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Britain: भारतीय मूल के ऋषि सुनक को सत्ता से हटाने के लिए कीर ने भारतीयों को कैसे मनाया?

ब्रिटेन में लेबर पार्टी लंबे समय के बाद सत्ता में वापसी कर रही है. ऋषि सुनक की सत्ता से विदाई हो रही है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

ब्रिटेन में भारतीय मूल के ऋषि सुनक की सत्ता से विदाई हो गई है. लेबर पार्टी लंबे अर्से बाद ब्रिटेन में सरकार बनाने जा रही है. 650 सीटों वाले यूके में लेबर पार्टी बहुमत की तरफ बढ़ चली है. पार्टी के इस शानदार प्रदर्शन का पूरा श्रेय कीर स्टारमर को जाता है. कीर ही अब ब्रिटेन की कमान संभालेंगे. ब्रिटेन में बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं. किसी भी पार्टी को सत्ता तक पहुंचने के लिए उनके वोटों की ज़रूरत पड़ती है. ऐसे में सवाल यह उठता है कि भारत विरोधी छवि रखने वाली पार्टी के नेता कीर आख़िरकार भारतीयों के वोट हासिल करने में कैसे कामयाब रहे? उन्होंने आखिर ऐसा क्या किया कि UK में रहने वाले भारतीय मतदाताओं ने भारतीय मूल के ऋषि सुनक के बजाए उन पर ज्यादा विश्वास दर्शाया?

पार्टी की छवि बदली
लेबर पार्टी का इतिहास भारत विरोधी रहा है. पार्टी की सरकार में भारत के साथ रिश्तों को खास तवज्जो नहीं दी गई. इतना ही नहीं, लेबर पार्टी कश्मीर मुद्दे पर भी भारत से अलग सोच दर्शाती आई है. अपनी पुरानी भारत विरोधी छवि के साथ कीर स्टारमर का ब्रिटेन की सत्ता तक पहुंचना नामुमकिन था, इसलिए उन्होंने पहले पार्टी की छवि बदलने का प्रयास किया. उन्होंने भारतीयों को यह विश्वास दिलाया कि लेबर पार्टी अब बदल चुकी है. कीर यह साबित करने में कामयाब रहे कि कश्मीर विरोधी रुख रखने वाले पार्टी लीडर जेरेमी कॉर्बिन और उनकी सोच में जमीन-आसमान का फर्क है.   

मंदिरों के लगाए चक्कर 
कीर स्टारमर ने मंदिरों के भी चक्कर लगाए. वह लंदन के किंग्सबरी स्थित श्री स्वामीनारायण मंदिर गए और यहां भारतीय मूल के लोगों से बातचीत की. उन्होंने भारतीयों को आश्वस्त किया था कि ब्रिटेन में हिंदूफोबिया के लिए कोई जगह नहीं है. कीर ने भारत के साथ अच्छे संबंधों की वकालत करते हुए यह साबित करने की कोशिश की कि उनकी सरकार लोकतंत्र और संभावनाओं के साझा मूल्यों को ध्यान में रखते हुए दोनों देशों के बीच संबंध स्थापित करेगी. अपने चुनावी भाषणों में उन्होंने कहा था कि हम भारत के साथ मिलकर फ्री ट्रेड एग्रीमेंट,ग्लोबल सिक्योरिटी, क्लाइमेट सिक्योरिटी और इकोनॉमिक सिक्योरिटी पर नई रणनीति बनाएंगे. 

दूर किया भारतीयों का डर
कीर स्टारमर से पूर्व लेबर पार्टी के नेता रहे जेरेमी कॉर्बिन का कश्मीर विरोधी रुख कई बार सामने आया है. इससे भारतीयों के मन में यह डर था कि लेबर प्रति के सरकार में उनके लिए परिस्थितियां विपरीत हो जाएंगी. वह अलग -थलग पड़ जाएंगे. लेकिन कीर भारतीयों के मन से इस डर को निकाले में कामयाब रहे. गौरतलब है कि कश्मीर पर अपने रुख के चलते लेबर पार्टी को 2019 में काफी नुकसान उठाना पड़ा था. पार्टी के प्रति ब्रिटेन में रहने वाले भारतीयों का आक्रोश भी सामने आया था. ऐसे में इस चुनाव में कीर स्टारमर ने काफी फूंक-फूंककर कदम रखा और भारतीयों के पक्ष में ही ज़्यादातर बातें कीं.

नहीं होगा कोई भेदभाव
61 साल के कीर स्टारमर पेशे से वकील हैं. 2015 में उन्हें पहली बार ब्रिटिश सांसद चुना गया था. कीर इस बात को अच्छे से समझ गए थे कि ब्रिटेन में बसे भारतीयों की मदद के बिना उनके लिए सत्ता तक पहुंचना नामुमकिन होगा और पिछली सोच के साथ उन्हें भारतीयों के वोट कभी हासिल नहीं होंगे. इसलिए उन्होंने काफी पहले से ही पार्टी की भारत विरोधी छवि को बदलना शुरू कर दिया था. उन्होंने मंदिरों के चक्कर लगाकर हिंदुओं को यह विश्वास दिलाया कि उनकी सरकार में किसी किस्म का भेदभाव नहीं किया जाएगा. हिंदूफोबिया के लिए ब्रिटेन में कोई जगह नहीं होगी. दरअसल, कई मुद्दों को लेकर ऋषि सुनक के प्रति लोगों में नाराज़गी थी और कीर उसे भुनाने में कामयाब रहे.   
 


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