✕

होम / B टाउन / Laal Singh Chaddha Movie Review: लाल सिंह चड्ढा आपको देखनी चाहिए या नहीं? पढ़िए ये रिव्यू

Laal Singh Chaddha Movie Review: लाल सिंह चड्ढा आपको देखनी चाहिए या नहीं? पढ़िए ये रिव्यू

सच पूछिए तो हैरानी तब होती है, जब एक ऐसे युवक की भारतीय सेना में भर्ती होती है, जो फिल्म में मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ दिखाई नहीं देता.

चंदन कुमार 4 years ago

फिल्म : लाल सिंह चड्ढा (Laal Singh Chaddha)
मुख्य कलाकार : आमिर खान, करीना कपूर, नागा चैतन्य, मोना सिंह, मानव विज
निर्देशक : अद्वैत चंदन
निर्माता : आमिर खान और किरण राव
रेटिंग : 2/5

'लाल सिंह चड्ढा', सोच रहा हूं कि आखिर लिखने की शुरुआत कहां से करूं? 'लंबी फिल्म' की कहानी आखिर क्या संदेश देना चाहती है? सबकुछ हवा-हवाई सा लगता है. कोई भी मुद्दा दिखाने से पहले ऐसा लगता है, जैसे उसके बारे में कोई रिसर्च नहीं की गई हो. बस जो मन में आया, दिखाते गए. मन किया तो दंगा दिखा दिया, फिर मन बदल गया तो कारगिल युद्ध दिखा दिया. फिर मन बदला तो अन्ना हजारे का आंदोलन दिखा दिया. कुछ नहीं मिला तो नायक को दौड़ लगाते हुए ही दिखा दिया, वो भी बिना रुके हुए लगातार 4 साल से ज्यादा की दौड़. ऐसे में 'थ्री इडियट्स' फिल्म का बस एक ही डायलॉग याद आता है- 'अरे कहना क्या चाहते हो?'

फिल्म की कहानी
'लाल सिंह चड्ढा' ऑस्कर विजेता अंग्रेजी फिल्म 'फॉरेस्ट गम्प' की रीमेक है. फिल्म की शुरुआत होती है पठानकोट रेलवे स्टेशन से. लाल सिंह चड्ढा (आमिर खान) ट्रेन में गोलगप्पे का डब्बा लिए हुए बैठे हैं. वे अपनी प्रेमिका रूपा डिसूजा (करीना कपूर) से मिलने चंडीगढ़ जा रहे होते हैं. ट्रेन के चलते ही वे साथ में बैठी सवारियों को अपनी जिंदगी की कहानी सुनाने लगते हैं. यात्रियों को उनकी कहानी इंटरेस्टिंग लगती है, तो सभी बड़े ध्यान से सुनने भी लगते हैं.

'भाग लाल भाग'
लाल सिंह चड्ढा एक विकलांग बच्चा है. फिल्म में उसे दिमागी रूप से भी कमजोर दिखाया गया है. हालांकि उसकी मां (मोना सिंह) उसे हौसला देती है कि वह भी दूसरों की तरह सामान्य है, उसे किसी की मदद की जरूरत नहीं है, लेकिन उसकी जिंदगी में 'चमत्कार' उसकी मां नहीं, उसकी प्रेमिका रूपा (करीना कपूर) करती है, जिसके 'भाग लाल भाग' कहते ही वह चुटकी बजाते ही बिना किसी सहारे के दौड़ने लगता है और इतनी तेज कि उसे पकड़ना किसी के भी बस की नहीं है. 'भाग लाल भाग' जब-जब फिल्म में सुनाई देता है, तो 'भाग मिल्खा भाग' की याद आ जाती है. फिल्म की कहानी आगे बढ़ती है, तो बीच-बीच में अचानक से 'आपरेशन ब्लू स्टार', पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या और फिर उसके बाद की हिंसा, बाबरी मस्जिद कांड, कारगिल युद्ध, अन्ना हजारे आंदोलन, मुंबई अटैक की घटना दिखाई जाती है और कमाल की बात यह है कि इन सभी घटनाओं का अकेला गवाह है- 'लाल सिंह चड्ढा'.

भारतीय सेना के साथ नाइंसाफी
सच पूछिए तो हैरानी तब होती है, जब एक ऐसे युवक की भारतीय सेना में भर्ती होती है, जो फिल्म में मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ दिखाई नहीं देता. उस युवक की हरकतें बताती हैं कि वह सेना के लिए फिट नहीं है, बावजूद वह सेना का जवान बनता है. क्या आमिर खान ने इस बारे में रिसर्च नहीं की कि भारतीय सेना में भर्ती के लिए क्या योग्यताएं और शारीरिक क्षमताएं होती हैं? यही नहीं, कारगिल युद्ध के दौरान वह एक ऐसे आतंकवादी मोहम्मद बाजी (मानव विज) की जान बचाता है, जिसने कई भारतीय सैनिकों की हत्या कर दी. इतना ही नहीं, भारतीय सेना के अस्पताल में उसका इलाज भी होता है और मौका देखकर वह फरार भी हो जाता है, लेकिन भारतीय सेना को यह भनक तक नहीं लगती कि वह एक आतंकवादी और भारतीय सैनिकों का हत्यारा था. और तो और लाल सिंह चड्ढा को इस कृत्य के लिए वीर चक्र से भी सम्मानित किया गया. मैं आमिर खान और डायरेक्टर अद्वैत चंदन से पूछना चाहता हूं कि क्या वे हमारी सेना को इस रूप में देखते हैं कि उनके बीच कोई आतंकवादी आ जाए, इलाज करवाए और चला भी जाए, पर हमारे जवानों को पता भी न चले? इतना ही नहीं, वो आतंकवादी आराम से भारत में रहता है, फिर लाल का बिजनेस पार्टनर भी बनता और बड़ी आसानी से पाकिस्तान वापस भी लौट जाता है. यह पूरा सीन मुझे तो बिल्कुल हजम नहीं हुआ.

बीच में अंडरवर्ल्ड भी ले आए
अब आगे बढ़ते हैं. सेना से रिटायर होने के बाद लाल सिंह चड्ढा कारगिल युद्ध के दौरान शहीद हुए अपने दोस्त बाला (नागा चैतन्य) के चड्डी-बनियान के बिजनेस का सपना पूरा करता है. बाला कारगिल युद्ध के दौरान शहीद हो जाता है. देखते ही देखते वह Rupa ब्रांड खड़ा कर लेता है और फिर एक दिन अचानक सबकुछ छोड़ देता है. उस बिजनेस का क्या हुआ, कुछ अता-पता नहीं चलता. यह भी अधूरा सा लगता है. करीना कपूर फिल्म के बीच-बीच में आती हैं और फिर लंबे समय के लिए गायब हो जाती हैं. उनके जरिए इस फिल्म में अंडरवर्ल्ड की दुनिया को भी दिखा दिया गया है. यानी, कुछ भी नहीं छोड़ा- हिंसा, युद्ध, अंडरवर्ल्ड, फिल्मी दुनिया का अंधकार, सबकुछ दिखाने की कोशिश की गई. यही एक बड़ा कारण है कि पूरी फिल्म में कहीं भी ठहराव नजर नहीं आता.

कैसा है अभिनय
अभिनय की बात करें तो आमिर खान अब उतने प्रभावी नजर नहीं आते. ऐसा लगता है, जैसे अभी भी वो 'PK' फिल्म ही कर रहे हैं. उससे बाहर नहीं निकल पा रहे हैं. करीना कपूर ने बेहतर करने की कोशिश की है, पर गुंजाइश बची रह गई. लाल सिंह चड्ढा की मां के रोल में मोना सिंह ने जरूर प्रभावित किया है. उनकी एक्टिंग में दम दिखा. मानव विज को आतंकवादी का रोल जरूर मिला है, पर उनसे खूंखार की जगह एक भले मानुष वाली एक्टिंग करवाई गई है.

क्यों देखें ये फिल्म
मेरे हिसाब से यदि आप आमिर खान के फैन हैं और उनकी कोई फिल्म नहीं छोड़ सकते तो ये फिल्म देख सकते हैं. हां, बीच में थोड़ी-थोड़ी कॉमेडी है, उसे एंजॉय कर सकते हैं.

क्यों न देखें ये फिल्म
ये फिल्म नहीं देखने के कई कारण हैं, जिनमें से कुछ मैंने इस रिव्यू में ऊपर ही बता दिया है. सीन के बीच कोई तालमेल नहीं है. घटनाएं और लाल सिंह चड्ढा के मकसद के बीच कोई सामंजस्य नहीं है. फिल्म कई जगह बोझिल लगती है. कई सीन ऐसे हैं, जिन्हें जबरदस्ती खींचा गया है.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

जन्मदिन विशेष: ब्रांड जिंगल्स से वॉइस वेलनेस तक, ऐसा रहा गायिका शुभांगी तिवारी का सफर

कलाकार, प्रशिक्षक और वॉइस विशेषज्ञ के रूप में शुभांगी तिवारी ने अपनी बहुआयामी प्रतिभा से संगीत जगत और नए कलाकारों पर गहरी छाप छोड़ी है. आज वह अपना जन्मदिन मना रही हैं.

01-July-2026

भारतीय संगीत जगत को बड़ा झटका, महान गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में निधन

सन् 1933 में जन्मी आशा भोसले ने बहुत कम उम्र में ही संगीत की दुनिया में कदम रख दिया था. वह केवल एक गायिका नहीं थीं, बल्कि भारतीय संगीत की आत्मा थीं. उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी.

12-April-2026

कंगना रनौत: सिनेमा से संसद तक का अद्भुत सफर

आज बॉलीवुड अभिनेत्री व सांसद कंगना अपना 40वां जन्मदिन मना रही हैं.

23-March-2026

मुंबई में लॉन्च हुई ‘नमस्ते कान्स’, कान्स फिल्म महोत्सव में भारत की सिनेमाई यात्रा का अनोखा दस्तावेज

इस पुस्तक में 1946 में शुरू हुए कान्स फिल्म फेस्टिवल में भारत की सिनेमाई यात्रा का विस्तृत और जीवंत वर्णन किया गया है.

16-March-2026

कार्तिक आर्यन का रियल एस्टेट में पहला निवेश : अलीबाग में खरीदी 2 करोड़ की जमीन

अमिताभ बच्चन और कृति सेनन के बाद अब बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन ने भी अलीबाग में प्लॉट खरीदा है.

03-September-2025


बड़ी खबरें

बॉम्बे रेयॉन की संपत्तियां कैसे हुईं अलग और कर्ज रह गया? ₹592 करोड़ के सौदे ने उठाए कई सवाल

₹7,000 करोड़ से ₹18 करोड़ तक. बॉम्बे रेयॉन के ₹7,359 करोड़ के दावों के साथ परिसमापन में जाने से दो साल पहले, उसका तारापुर संयंत्र और ब्रांड एक नई कंपनी में चले गए थे. उस कंपनी ने बाद में ₹240 करोड़ जुटाए और अब उसे गोकलदास एक्सपोर्ट्स में समाहित किया जा रहा है. वह सवाल जिसका बॉम्बे रेयॉन ने कभी जवाब नहीं दिया: कारोबार छोड़ने के बदले उसे क्या मिला?

12 hours ago

VB-G-RAM G में कामों का दायरा बढ़ा, अब 375 तरह के कामों को मंजूरी; पानी और आजीविका पर जोर

सरकार का कहना है कि कामों का दायरा बढ़ाने का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को मजदूरी के अवसर देने के साथ ऐसी परिसंपत्तियां तैयार करना है, जिनका गांवों में लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सके.

12 hours ago

प्रोटीन की जरूरत समझ रहे शहरी भारतीय, फिर भी 70% रोजाना 41 ग्राम से कम कर रहे सेवन: रिपोर्ट

पोषण को लेकर जागरूकता बढ़ने के बावजूद प्रोटीन और फाइबर का पर्याप्त सेवन नहीं कर पा रहे शहरी भारतीय, कीमत और सुविधाजनक विकल्पों की कमी बनी बड़ी बाधा

9 hours ago

RBI MPC से पहले रियल्टी की उम्मीदें, 5.25% पर रेपो रेट रहने से होमबायर्स का भरोसा बढ़ने की आस

त्योहारी सीजन में घर खरीदारी के बीच रियल एस्टेट डेवलपर्स की नजर RBI के फैसले पर, स्थिर दरों से EMI, अफोर्डेबिलिटी और हाउसिंग डिमांड को मिल सकता है सहारा

11 hours ago

सितंबर में ऑटो रिटेल बिक्री ने तोड़े रिकॉर्ड, 25.37 लाख वाहनों की हुई बिक्री; टू-व्हीलर की मांग सबसे मजबूत

सितंबर 2026 में देश में कुल 25,36,920 वाहनों की खुदरा बिक्री हुई, जो पिछले साल के मुकाबले 31.82% अधिक है. FADA के मुताबिक, त्योहारी मांग के साथ पिछले साल का कमजोर बेस भी इस तेज वृद्धि की बड़ी वजह है.

11 hours ago