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2000 करोड़ के दावे पर आया ZEE का बयान, कह दी ये बड़ी बात

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में किए गए दावे को जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने अफवाह करार दिया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) ने मीडिया में चल रही उस रिपोर्ट का खंडन किया है, जिसमें भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) को लेकर बड़ा दावा किया गया है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि सेबी ने अपनी जांच में पाया है कि ZEE ने अपने अकाउंट्स से लगभग 2000 करोड़ रुपए के फंड का डायवर्जन किया. ZEE ने रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि जी में अकाउंटिंग मुद्दों से संबंधित रिपोर्ट गलत और झूठी है. कंपनी सेबी द्वारा अनुरोधित सभी टिप्पणियां प्रदान करने की प्रक्रिया में है और हमने सभी पहलुओं पर पूरा सहयोग दिया है.

SEBI का नहीं आया बयान
इससे पहले, कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि बाजार नियामक सेबी ने अपनी जांच में पाया है कि ZEE में करीब 2000 करोड़ रुपए के फंड का डायवर्जन हुआ है. रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि जब सेबी ने जांच शुरू की थी तो इसे इतनी बढ़ी रकम का अंजादा नहीं था. SEBI के अंदाजे के मुकाबले सामने आई रकम करीब 10 गुना ज्यादा है. हालांकि, SEBI की तरफ से फिलहाल इसे लेकर कोई आधिकरिक बयान सामने नहीं आया है. जबकि ZEE ने साफ कर दिया है कि इस तरह की खबरें महज अफवाह हैं. 

कंपनी के शेयरों में गिरावट
उधर, इस खबर ने Zee Entertainment Enterprises के शेयरों को नुकसान पहुंचाया है. कंपनी के शेयर आज दोपहर डेढ़ बजे तक 11.11% लुढ़ककर 171.25 रुपए पर पहुंच गए थे. बीते 5 कारोबारी सत्रों में इसमें 13.97% की गिरावट आई है. इस साल की बात करें, तो 2024 में अब तक ये शेयर 13.97% नीचे आ गया है. सोनी ग्रुप कॉर्प की भारत इकाई के साथ मर्जर डील रद्द होने के बाद से ZEE के शेयरों में नरमी देखी जा रही है. इस शेयर का 52 वीक का हाई लेवल 299.70 रुपए है.

बातचीत से भी किया इंकार
ZEE ने यह भी स्पष्ट किया है कि Sony के साथ मर्जर को लेकर उसकी अब कोई बातचीत नहीं चल रही है. कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया है कि कंपनी किसी भी बातचीत में शामिल नहीं है. इससे पहले, मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि ZEE-Sony Merger को बचाने के लिए दोनों कंपनियों के प्रतिनिधि आखिरी प्रयास कर रहे हैं. दोनों की तरफ से किसी सहमति पर पहुंचने के लिए बातचीत चल रही है. गौरतलब है कि सोनी ने इस डील पर आगे बढ़ने से इंकार कर दिया था. उसने ZEE पर शर्तों के उल्लंघन का आरोप लगाया था, जिसका ZEE ने खंडन किया है.
  


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