होम / चुनाव / Maharashtra: किस्सा कुर्सी का...कहीं चुनाव से पहले ही न खुल जाए गठबंधन की गांठ? 

Maharashtra: किस्सा कुर्सी का...कहीं चुनाव से पहले ही न खुल जाए गठबंधन की गांठ? 

महाराष्ट्र में एक ही चरण में विधानसभा चुनाव होना है. 20 नवंबर को राज्य में वोट डाले जाएंगे. विपक्षी दलों के गठबंधन को अपनी जीत का पूरा भरोसा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले विपक्षी गठबंधन में दरार पड़ने की आशंका है. मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इसे लेकर विपक्षी दलों में रार हो सकती है. दरअसल, चुनाव के ऐलान से पहले उद्धव ठाकरे ने मांग की थी कि महाविकास अघाड़ी (MVA)को सीएम फेस पर पहले ही फैसला ले लेना चाहिए, लेकिन कांग्रेस और शरद पवार इसके लिए तैयार नहीं थे. उनका कहना था कि एकजुट होकर चुनाव लड़ना चाहिए और इस पर बाद में फैसला लेना चाहिए. हालांकि, अब कांग्रेस ने CM पर दावेदारी जताकर विवाद की आशंका को जन्म दे दिया है.

RSS के ऑफर का जिक्र
एक रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस लीडर पृथ्वीराज चव्हाण ने मुख्यमंत्री पद को अपनी पार्टी का अधिकार बताया है. उन्होंने कहा कि हमें भरोसा है कि महाविकास अघाड़ी को चुनाव में जीत मिलेगी और अगला सीएम कांग्रेस से होगा. उन्होंने यह भी कहा कि आरएसएस के सीनियर नेता ने मुझसे संपर्क करके भाजपा ज्वाइन करने का ऑफर दिया था. लेकिन मैंने स्पष्ट कर दिया कि मैं कांग्रेस ही रहूंगा और इस बार चुनाव के बाद हमारा ही मुख्यमंत्री बनेगा. 

सीटें नहीं होंगी पैमाना
माना जा रहा है कि पृथ्वीराज चव्हाण के सीएम पद पर कांग्रेस के दावे वाले बयान को लेकर विपक्षी गठबंधन में विवाद शुरू हो सकता है. मालूम हो कि उद्धव ठाकरे ने कहा था कि सीएम का फैसला इस बात पर नहीं होगा कि ज्यादा सीटें किसने जीती हैं. उन्होंने भले ही किसी दल का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा कांग्रेस की तरफ था. दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर भी लंबी खींचतान चली थी.  

इधर, भाजपा में मतभेद
उधर, योगी आदित्यनाथ के 'बंटेंगे तो कटेंगे' नारे को लेकर भाजपा गठबंधन में मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं. महायुति का हिस्सा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख अजित पवार के बाद अब BJP लीडर पंकजा मुंडे ने भी इस नारे पर ऐतराज जाता है. उनका कहना है कि महाराष्ट्र में इस नारे की कोई ज़रूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि हमारे राज्य में इस नारे की कोई ज़रूरत नहीं है. हम इसका समर्थन केवल इसलिए नहीं कर सकते, क्योंकि हम भी उसी पार्टी के हैं. मुड़े ने कहा कि विकास ही असली मुद्दा है. नेता का काम है कि वो इस धरती पर रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अपना समझे.  


टैग्स
सम्बंधित खबरें

मुखर्जी के गृह राज्य में भगवा लहर: पश्चिम बंगाल में BJP की ऐतिहासिक बढ़त

चुनाव परिणामों को ऐतिहासिक और अभूतपूर्व बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह जनता के विश्वास और विकास की राजनीति का परिणाम है.

05-May-2026

थलापति विजय: सिनेमा से सत्ता तक, तमिलनाडु में नई राजनीतिक कहानी की शुरुआत

थलापति विजय का उभार तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत है. जिस तरह फिल्मी दुनिया से निकलकर उन्होंने जनता के बीच अपनी जगह बनाई है, वह आने वाले समय में राज्य की राजनीति की दिशा बदल सकता है.

05-May-2026

बंगाल-असम में लहराया BJP का परचम, केरल में UDF की सरकार और तमिलनाडु में TVK की लहर

इन शुरुआती रुझानों ने साफ कर दिया है कि 2026 का चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि देश के कई राज्यों में राजनीतिक संतुलन के बड़े बदलाव का संकेत है.

04-May-2026

रेखा गुप्ता बनीं दिल्ली की मुख्यमंत्री, 6 विधायकों ने भी ली मंत्री पद की शपथ

6 विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ग्रहण कर ली है. उनके मंत्रिपरिषद में प्रवेश सिंह, आशीष सूद, मनजिंदर सिंह सिरसा, रविंद्र इंद्राज सिंह और डॉ. पंकज सिंह शामिल हैं.

20-February-2025

रेखा गुप्ता को मिली दिल्ली की कमान, आज बनेंगी दिल्ली की चौथी महिला मुख्यमंत्री

दिल्ली (Delhi) फतह के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य के मुख्यमंत्री का पद रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) को सौंप दिया है.

19-February-2025


बड़ी खबरें

होम लोन लेने वालों के लिए खुशखबरी! बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने घटाई ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस भी माफ

अगर आप निकट भविष्य में घर खरीदने या नया होम लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो बैंक ऑफ महाराष्ट्र का यह सीमित अवधि का ऑफर आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है.

2 hours ago

भारत की फैक्ट्री ग्रोथ पड़ी धीमी, जुलाई में PMI फिसलकर 53.5 पर पहुंचा

नए ऑर्डर और भर्ती में सुस्ती, जुलाई में मैन्युफैक्चरिंग PMI अगस्त 2021 के बाद सबसे निचले स्तर पर आ गया है.

26 minutes ago

एक सरल जीवन की गरिमा

लेखक बृज बख्शी के अनुसार, इतिहास और हमारे आसपास की दुनिया हमें बताती है कि समाज कुछ चुनिंदा प्रसिद्ध लोगों के सहारे नहीं, बल्कि उन लाखों साधारण लोगों के कारण टिके रहते हैं, जो अपने दायित्वों को निरंतरता और समर्पण के साथ निभाते हैं.

1 hour ago

Happy Birthday Sunil Grover: 'गुत्थी' से बने विज्ञापन जगत के 'मार्केटिंग गोल्ड', जानें कितनी है नेटवर्थ

आज के दौर में, जब विज्ञापन जगत तेजी से इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग की ओर बढ़ रहा है, सुनील ग्रोवर अपनी अभिनय क्षमता और किरदारों के दम पर अलग पहचान बनाए हुए हैं. उनकी खासियत यह है कि दर्शक उनके निभाए किरदार को भी याद रखते हैं और उससे जुड़े ब्रांड को भी नहीं भूलते.

2 hours ago

SEBI के आदेश से ₹3,144 करोड़ की फंड जुटाने की योजना पर नहीं पड़ेगा असर: ZEE

कंपनी के अनुसार, इस फंड जुटाने का उद्देश्य उसकी वित्तीय स्थिति को और मजबूत करना तथा हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित करना है.

3 hours ago