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महागठबंधन में सबकुछ नहीं ठीक, उद्धव ठाकरे के इस बयान के क्या हैं मायने?
महा विकास आघाडी में कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) शामिल हैं. जबकि महायुति में भाजपा, एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना और अजित पवार गुट की एनसीपी शामिल है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव सिर पर हैं और महाविकास अघाड़ी में सीटों के बंटवारे को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. दरअसल, हरियाणा चुनाव में कांग्रेस के बुरे हाल से शिवसेना और एनसीपी जैसी सहयोगी पार्टियां ज्यादा सीटों की मांग कर रही हैं, जबकि कांग्रेस खुद को सबसे बड़ा साबित करने में जुटी है. इस वजह से ऐसी आशंका उत्पन्न हो गई है कि जनता के राज्य की सरकार का फैसला करने से पहले इस महागठबंधन की गांठ खुल सकती है.
टूटना नहीं चाहिए रिश्ता
राज्य में एक ही चरण में 20 नवंबर को ही चुनाव होना है. भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति में सीट शेयरिंग को लेकर लगभग सहमति बन गई है. लेकिन महाविकास अघाड़ी में गतिरोध बरकरार है. इस बीच, शिवसेना (UBT) के प्रमुख उद्धव ठाकरे के एक बयान से इस गठबंधन में चल रही खींचतान खुलकर सामने आ गई है. उन्होंने कहा है कि सीटों के बंटवारे को लेकर गठबंधन नहीं टूटना चाहिए.
राउत ने कसा तंज
उधर, उद्धव की पार्टी के नेता संजय राउत ने कहा है कि कांग्रेस में निर्णय लेने की क्षमता नहीं है. राउत ने महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाडी (MVA) में सीट बंटवारे को लेकर हो रही देरी पर नाराज़गी जताई. साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस की प्रदेश इकाई के नेता फैसले लेने में सक्षम नहीं हैं. राउत ने कहा कि एमवीए के घटक दलों में महाराष्ट्र विधानसभा की कुल 288 सीट में से 200 पर आम सहमति कायम हो गई है. इसका मतलब है कि अभी भी 88 सीटों पर पेंच फंसा हुआ है.
कौन, किसका हिस्सा?
महा विकास आघाडी में कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) शामिल हैं. जबकि महायुति में भाजपा, एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना और अजित पवार गुट की एनसीपी शामिल है. लोकसभा चुनाव में महायुति का महाराष्ट्र में प्रदर्शन बेहद खराब था. जनता ने MVA पर ज्यादा भरोसा जताया था. खासकर, उद्धव ठाकरे की पार्टी को काफी वोट मिले थे. इसी को ध्यान में रखते ही विपक्षी दलों को भरोसा है कि इस बार राज्य में उनकी सरकार बनेगी. ठाकरे ने हाल ही में कहा था कि महाराष्ट्र में राजनीतिक परिदृश्य बदल गया है और लोगों ने 20 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में विपक्षी एमवीए को सत्ता में लाने का फैसला किया है.
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