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अब प्रियंका गांधी को संसद भेजने की तैयारी, ऐसे बनाया जाएगा सेफ पैसेज!
रायबरेली से राहुल गांधी और अमेठी से केएल शर्मा की जीत में प्रियंका गांधी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
लोकसभा चुनाव के नतीजे सभी अनुमानों के विपरीत रहे हैं. सरकार भले ही भाजपा के नेतृत्व वाले NDA की बनने जा रही है, लेकिन कांग्रेस के गठबंधन वाले इंडिया ने अपने प्रदर्शन से सबको चौंका दिया है. अकेले कांग्रेस का प्रदर्शन भी पिछली बार से बेहतर रहा है. राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने रायबरेली और वायनाड दोनों सीटों से जीत दर्ज की है. उत्तर प्रदेश की रायबरेली सीट कांग्रेस का गढ़ मानी जाती है और राहुल की जीत से एक बार फिर यह साबित भी हो गया है. जबकि केरल की वायनाड सीट से राहुल पिछली बार संसद पहुंचे थे.
आसान हो सकती है राह
राहुल को दोनों ही सीटों से जीत मिली है. ऐसे में उन्हें संवैधानिक रूप से एक सीट खाली करनी पड़ेगी. खाली होने वाली सीट से कांग्रेस किसे उम्मीदवार बनाएगी, अब ये चर्चा शुरू हो गई है. कयास लगाए जा रहे हैं कि कांग्रेस प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) को मौका दे सकती है. राहुल गांधी ने अब तक स्पष्ट नहीं किया है कि वो संसद में रायबरेली का नेतृत्व करेंगे या वायनाड का. हालांकि, राजनीति के जानकारों का मत है कि राहुल अपनी बहन प्रियंका को संसद का सुरक्षित पैसेज देने के लिए रायबरेली सीट खाली करेंगे. प्रियंका रायबरेली के सियासी समीकरण, भूगोल और स्थानीय नेतृत्व से वह पूरी तरह वाकिफ हैं. इसके अलावा, यह कांग्रेस की कांग्रेस की पारंपारिक सीट रही है. ऐसे में प्रियंका का यहां से जीतना आसान हो सकता है.
चर्चा के बाद होगा फैसला
रायबरेली में राहुल गांधी की जीत से पहले सोनिया गांधी यहां से सांसद थीं. ऐसे में यह प्रियंका गांधी के लिए अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करने के लिए सबसे सुरक्षित सीट हो सकती है. कुछ समय पहले एक मीडिया हाउस से बातचीत में जब प्रियंका पूछा गया था कि क्या वह भविष्य में चुनाव लड़ना पसंद करेंगी, तो उनका जवाब था - यदि जनता को लगता है कि मुझे चुनाव लड़ना चाहिए तो मैं जरूर ऐसा करूंगी. बता दें कि राहुल गांधी जिस सीट से इस्तीफा देंगे वहां उप-चुनाव कराए जाएंगे. चुनाव परिणामों के बाद राहुल गांधी ने कहा था कि मैं रायबरेली और वायनाड के मतदाताओं को दिल से धन्यवाद देना चाहता हूं. मैं चर्चा करने के बाद फैसला लूंगा कि मुझे किस सीट पर रहना है. दोनों सीटों से तो सांसद नहीं रह सकता.
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