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39 साल का अनुभव, आतंकवाद से निपटने में महारत...नए आर्मी चीफ के बारे में जानिए सबकुछ
लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी को भारतीय सेना का अगला प्रमुख नियुक्त किया गया है. आर्मी चीफ के रूप में उनका कार्यकाल 30 जून 2024 से शुरू होगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
लेफ्टिनेंट जनरल उपेन्द्र द्विवेदी नए आर्मी चीफ होंगे. वर्तमान में थल सेना के डिप्टी चीफ के रूप में कार्यरत उपेन्द्र द्विवेदी मौजूदा सेना प्रमुख जनरल मनोज सी पांडे का स्थान लेंगे. जनरल पांडेय 30 जून, 2024 को रिटायर हो रहे हैं. जनरल पांडे पहले 31 मई को रिटायर होने वाले थे, लेकिन फिर सरकार ने उनका कार्यकाल 30 जून तक बढ़ा दिया था.
कौन हैं लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी?
लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी का जन्म 1 जुलाई 1964 को हुआ था. लेफ्टिनेंट द्विवेदी ने सैनिक स्कूल रीवा, नेशनल डिफेंस कॉलेज और यूएस आर्मी वॉर कॉलेज से हुई है. उन्होंने डीएसएससी वेलिंगटन और आर्मी वॉर कॉलेज (महू) से भी कोर्स किया है. इसके अलावा उन्हें यूएसएडब्ल्यूसी, कार्लिस्ले, अमेरिका में प्रतिष्ठित एनडीसी समकक्ष पाठ्यक्रम में 'विशिष्ट फेलो' से सम्मानित किया गया. उनके पास रक्षा और प्रबंधन अध्ययन में एम फिल और सामरिक अध्ययन और सैन्य विज्ञान में दो मास्टर डिग्री हैं. लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी को परम विशिष्ट सेवा पदक (पीवीएसएम), अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम) और तीन जीओसी-इन-सी प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया है.
15 दिसंबर 1984 में ज्वाइन की थी सेना
लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी को सैन्य गतिविधियों में करीब 40 साल का अनुभव है. उन्हें 15 दिसंबर, 1984 को भारतीय सेना की इन्फैंट्री जम्मू और कश्मीर राइफल्स में कमीशन मिला था. अपनी लंबी और विशिष्ट सेवा के दौरान उन्होंने कई कमांड, स्टाफ और इंस्ट्रक्शनल में काम किया है. लेफ्टिनेंट उपेंद्र द्विवेदी की कमांड नियुक्तियों में रेजिमेंट 18 जम्मू और कश्मीर राइफल्स, ब्रिगेड 26 सेक्टर असम राइफल्स, आईजी, असम राइफल्स (पूर्व) और 9 कोर की कमान भी शामिल हैं.
आतंकवाद से निपटने में महारत
देश के नए आर्मी चीफ के पास उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर काम करने का शानदार अनुभव है. वह कश्मीर और राजस्थान में भी यूनिट की कमान संभाल चुके हैं. उनके पास न सिर्फ आतंकवाद के खिलाफ लड़ने का अनुभव है बल्कि उनको उत्तरी पूर्वी राज्यों में उग्रवाद से निपटने वाले ऑपरेशन में महारत भी हासिल हैं. नए सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी सेना के आधुनिकीकरण प्रक्रिया में भी शामिल रह चुके हैं. आत्मनिर्भर भारत के तौर पर सेना में स्वदेशी हथियारों के शामिल कराने में भी उनकी अहम भूमिका रही.
भारत-चीन सीमा का है लंबा अनुभव
लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी ने 2022-2024 के कार्यकाल के दौरान उन्होंने पूर्वी लद्दाख को लेकर चीन के साथ चल रही बातचीत में अहम भूमिका निभाई थी. लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी का सेना के आधुनिकीकरण में काफी योगदान रहा. वो आत्मनिर्भर भारत के तौर पर सेना में स्वदेशी हथियारों के शामिल कराने में अगुवाई किया.
मनोज पांडे को मिला था सेवा विस्तार
बता दें कि इस साल मई में मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने निवर्तमान सेनाध्यक्ष जनरल मनोज पांडे को सेवा विस्तार दिया था. उनके सेवा विस्तार को एक महीने के लिए बढ़ दिया गया था. जनरल मनोज पांडे 31 मई को सेवानिवृत्त होने वाले थे, लेकिन उनका कार्यकाल 30 जून तक बढ़ा दिया गया था. आम तौर पर सेना प्रमुखों का कार्यकाल 62 वर्ष की आयु या तीन वर्ष पहले तक होता है.
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