होम / कोर्ट कचहरी / आखिर कौन है वो Singham जिससे मिलने को बेकरार है ED, दोबारा भेज दिया समन?

आखिर कौन है वो Singham जिससे मिलने को बेकरार है ED, दोबारा भेज दिया समन?

प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने दूसरी बार नेविल रॉय सिंघम को समन भेजा है. ED उनसे 'न्यूजक्लिक' से जुड़े मामले में पूछताछ करना चाहती है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने न्यूज पोर्टल 'न्यूजक्लिक' से जुड़े मामले में अमेरिकी अरबपति नेविल रॉय सिंघम (Neville Roy Singham) को समन भेजा है. हालांकि, सिंघम इस समय यूएस में नहीं हैं, उन्होंने चीन को अपना ठिकाना बनाया हुआ है. क्योंकि अमेरिका में उन पर चीनी प्रोपेगेंडा फैलाने का आरोप है. 'न्यूजक्लिक' का नाम हाल ही में तब चर्चा में आया था जब एजेंसी ने कथित तौर पर भारत-विरोधी एजेंडा चलाने के लिए फंडिंग के आरोपों में संस्था से जुड़े लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था. अब ED इसी मामले में नेविल रॉय सिंघम से भी पूछताछ करना चाहती है.  

चीन नहीं कर रहा सहयोग
ED 'न्यूजक्लिक' और नेविल रॉय सिंघम के रिश्ते की जांच करना चाहती है, इसलिए सिंघम को समन जारी किया गया है. वैसे, ये कोई पहली बार नहीं है जब ED ने यह कोशिश की है. इससे पहले भी चीन के शंघाई में रह रहे इस अमेरिकी उद्योगपति को समन भेजा गया था, लेकिन चीनी अथॉरिटीज ने उसे सर्व करने से इनकार कर दिया था. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय ने विदेश मंत्रालय के माध्यम से नेविल रॉय सिंघम को दोबारा समन भेजकर दिल्ली आकर आरोपों पर अपना बयान दर्ज कराने को कहा है. दरअसल, विदेश में रहने किसी व्यक्ति को सीधे समन नहीं भेजा जा सकता. इसके लिए विदेश मंत्रालय के जरिए संबंधित देश की अथॉरिटी के पास समन को लेकर अनुरोध पत्र भेजा जाता है, जिसे लेटर रोगेटरी (LR) कहते हैं.

ऐसी खुलीं मामले की परतें
ED ने पिछले साल भी चीनी अथॉरिटीज के पास लेटर रोगेटरी भेजकर सिंघम को जांच में शामिल होने को कहा था, लेकिन चीनी सरकार उस लेटर को दबाए बैठी रही. इस बार भी उम्मीद कम ही है कि उसके रुख में बदलाव आएगा. क्यूबाई-श्रीलंकाई मूल के अमेरिकी नागरिक नेविल रॉय सिंघम पर भारत-विरोधी एजेंडा चलाने के लिए फंडिंग का आरोप है. बताया जा रहा है कि वो चीन के इशारे पर भारत विरोधी एजेंडा चलाने के लिए पैसा खर्च कर रहे हैं. इस पूरे मामले की परतें तब खुलीं जब न्यूयॉर्क टाइम्स ने इसी साल अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि अमेरिका में चीन का एजेंडा आगे बढ़ाने के आरोपों को लेकर स्थानीय एजेंसियां सिंघम और उनकी एक्टिविस्ट पत्नी के खिलाफ जांच कर रही हैं. हालांकि, सिंघम ने इससे इनकार किया था.  

क्या हैं सिंघम पर आरोप?
नेविल रॉय सिंघम पर भारत में भी चीनी प्रोपेगेंडा चलाने का भी आरोप लगा, इसके बाद भारत में सिंघम से जुड़े लिंक तलाशने की शुरुआत हुई और 'न्यूजक्लिक' से जुड़े लोगों पर कार्रवाई हुई. दिल्ली पुलिस ने न्यूजक्लिक के प्रमोटर प्रबीर पुरकायस्थअ और एचआर हेड अमित चक्रवर्ती को अपने न्यूज पोर्टल पर चीनी प्रोपेगेंडा चलाने के लिए 3 अक्टूबर को आतंकरोधी कानून UAPA (अनलॉफुल ऐक्टिविटीज प्रिवेंशन ऐक्ट) के तहत हिरासत में लिया था. ED का दावा है कि सिंघम के नियंत्रण वाली संस्थाओं के जरिए न्यूजक्लिक को चीन का प्रोपेगेंडा फैलाने के लिए भारी-भरकम पैसा मिला था. जबकि न्यूजक्लिक ने इन आरोपों को खारिज किया है.

कारोबारी और एक्टिविस्ट 
ED ने पुरकायस्थ से अमेरिकी कंपनी वर्ल्डवाइड मीडिया होल्डिंग्स LLC के साथ उनके संबंधों को लेकर पूछताछ की थी. मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि वर्ल्डवाइड मीडिया ने अप्रैल 2018 में न्यूजक्लिक में 9.6 करोड़ रुपए का निवेश किया था, जबकि 3 महीने पहले ही ये न्यूज पोर्टल अस्तित्व में आया था. न्यूजक्लिक के प्रमुख निवेशकों में गौतम नवलखा भी शामिल हैं, जो पुणे के भीमा कोरेगांव केस में आरोपी हैं. अब वापस नेविल रॉय सिंघम पर लौटते हैं. 13 मई, 1954 में जन्मे Singham बिजनेसमैन के साथ-साथ सोशल एक्टिविस्ट भी हैं. वो आईटी कंसल्टिंग कंपनी ThoughtWorks के फाउंडर एवं चेयरमैन हैं. सिंघम के पिता का नाम Archibald Wickeramaraja Singham, जो श्रीलंका Brooklyn College of City University में पॉलिटिकल साइंस के प्रोफेसर थे. नेविल रॉय सिंघम ने 2017 में Jodie Evans से जमैका में शादी रचाई थी. Jodie अमेरिका की डेमोक्रेटिक पार्टी की पॉलिटिकल एडवाइजर रही हैं. 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

होमबायर्स फ्रॉड केस में CBI का बड़ा एक्शन, MKHS Housing और Indiabulls पर 18वीं चार्जशीट दाखिल

राजरहाट हाउसिंग प्रोजेक्ट से जुड़े कथित फर्जीवाड़े में कार्रवाई, बिल्डर और वित्तीय संस्थाओं के अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप; 31 अन्य मामलों की जांच जारी

25-August-2026

ED ने इनसॉल्वेंसी प्रोफेशनल जितेश गुप्ता को किया गिरफ्तार, बेस्ट फूड्स मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई

ED का आरोप है कि जितेश गुप्ता ने फर्जी दावों को दोबारा स्वीकार कर CoC की संरचना बदली और दिनेश गुप्ता से जुड़ी इकाई के रिजॉल्यूशन प्लान को आगे बढ़ाने में मदद की.

13-August-2026

नेटफ्लिक्स स्टार का पतन: कोर्ट ने सतीश सनपाल की IPL सट्टेबाजी FIR खत्म कराने की कोशिश को किया खारिज

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने दुबई के अरबपति की "बच निकलने की रणनीति" को ध्वस्त कर दिया है, जिसे BW Businessworld की उन स्टोरीज ने व्यवस्थित रूप से उजागर किया था, जिनके बाद UAE में उनकी संपत्तियां फ्रीज होने की खबरें सामने आईं.

13-August-2026

डिजिटल अरेस्ट पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा एक्शन! RBI को 4 हफ्ते में SOP बनाने का आदेश

अदालत ने सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को साइबर ठगी की शिकायतों के त्वरित निपटारे और पीड़ितों की रकम वापस दिलाने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया है.

05-August-2026

महादेव बेटिंग ऐप केस: स्काईएक्सचेंज की कमाई से हुई थी Ebix डील? ED का बड़ा दावा

जांच एजेंसी का कहना है कि अवैध धन को विदेशी पोर्टफोलियो निवेश, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बॉन्ड, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट और अन्य विदेशी निवेश माध्यमों के जरिए भारत में लाया गया.

16-July-2026


बड़ी खबरें

सीमेंट कंपनियों की नई रणनीति, कीमत बढ़ाने के बजाय लागत घटाकर मुनाफा बढ़ाने पर जोर: रिपोर्ट

मजबूत मांग के बीच UltraTech, Ambuja Cement और JSW Cement का फोकस लागत घटाने, क्षमता बढ़ाने और प्रीमियम उत्पादों की बिक्री पर; आने वाले वर्षों में 7-8% सालाना बढ़ सकती है सीमेंट की मांग

12 minutes ago

T-72 और T-90 टैंकों के लिए ₹586 करोड़ का करार, रक्षा मंत्रालय खरीदेगा स्वदेशी APUs

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन APUs को Make-II फ्रेमवर्क के तहत देश में ही विकसित किया गया है. Make-II के तहत उद्योगों की अगुवाई में रिसर्च और डेवलपमेंट को बढ़ावा दिया जाता है.

2 hours ago

बैंक हड़ताल पर सरकार की अपील, 28 सितंबर से प्रस्तावित स्ट्राइक वापस लेने को कहा

5 दिन तक प्रभावित हो सकती हैं बैंकिंग सेवाएं, हाफ इयरली क्लोजिंग के बीच हड़ताल से बढ़ सकती है परेशानी

1 hour ago

जिंदल इंडिया ने अमित खन्ना को बनाया चीफ ह्यूमन रिसोर्सेज ऑफिसर

जिंदल इंडिया में खन्ना स्टील और एल्युमीनियम कारोबार से जुड़े मानव संसाधन संबंधी मामलों की जिम्मेदारी संभालेंगे.

1 hour ago

टाटा संस की लिस्टिंग के समर्थन में उतरे शापूर मिस्त्री, टाटा ट्रस्ट्स से मांगा सहयोग

शापूरजी पलोनजी (SP) ग्रुप के पास टाटा संस की 18.37 फीसदी हिस्सेदारी है. समूह लंबे समय से इस हिस्सेदारी में अधिक तरलता चाहता है, क्योंकि उसकी होल्डिंग और ऑपरेटिंग कंपनियों पर बड़ी मात्रा में कर्ज है.

2 hours ago