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कहीं खुल न जाए गठबंधन की गांठ, अजित पवार के बाद शिंदे गुट भी BJP से नाराज?
मोदी सरकार की तीसरी पारी की शुरुआत हो चुकी है. इस बीच सरकार के दो सहयोगियों में नाराजगी की खबर है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
लगातार तीसरी बार देश का नेतृत्व कर रहे पीएम मोदी (PM Modi) के लिए गठबंधन की सरकार चलाना आसान नहीं होगा. इस सरकार का भविष्य क्या होगा ये आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन भविष्य में आने वाली चुनौतियों की झलक अभी से दिखाई देने लगी है. अजित पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के बाद अब एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना (Shiv Sena) ने भी मोदी कैबिनेट को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है. शिवसेना के चीफ व्हीप श्रीरंग बारणे ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में पार्टी को उचित जगह नहीं मिलने पर गुस्सा जाहिर किया है.
पासवान का दिया उदाहरण
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, श्रीरंग बारणे का कहना है कि चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और HD कुमारस्वामी को कम सीटें जीतने के बावजूद मोदी कैबिनेट में जगह दी गई है. वहीं, शिवसेना के सात सांसद होने के बावजूद उसे केवल स्वतंत्र प्रभार के साथ एक राज्य मंत्री का पद दिया गया है. बारणे ने आगे कहा कि हम कैबिनेट में जगह की उम्मीद कर रहे थे. चिराग पासवान की पार्टी के पांच सांसद हैं, मांझी की पार्टी का एक सांसद हैं और जेडीएस 2 सीटों पर विजयी हुई है. जबकि एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना को 7 सीटें मिली हैं.
इतना अलग रुख क्यों?
श्रीरंग बारणे ने कहा कि ज्यादा सीटें जीतने के बावजूद शिवसेना को सिर्फ एक राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मिला है. शिवसेना के चीफ व्हिप ने यह भी कहा कि हमारी पार्टी के स्ट्राइक रेट को देखते हुए हमें कैबिनेट मंत्री पद दिया जाना चाहिए था. बारणे ने खुलकर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि एनडीए के अन्य घटक दलों के एक-एक सांसद जीतकर आए, लेकिन उन्हें कैबिनेट मंत्री का पद दिया गया, तो फिर बीजेपी ने शिंदे गुट के प्रति इतना अलग रुख क्यों अपनाया?
पवार को देते मंत्री पद
कम सीटों वाली पार्टियों का जिक्र करते हुए शिवसेना सांसद ने कहा कि अगर ऐसा है तो परिवार के खिलाफ आकर महागठबंधन में शामिल हुए अजित पवार को भी मंत्री पद दिया जाना चाहिए था. इसके अलावा, भाजपा को सतारा सांसद उदयनराजे भोसले को मंत्री पद देना चाहिए था. बता दें कि अपने चाचा शरद पवार से उनकी पार्टी NCP छीनकर राज्य की भाजपा सरकार में शामिल हुए अजित पवार को इस लोकसभा चुनाव में बड़ा झटका लगा है. उन्हें केवल एक ही सीट पर जीत हासिल हुई है. इसके बावजूद उन्हें मोदी कैबिनेट में मंत्रिपद की अभिलाषा है. हाल ही में अजित पवार और उनके साथी प्रफुल्ल पटेल ने कहा था कि उनकी पार्टी को राज्यमंत्री का पद दिया जा रहा था, लेकिन वे कैबिनेट मंत्री मांग रहे थे.
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