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'वन नेशन, वन इलेक्शन पर कहां तक पहुंची बात, सामने आई ये बड़ी खबर!
मोदी सरकार एक राष्ट्र एक चुनाव की अवधारणा पर तेजी से काम कर रही है. इस संबंध में गठित समिति की रिपोर्ट भी सरकार को मिल चुकी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
'वन नेशन, वन इलेक्शन' (One Nation One Election) दी सरकार के प्रमुख एजेंडे में शुमार है और सरकार इस दिशा में तेजी से काम कर रही है. माना जा रहा है कि मोदी सरकार अपने इसी कार्यकाल यानी कि मोदी 3.0 में 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' विधेयक लेकर आ सकती है. सरकार के लिए अच्छी बात यह है कि उसके सहयोगी इसके लिए तैयार बताए जा रहे हैं.
सहयोगी भी हैं तैयार
मोदी सरकार इस बार सहयोगियों के बूते सत्ता में टिकी है. नीतीश कुमार की JDU और चंद्रबाबू नायडू की TDP सरकार की प्रमुख सहयोगी हैं. ऐसे में सरकार को दलों को विश्वास लें लेना ज़रूरी है. बताया जा रहा है कि JDU और TDP सहित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल सभी दल 'वन नेशन, वन इलेक्शन' पर सरकार के साथ हैं. बता दें कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों को एक साथ कराने की अवधारणा को 'वन नेशन, वन इलेक्शन' नाम दिया गया है.
PM ने किया था अनुरोध
एक राष्ट्र, एक चुनाव' का वादा भाजपा के लोकसभा चुनाव के घोषणापत्र में शामिल रहा है. इस साल स्वतंत्रता दिवस के भाषण के दौरान भी PM मोदी ने वन नेशन वन इलेक्शन के मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों से एक साथ आने का अनुरोध किया था. मोदी ने कहा था कि मैं सभी से एक राष्ट्र एक चुनाव के संकल्प को हासिल करने के लिए साथ आने का अनुरोध करता हूं, यह समय की मांग है.
समिति ने दिया ये सुझाव
सरकार ने इस संबंध में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक समिति गठित की थी, जिसने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. जानकारी के मुताबिक, इस रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि पहले लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराए जाने चाहिए. इनके 100 दिन के भीतर स्थानीय निकाय चुनाव होने चाहिए. इस तरह, पूरे देश में एक निश्चित समयावधि के भीतर सभी चुनाव संपन्न हो सकेंगे.
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