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बेटी ही नहीं, बाप भी फर्जी! पूजा खेडकर के पिता ने चुनावी हलफनामे में किया बड़ा लोचा
महाराष्ट्र कैडर की ट्रेनी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर पर लगे इल्जामों से हर कोई वाकिफ है, लेकिन उनके माता-पिता पर भी कम गंभीर आरोप नहीं हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
पूर्व ट्रेनी IAS अधिकारी पूजा खेड़कर का कथित फर्जीवाड़ा तो आपको याद ही होगा. गलत जाति प्रमाण पत्र के आधार पर खेड़कर UPSC परीक्षा में बैठी और IAS बनने में सफल भी रही. अब उनके पिता दिलीप खेडकर भी विवादों में घिर गए हैं. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में हाथ आजमा रहे खेडकर के पिता का मैरिटल स्टेटस क्या है? वो शादीशुदा हैं या फिर तलाकशुदा, इनके शादी का असली स्टेटस क्या है? अगर आप यह जानने की कोशिश करेंगे तो एक बार को आपका भी माथा घूम जाएगा. महाराष्ट्र की अहमदनगर विधानसभा सीट से भरे गए नामांकन में उनके मैरिटल स्टेटस पर सवाल खड़े हो गए.
चुनावी हलफनामें में दी गलत जानकारी
दरअसल, दिलीप खेडकर ने अहमदनगर दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया है. दिलीप खेडकर ने अपने हालिया नामांकन पत्र में खुलासा किया है कि वह तलाकशुदा हैं. खासबात यह है कि इससे पहले दिलीप खेडकर ने लोकसभा चुनाव भी लड़ा था. तब उन्होंने अपने हलफनामे में दी गई जानकारी से यह दावा किया था कि वो मैरिड हैं और उनकी वाइफ मनोरमा खेडकर हैं. यहां तक देखने और सुनने में सब साफ-साफ ही लग रहा है. हो सकता है कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच में पति-पत्नी के बीच तलाक हो गया हो, लेकिन यह सच नहीं है.
2010 में ही हो चुका तलाक
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बहुजन आघाड़ी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे दिलीप खेडकर और मनोरमा खेडकर के बीच तलाक तो जून 2010 में ही हो चुका है. साल 2009 में पुणे की फैमिली कोर्ट में दोनों ने आपसी सहमति से तलाक के लिए अर्जी दी थी. करीब एक साल बाद उन्हें तलाक मिल गया. न्यूज रिपोर्ट में दावा किया गया कि तलाक के बावजूद दंपति पुणे के बानेर इलाके में मनोरमा खेडकर के स्वामित्व वाले बंगले में एक साथ रहते रहे. लोकसभा चुनाव के लिए प्रस्तुत अपने हलफनामे में दिलीप खेडकर ने मनोरमा खेडकर को अपनी पत्नी बताया और उनकी संयुक्त स्वामित्व वाली संपत्तियों का विवरण दिया. उन्होंने अपने घर को “अनडिवाइडेड हिन्दू फैमिली” भी बताया.
पूजा खेडकर पर धोखाधड़ी का मामला
बता दें कि UPSC परीक्षा में कथित तौर पर आरक्षण का लाभ लेने के लिए 2022 में किए गए अपने आवेदन में पूजा खेडकर ने कथित रूप से गलत जानकारी प्रस्तुत की थी. इसके आधार पर वो ट्रेनी आईएएस अधिकारी भी बन गई. मामले के तूल पकड़ने के बाद खेडकर को निलंबित किया गया. उनके खिलाफ दिल्ली में फर्जीवाड़े का मुकदमा भी दर्ज किया गया है. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच इस मामले की जांच कर रही है.
पूजा खेडकर के विवादों की लिस्ट
• निजी ऑडी कार पर लाल बत्ती लगाई, हनक दिखाई. ऑडी पर 'महाराष्ट्र सरकार' का साइनबोर्ड लगाया.
• ऑफिशियल कार, आवास, ऑफिस और अतिरिक्त स्टाफ की मांग की.
• पिता दिलीप खेडकर ने बेटी की मांग पूरी करने के लिए डीएम पर दबाव डाला. पूजा ने अपने सीनियर अजय मोरे के ऑफिस पर कब्जा करने के लिए उनका नेम प्लेट तक हटा दिया.
• IAS की नौकरी के लिए फर्जी दिव्यांगता सर्टिफिकेट दिया. 3 दिव्यांगता सर्टिफिकेट के लिए 3 अलग-अलग पते का इस्तेमाल किया.
• पुणे में अपनी ट्रेनिंग के दौरान कई अधिकारियों को परेशान भी किया.
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