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भारतीय के हाथ से भले ही गई सत्ता, लेकिन ब्रिटिश सरकार में कायम रहेगा भारतवंशियों का जलवा
ब्रिटेन के आम चुनावों में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के नेताओं को भी जीत मिली है. इनमें से सबसे ज्यादा लेबर पार्टी से ताल्लुख रखते हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
ब्रिटेन की सत्ता में 14 साल के बाद लेबर पार्टी ने वापसी की है. जबकि कंजर्वेटिव पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. आम चुनाव में कीर स्टार्मर (Keir Starmer) की लेबर पार्टी को 412 सीटें मिली हैं और ऋषि सुनक की कंजर्वेटिव पार्टी लेवल 121 सीटों पर ही सिमट गई है. इस तरह, भारतीय मूल के ऋषि सुनक (Rishi Sunak) को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री की कुर्सी खाली करनी पड़ी है. हालांकि, UK की नई सरकार में भी भारतवंशियों का जलवा कायम रहेगा, क्योंकि भारतीय मूल के 26 लीडर जीतकर संसद पहुंचे हैं. यह आंकड़ा पिछली सरकार के मुकाबले दोगुने के करीब है, जो दर्शाता है कि ब्रिटेन की जनता का भारतीयों पर विश्वास लगातार बढ़ रहा है.
पिछली बार जीते थे 15
ब्रिटेन में 2019 के आम चुनाव में 15 भारतवंशी जीते थे और इस बार यह संख्या बढ़कर 26 हो गई है. गौर करने वाली बात ये है कि जीतकर संसद के निचले सदन यानी ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ में पहुंचने वाले सबसे अधिक भारतवंशी लेबर पार्टी से हैं, जिस पर भारत विरोधी टैग लगता रहा है. हालांकि, कीर स्टार्मर शुरुआत से ही यह कहते आए हैं कि लेबर पार्टी पूरी तरह से बदल गई है और भारत के साथ अच्छे रिश्ते चाहती है. कीर ने काफी भारतीय मूल के नेताओं को टिकट दी, ताकि यह संदेश दे सकें कि लेबर पार्टी पुरानी सोच से बाहर निकल चुकी है और वह काफी हद तक इसमें कामयाब भी हुए.
लेबर पार्टी के सांसद
लेबर पार्टी (Labour Party) की वरिष्ठ पार्टी नेता सीमा मल्होत्रा ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की है. इसी तरह, पूर्व सांसद कीथ वाज की बहन और मूलरूप से गोवा से ताल्लुख रखने वालीं वालेरी भी विजयी रही हैं. भारतीय मूल की लीजा नंदी को विगान निर्वाचन क्षेत्र में सफलता मिली है. चुनाव में किस्मत आजमाने वालीं ब्रिटिश सिख सांसद प्रीत कौर गिल, तनमनजीत सिंह धेसी, नवेंदु मिश्रा और नादिया व्हिटोम के सिर भी जीत का सेहरा बंधा है. इनके साथ-साथ बैगी शंकर, जस अठवाल, हरप्रीत उप्पल, वरिंदर जूस, सतवीर कौर, गुरिंदर जोसन, कनिष्क नारायण, सोनिया कुमार, किरीथ एंटविस्टल, जीवन संधेर, सोजन जोसेफ और सुरीना ब्रेकनब्रिज भी संसद पहुंचे हैं.
कंजर्वेटिव से ये रहे विजेता
कंजर्वेटिव पार्टी से जीतने वाले भारतवंशियों की संख्या बेहद सीमित है. ऋषि सुनक को मिलाकर भारतीय मूल के केवल 5 ब्रिटिश लीडर्स चुनाव में जीते हैं. इनमें पूर्व गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन, प्रीति पटेल, गगन महिंद्रा और शिवानी राजा शामिल हैं. वहीं, लिबरल डेमोक्रेट्स ने 60 से अधिक सीट हासिल करके लगभग सभी क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन किया. पार्टी की टिकट पर भारतीय मूल की मुनीरा विल्सन को भी जीत हासिल हुई है. इसी तरह, निगेल फराज पर भी जनता ने भरोसा जताया है.
कीर स्टार्मर बने PM
सत्ता के उलटफेर के साथ ही ब्रिटेन की कमान अब कीर स्टार्मर के हाथों में आ गई है. उन्हें प्रधानमंत्री चुन लिया गया है. लेबर पार्टी लीडर कीर स्टार्मर ने शुक्रवार को बकिंघम पैलेस में महाराजा चार्ल्स तृतीय से मुलाकात की, जिसके बाद वह आधिकारिक रूप से ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बन गए. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कीर स्टार्मर को ब्रिटेन के PM चुने जाने पर बधाई दी है. अब देखने वाली बात ये होगी कि कीर के नेतृत्व में ब्रिटेन और भारत के संबंध कैसे रहते हैं.
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