगल' के बाद आमिर खान को दो लगातार फ्लॉप फिल्मों का सामना करना पड़ा— 'ठग्स ऑफ हिंदोस्तान' (2018) और 'लाल सिंह चड्ढा' (2022). खासतौर पर 'लाल सिंह चड्ढा' की असफलता आमिर के लिए बहुत निराशाजनक रही, क्योंकि यह हॉलीवुड की क्लासिक फिल्म 'फॉरेस्ट गंप' का आधिकारिक रीमेक थी. बाद में आमिर खान ने माना कि इस फिल्म की असफलता से उबरना उनके लिए बहुत मुश्किल रहा और इसने उन्हें भावनात्मक रूप से कमजोर और आत्म-संदेह से भर दिया. 

मार्च 2023 में, जब 'लाल सिंह चड्ढा' की असफलता के छह महीने बाद आमिर खान ने फिल्मी दुनिया से ब्रेक (सैब्बेटिकल) लिया हुआ था, तब मैंने ट्विटर पर लिखा था: "ज्योतिषीय दृष्टि से, जो लोग आमिर खान के करियर के अंत की भविष्यवाणी कर रहे हैं, वे गलत साबित होंगे. आमिर खान फीनिक्स की तरह फिर उठेंगे, उनका नया दौर शानदार होगा. 2023 का दूसरा भाग उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण रहेगा."

भविष्यवाणी के अनुसार, अक्टूबर 2023 में 'सितारे ज़मीन पर' को आधिकारिक रूप से मीडिया में घोषित किया गया. लगभग एक साल बाद, सितंबर 2024 में, मैंने फिर लिखा कि मार्च और अप्रैल 2025 आमिर खान के करियर के लिए बहुत महत्वपूर्ण महीने होंगे. इन महीनों में वे नए प्रोजेक्ट फाइनल करेंगे या लॉन्च करेंगे. मैंने यह भी अनुमान लगाया था कि ये महीने उनके करियर में बड़े फैसलों, घोषणाओं और बदलावों के लिए अहम होंगे, जो उनके आगे के सफर की नींव रखेंगे और आने वाले वर्षों में उनकी प्रतिष्ठा को और ऊंचा करेंगे.

2025 आमिर खान के लिए ‘शनि रिटर्न’ (Saturn Return) का साल है. शनि रिटर्न का मतलब होता है अपने लक्ष्यों की दोबारा समीक्षा करना और ज़रूरी बदलाव लाना. यह वही साल है जब आमिर खान खुद को एक नए अभिनेता के रूप में स्थापित करेंगे और रचनात्मक रूप से एक नए दौर में प्रवेश करेंगे. उनकी कुंडली (natal chart) दिखाती है कि वे अपने विचारों के प्रति बहुत दृढ़ रहते हैं, लेकिन साथ ही उनकी संवेदनशीलता उन्हें नए हालात में ढलने और विकसित होने में मदद करती है. उनका मेष लग्न (Aries Ascendant) उन्हें ऊर्जा से भरपूर, साहसी और नई राह चुनने वाला बनाता है, यही गुण उन्हें अपने काम में एक परफेक्शनिस्ट बनाता है.

उनके प्रथम भाव (First House) में राहु की उपस्थिति उनके व्यक्तित्व में एक रहस्यमय और अप्रत्याशित गुण जोड़ती है. वे अक्सर लोगों की उम्मीदों से हटकर कुछ अलग करने की कोशिश करते हैं और ऐसे रास्तों पर चलते हैं, जहां जाने से दूसरे हिचकते हैं. गुरु (Jupiter) का उनकी लग्न राशि के साथ होना उनके व्यक्तित्व में एक स्वाभाविक विस्तार और गहरी बुद्धिमानी जोड़ता है. यह न केवल उनकी अभिनय क्षमता में दिखता है, बल्कि उनके करियर में लिए गए रणनीतिक फैसलों में भी झलकता है. यह ग्रह स्थिति उन्हें छोटे-मोटे लाभ के बजाय एक लंबी और यादगार विरासत बनाने की प्रवृत्ति देती है. इसी वजह से आमिर खान हमेशा सोच-समझकर बड़े फैसले लेते हैं, जो उन्हें भीड़ से अलग खड़ा करता है.

उनका सूर्य (Sun) और बुध (Mercury) मीन राशि (Pisces) में है, जो उनके व्यक्तित्व में गहराई और कलात्मकता जोड़ता है. इससे वे सोचने-समझने वाले और आत्मविश्लेषण करने वाले व्यक्ति बनते हैं. आमतौर पर मेष राशि के लोग जोशीले और जल्दी फैसले लेने वाले होते हैं, लेकिन आमिर खान के निर्णय भावनात्मक संवेदनशीलता से जुड़े होते हैं. बुध (Mercury) का मीन राशि में होना उन्हें मानव मनोविज्ञान (human psychology) को गहराई से समझने की क्षमता देता है. यही कारण है कि वे अपने किरदारों को बेहद वास्तविकता के साथ निभाते हैं.

शुक्र (Venus) और शनि (Saturn) दोनों कुंभ राशि (Aquarius) में हैं, जो उन्हें अपनी रचनात्मक पसंद में अलग बनाते हैं. वे ऐसे प्रोजेक्ट्स को चुनते हैं, जो समाज के बने-बनाए नियमों को तोड़ते हैं और गहरी सोच को दर्शाते हैं. यही वजह है कि बॉलीवुड में जब अधिकतर फिल्में फार्मूला-आधारित होती थीं, तब भी आमिर खान ने अलग और सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण विषयों पर फिल्में बनाईं. शनि का 10वें भाव (career house) में अपनी ही राशि में होना उनके कैरियर में अनुशासन (discipline) और स्थिरता (stability) लाता है. वे धीरे-धीरे, ईंट दर ईंट अपना करियर बनाते हैं, कभी भी शॉर्टकट नहीं लेते. उनके लगातार मेहनत करने वाले स्वभाव की वजह से वे अपनी साख बनाए रखते हैं.

चंद्रमा (Moon) का कर्क राशि (Cancer) के पुष्य नक्षत्र (Pushya Nakshatra) में और तीसरे भाव (communication house) में होना, उनकी भावनात्मक गहराई, पारिवारिक जुड़ाव और प्रभावशाली संचार शैली को दर्शाता है. पुष्य नक्षत्र को ज्ञान (wisdom) और पोषण (nourishment) से जोड़ा जाता है, जिससे आमिर खान हमेशा नई चीजें सीखते हैं और समय के साथ खुद को निखारते रहते हैं. यह योग उन्हें अपने परिवार और जड़ों से गहराई से जोड़कर रखता है, जिससे वे अपनी निजी जिंदगी को लेकर हमेशा सतर्क रहते हैं.

मंगल (Mars) का सिंह राशि (Leo) के पांचवे भाव (creativity house) में होना, उन्हें कलात्मक जुनून (creative passion) और मंच पर एक राजसी उपस्थिति (regal intensity) देता है. यही कारण है कि वे स्क्रीन पर इतने प्रभावशाली नजर आते हैं. हालांकि, मंगल का राहु और केतु से टकराव (Mars square with Rahu-Ketu) उनके आंतरिक संघर्ष और बेचैनी (inner battles and restlessness) को दर्शाता है. वे महत्वाकांक्षी (ambitious) हैं, लेकिन बिना सोचे-समझे नहीं. उनकी सफलता का रास्ता आत्म-मंथन और भ्रम से बाहर निकलने की कोशिशों से भरा हुआ है. मंगल और प्लूटो (Pluto) के बीच विरोध (Mars opposite Pluto) होने के कारण, कभी-कभी वे अत्यधिक जुनूनी हो सकते हैं और अपनी इच्छाओं में ज्यादा लिप्त हो सकते हैं, लेकिन यही तीव्रता उन्हें अपने काम में गहराई और मजबूती देती है.

बुध (Mercury), सूर्य (Sun) और शुक्र (Venus) का 11वें भाव (gains and networking house) में होना, उनकी मजबूत नेटवर्किंग और सहयोग बनाने की क्षमता को दर्शाता है. वे बॉलीवुड की चकाचौंध भरी सोशल लाइफ का हिस्सा भले ही न हों, लेकिन वे अपने विज़न को सपोर्ट करने वाले गहरे और महत्वपूर्ण संबंध बनाना जानते हैं. यह भाव लाभ (gains) और इच्छाओं (aspirations) से भी जुड़ा होता है. इन ग्रहों की उपस्थिति से यह साफ होता है कि उनकी सफलता सिर्फ व्यक्तिगत प्रसिद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि वे बड़े पैमाने पर सामाजिक बदलाव और प्रगति में योगदान देना चाहते हैं.

इसका उदाहरण हमें 'सत्यमेव जयते' में देखने को मिला, जहां उन्होंने महिला भ्रूण हत्या, भ्रष्टाचार और स्वास्थ्य समस्याओं जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों को उठाया. मेष राशि (Aries) में स्थित गुरु (Jupiter), जो उनके लग्न (ascendant) के साथ है, उन्हें आत्मविश्वास देता है कि वे अपनी आवाज़ का उपयोग बदलाव लाने के लिए कर सकें. वहीं, मीन राशि (Pisces) में बुध (Mercury) होने से वे दर्शकों से भावनात्मक रूप से जुड़ने में सफल रहे, जिससे यह शो बेहद प्रभावशाली बन गया. शनि (Saturn) का 10वें भाव (career house) में होना यह सुनिश्चित करता है कि उनकी प्रतिष्ठा सिर्फ दिखावे पर नहीं, बल्कि ठोस काम पर आधारित हो. यही वजह है कि वे एक क्षणिक सनसनी (passing sensation) नहीं, बल्कि एक स्थायी प्रभाव छोड़ने वाले व्यक्तित्व हैं.

लेकिन उनके व्यक्तित्व के कुछ गहरे और छिपे हुए पहलू भी हैं. केतु (Ketu) का सातवें भाव (marriage and partnerships house) में और आठवें भाव (mysteries and transformations house) के साथ संबंध होना, उनके व्यक्तिगत संबंधों में एक प्रकार की दूरी या अस्थिरता (detachment and restlessness) को दर्शाता है. वे भावनात्मक रूप से गहरे रिश्ते बना सकते हैं, लेकिन उनके भीतर एक बेचैनी भी रहती है, जिससे वे कभी-कभी अकेलापन पसंद करते हैं या रिश्तों में संतुलन बनाए रखने में संघर्ष करते हैं.

शुक्र (Venus) का सिंह राशि (Leo) में प्लूटो (Pluto) के विपरीत होना, उनके प्रेम जीवन (love life) में तीव्रता (intensity), बदलाव (transformation) और कभी-कभी शक्ति-संघर्ष (power struggles) को दर्शाता है. जैसे उनके करियर में गहराई और परिपक्वता है, वैसे ही उनके रिश्ते भी सतही नहीं होते. उनमें चुनौतियां, बदलाव और आत्म-खोज का तत्व (element of evolution) मौजूद रहता है.

राहु (Rahu) का दूसरे भाव (धन और वाणी) के साथ जुड़ाव (conjunction) यह दर्शाता है कि उनका धन और बोलने की क्षमता से गहरा कर्म संबंध (karmic link) है. उनकी बातों में आकर्षण होता है, चाहे वह इंटरव्यू हो, भाषण हो या फिल्मी डायलॉग - लोग उनकी बातों को ध्यान से सुनते हैं. लेकिन इस ग्रह स्थिति से जीवन में उतार-चढ़ाव भी आते हैं, जिससे उनके वित्तीय मामलों और सार्वजनिक छवि में कभी-कभी बड़े बदलाव (fluctuations) हो सकते हैं.

पहले वे राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर बोलते थे और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय थे. लेकिन जैसे-जैसे राजनीतिक माहौल बदला, उन्होंने खुद को इन विषयों से दूर कर लिया. यह बदलाव उनके राहु-केतु (Rahu-Ketu) अक्ष (axis) से मेल खाता है- राहु (Rahu) पहले भाव (public life) में होने से वे एक बड़ी हस्ती बने. लेकिन केतु (Ketu) सातवें भाव (partnerships and external engagements) में होने से उन्होंने धीरे-धीरे बाहरी गतिविधियों से दूरी बना ली और अपने करियर व निजी जीवन को प्राथमिकता दी. केतु (Ketu) का आठवें भाव (गूढ़ ज्ञान और रहस्य) से संबंध यह भी बताता है कि वे अनदेखी चीजों को समझने की क्षमता रखते हैं.

उनका झुकाव आध्यात्मिकता (spirituality) या गहरे ज्ञान (esoteric knowledge) की ओर भी हो सकता है, भले ही यह उनकी व्यावहारिक छवि से स्पष्ट न हो. उनकी कुंडली (birth chart) यह दर्शाती है कि वे केवल एक कलाकार नहीं, बल्कि एक गहरे सोचने वाले व्यक्ति हैं, जो अपनी रणनीति से आगे बढ़ते हैं. वे हमेशा आत्मनिरीक्षण (self-reflection) और रचनात्मक आलोचना (constructive criticism) को स्वीकार करने वाले इंसान रहे हैं. उनका सफर सिर्फ तात्कालिक शोहरत (quick fame) या तालियों (applause) के लिए नहीं रहा, बल्कि वे ऐसा कुछ बनाना चाहते हैं जो लंबे समय तक प्रभाव छोड़े.

उनकी ग्रह स्थितियां (planetary alignments) यह दर्शाती हैं कि वे एक बेचैन आत्मा (restless soul) हैं, जो कभी ठहरती नहीं, हमेशा सवाल पूछती है और हमेशा बेहतरी की तलाश में रहती है. चाहे वह उनकी फिल्मों का चुनाव हो, उनका कठोर अनुशासन (work ethic) हो, या दशकों तक प्रासंगिक (relevant) बने रहने की क्षमता, उनकी कुंडली यह दर्शाती है कि उनकी प्रतिभा (talent) ही नहीं, बल्कि उनकी महत्वाकांक्षा (ambition), अंतर्ज्ञान (intuition) और भाग्य (destiny) का भी बड़ा योगदान है.

आमिर खान का करियर हमेशा अलग-अलग चरणों (phases) में चला है. उनके 10वें भाव (career) का स्वामी ग्रह शनि (Saturn) है, जो उनके करियर में बेहद अहम भूमिका निभाता है. शनि एक धीमी गति से चलने वाला ग्रह है, इसलिए इसका असर लंबे समय तक रहता है. इसी कारण आमिर खान को करियर में लंबे समय तक लगातार सफलता भी मिली और हाल के वर्षों में असफलता के दौर से भी गुजरना पड़ा. आमिर खान ने 1988 में 'कयामत से कयामत तक' से डेब्यू किया, जो एक हिट फिल्म थी. रातोंरात वे स्टार बन गए और उन्हें 300 से ज्यादा फिल्मों के ऑफर मिले, लेकिन जिन निर्देशकों के साथ वे काम करना चाहते थे, उनसे कोई ऑफर नहीं आया.

उन्होंने कुछ फिल्में चुनीं और दिन में तीन शिफ्ट में काम किया, लेकिन धीरे-धीरे अहसास हुआ कि वे औसत फिल्मों में फंस गए हैं. मीडिया ने उन्हें "वन-फिल्म वंडर" (सिर्फ एक हिट देने वाला अभिनेता) कहना शुरू कर दिया. अप्रैल 1990 में आमिर खान की कुंडली में 20 साल की शुक्र (Venus) महादशा शुरू हुई. शुक्र फिल्म, एक्टिंग, शो-बिजनेस, ग्लैमर, गाने और संगीत का कारक ग्रह है - जो आमिर खान के करियर की पहचान है. जून 1990 में 'दिल' रिलीज हुई, जो एक हिट थी और उनके करियर को फिर से ऊंचाई पर ले गई. इसके बाद लगातार हिट फिल्में आईं: 'दिल है कि मानता नहीं' (1991) – सुपरहिट, 'जो जीता वही सिकंदर' (1992) - आलोचकों द्वारा सराही गई फिल्म, 'हम हैं राही प्यार के' (1993) - बॉक्स ऑफिस पर सफल रही. 

1993 में आमिर खान की कुंडली में शनि रिटर्न (Saturn Return) आया, यानी शनि उसी स्थिति में वापस आया जहां वह उनकी जन्म कुंडली में था. यह जीवन में लक्ष्यों पर दोबारा विचार करने और सही फैसले लेने का समय होता है. आमिर खान ने फैसला किया कि अब वे फिल्मों को ध्यान से चुनेंगे और केवल उन्हीं निर्देशकों के साथ काम करेंगे, जिनकी सोच उनसे मिलती हो. उन्होंने कम लेकिन बेहतरीन फिल्मों में काम करना शुरू किया. इसके बाद 5 साल में उन्होंने लगातार 5 हिट फिल्में दीं: 'रंगीला' (1995), 'राजा हिंदुस्तानी' (1996), 'इश्क' (1997), 'गुलाम' (1998), 'सरफरोश' (2000).

1998 में, शनि रिटर्न के दौरान लिए गए फैसलों के कारण, आमिर खान ने 'लगान' को हरी झंडी दी. 'लगान' (2001) जब रिलीज हुई, तो यह न सिर्फ सुपरहिट हुई बल्कि भारत की तरफ से ऑस्कर (Academy Awards) के लिए भी भेजी गई. इस फिल्म ने आमिर खान को बॉलीवुड में बाकी सितारों से ऊपर पहुंचा दिया. उसी साल 'दिल चाहता है' (2001) भी आई, जो उस समय के लिए एक नई तरह की फिल्म थी और आज भी क्लासिक मानी जाती है. इस तरह आमिर खान ने धीरे-धीरे अपने करियर को एक नया आकार दिया और सिर्फ एक अभिनेता से बढ़कर एक सोचने-विचारने वाले कलाकार बन गए.

2002 में आमिर खान और उनकी पहली पत्नी रीना दत्ता का तलाक हो गया. यह समय उनके लिए भावनात्मक रूप से कठिन था, क्योंकि उसी साल उनकी कुंडली में 'साढ़े साती' (Shani Sade Sati) की शुरुआत हुई. आमिर खान ने खुद बताया है कि उन्होंने इस दौर में दो साल तक कोई काम नहीं किया. जब उन्होंने वापसी की, तो उनकी अगली फिल्म 'मंगल पांडे' (2005) बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही. 2006 में आमिर खान ने 'फना' और 'रंग दे बसंती' जैसी दो सुपरहिट फिल्में दीं. 'रंग दे बसंती' को उसकी सामाजिक संदेश देने वाली कहानी के लिए भी खूब सराहा गया. यह समय उनकी शुक्र महादशा के शनि भुक्ति (Saturn Bhukti of Venus Dasha) का था. इसी दौरान, 28 दिसंबर 2005 को, आमिर खान ने किरण राव से शादी कर ली.

आमिर खान की शुक्र दशा के आखिरी सालों में तीन बड़ी हिट फिल्में आईं: 'तारे ज़मीन पर' (2007) – इस फिल्म की संवेदनशील कहानी और शानदार निर्देशन की खूब तारीफ हुई. 'गजनी' (2008) – यह पहली हिंदी फिल्म थी जिसने ₹200 करोड़ से ज्यादा की कमाई की. '3 इडियट्स' (2009) – एक ब्लॉकबस्टर फिल्म, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया. अप्रैल 2010 में शुक्र दशा खत्म हुई और सूर्य दशा शुरू हुई.

'पीके' (2014) – इस फिल्म ने जबरदस्त सफलता पाई. 'धूम 3' (2013) – यह फिल्म शनि भुक्ति के दौरान आई, लेकिन दर्शकों को ज्यादा पसंद नहीं आई. अप्रैल 2016 में चंद्र दशा शुरू हुई. 'दंगल' (2016) – 3 दिसंबर 2016 को रिलीज हुई और जबरदस्त हिट रही. यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ सफलता लेकर आई. 3 जुलाई 2021 को आमिर खान और किरण राव का तलाक हुआ, यह घटना चंद्र दशा के शनि भुक्ति के दौरान हुई. हालांकि, इस दौर में दो फिल्में फ्लॉप रहीं: 'ठग्स ऑफ हिंदोस्तान' (2018) – बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही. 'लाल सिंह चड्ढा' (2022) – यह भी दर्शकों को ज्यादा पसंद नहीं आई.

ज्योतिषीय रूप से, आमिर खान के लिए 2025 बहुत खास रहेगा. यह साल उनके लिए फिर से खुद को नए सिरे से स्थापित करने का समय होगा. 'सितारे ज़मीन पर' (जून 2025) – यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित होगी और आमिर खान को फिर से टॉप पर ले आएगी.

डिस्क्लेमर: इस लेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के अपने हैं और जरूरी नहीं कि यह प्रकाशन के विचारों से मेल खाते हों.

(लेखक- विक्रम चन्दीरमानी, जो 2001 से ज्योतिष का अभ्यास कर रहे हैं, वैदिक और पश्चिमी ज्योतिष के सिद्धांतों को अपनी सहज बुद्धि के साथ मिलाकर भविष्य की गहरी समझ प्रदान करते हैं.)
 


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