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योगी सरकार का नया कृषि मॉडल: बदलेगी UP की इकोनॉमी, किसानों की आमदनी होगी दोगुनी
योगी आदित्यनाथ सरकार की बहुआयामी कृषि रणनीति उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नया जीवन देने की दिशा में एक निर्णायक कदम है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य की कृषि व्यवस्था में व्यापक बदलाव लाने की तैयारी कर ली है. मंगलवार को सरकार ने एक मल्टी-डायमेंशनल स्ट्रैटेजी लॉन्च करने की घोषणा की, जिसका मुख्य उद्देश्य कृषि निर्यात को बढ़ाना, फूड सिक्योरिटी को मजबूत करना और किसानों की आमदनी को कई गुना तक बढ़ाना है.
परंपरागत से प्रोफेशनल खेती की ओर
सरकार का मानना है कि देश की 40% से ज्यादा वर्कफोर्स कृषि क्षेत्र में है, लेकिन छिपी हुई बेरोजगारी (हिडन अनइम्प्लॉयमेंट) इस सेक्टर की सबसे बड़ी चुनौती है. इसका समाधान किसानों को पारंपरिक खेती से हटाकर ऐसी फसलें उगाने के लिए प्रेरित करना है, जिनकी मांग लोकल और इंटरनेशनल मार्केट में अधिक है. खासकर फल और सब्जियों की खेती, जो परंपरागत फसलों के मुकाबले 2 से 2.5 गुना अधिक आमदनी देती है.
लेबर-इंटेंसिव खेती से रोजगार के नए अवसर
फल और सब्जियों की खेती न सिर्फ ज्यादा आमदनी देती है, बल्कि यह लेबर-इंटेंसिव भी होती है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के बड़े अवसर पैदा होते हैं. सरकार की योजना है कि स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाई जाएं, जिससे नर्सरी, प्लांटेशन, हार्वेस्टिंग, ग्रेडिंग, पैकिंग, लोडिंग-अनलोडिंग और मार्केटिंग जैसे कई स्टेप्स में रोजगार सृजन हो सके.
हर जिले में 1000 प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाने का लक्ष्य
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार योगी सरकार हर जिले में छोटी-बड़ी मिलाकर 1000 प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाने का लक्ष्य लेकर चल रही है. प्रधानमंत्री फूड अपग्रेडेशन स्कीम के तहत यूनिट लगाने वालों को 35% सब्सिडी पर 30 लाख रुपये तक का लोन दिया जा रहा है. अब तक प्रदेश में 17,000 से अधिक प्रोसेसिंग यूनिट्स स्थापित हो चुकी हैं. महिला उद्यमियों के लिए सरकार विशेष सब्सिडी योजना चला रही है, जिसमें सोलर प्लांट पर 90% तक की सब्सिडी दी जा रही है.
बाराबंकी में बनेगा इंडो-डच सेंटर फॉर एक्सिलेंस
फल और सब्जियों की खेती को वैज्ञानिक आधार देने के लिए बाराबंकी के त्रिवेदीगंज में 7 हेक्टेयर जमीन पर "इंडो-डच सेंटर फॉर एक्सिलेंस" की स्थापना की जा रही है. नीदरलैंड के एक्सपर्ट्स की मदद से यह सेंटर किसानों को रिसर्च और ट्रेनिंग की सुविधा देगा, जिससे उनकी उत्पादकता और क्वॉलिटी में सुधार होगा.
ग्लोबल मार्केट तक पहुंच का प्रयास
राज्य सरकार किसानों के उत्पादों को इंटरनेशनल मार्केट तक पहुंचाने के लिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही है. इससे उत्तर प्रदेश के कृषि उत्पाद वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकेंगे और राज्य की इकोनॉमी को नया बूस्ट मिलेगा. एक्सपर्ट्स ने इनकम-ओरिएंटेड फार्मिंग और इंटरनेशनल डिमांड के अनुसार फसल उत्पादन को जरूरी बताया है. योगी सरकार की नई रणनीति न सिर्फ किसानों की आमदनी को बढ़ाएगी, बल्कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मदद करेगी.
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