होम / बिजनेस / योगी सरकार ने प्रॉपर्टी ट्रांसफर को लेकर दी बड़ी खुशखबरी जानते हैं क्‍या है ये  

योगी सरकार ने प्रॉपर्टी ट्रांसफर को लेकर दी बड़ी खुशखबरी जानते हैं क्‍या है ये  

अब यूपी में कहीं भी लिफ्ट या एस्‍कलेटर लगाने से पहले अनुमति लेना जरूरी कर दिया है, सरकार ने इस विधेयक को भी पास कर दिया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

प्रॉपर्टी ट्रांसफर एक ऐसा काम है जिसे परिवार में कराना जरूरी तो होता है लेकिन लोग इसलिए नहीं कराते क्‍योंकि इसमें एक मोटी फीस चुकानी होती है. लेकिन अब योगी सरकार ने इसे लेकर बड़ी खुशखबरी सुनाई है. योगी सरकार ने इसकी फीस को 5000 रुपये निश्चित कर दिया है. यानी अब आप करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी सिर्फ 5000 रुपये में करा सकते हैं. इस विधेयक को विधानसभा ने पास कर दिया है. 
आखिर क्‍या है पूरा मामला? 
योगी सरकार ने इस बार के बजट सत्र में भारतीय स्‍टांप उत्‍तर प्रदेश संशोधन विधेयक 2024 को सदन में लेकर आई थी.क्‍योंकि सदन में योगी सरकार के पास पर्याप्‍त बहुमत है तो ऐसे में विधानसभा अध्‍यक्ष सतीश महाना ने इस पास घोषित कर दिया. इस विधेयक का सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि अब एक परिवार में प्रॉपर्टी ट्रांसफर सिर्फ 5000 रुपये की रजिस्‍ट्रेशन फीस देकर आसानी से हो जाएगा. लेकिन ब्‍लड रिलेशन के बाहर प्रॉपर्टी ट्रांसफर करने पर अभी भी पहले की तरह ज्‍यादा चार्ज देना होगा. 

आखिर क्‍यों लाना पड़ा सरकार को ये विधेयक 
सरकार को ये विधेयक इसलिए लाना पड़ा क्‍योंकि लोग प्रॉपर्टी ट्रांसफर न कराकर पॉवर ऑफ अटार्नी का सहारा ले रहे थे. इससे हो ये रहा था कि सरकार को रेवेन्‍यू का चुना लग रहा था. लेकिन सरकार ने अब इस फीस को बेहद नॉमिनल कर दिया है, जिससे आसानी से प्रॉपर्टी ट्रांसफर हो सकेगा. ऐसी व्‍यवस्‍था न होने के कारण पावर ऑफ अटार्नी एक धंधा बन गया था. इस बिल में कहा गया है कि ब्‍लड रिलेशन से बाहर के लोगों को सर्किल रेट का 7 प्रतिशत स्‍टांप शुल्‍क देना होगा. 

लिफ्ट और एस्‍कलेटर विधेयक को भी मिली हरी झंडी 
सरकार ने विधानसभा में इस बजट सत्र में यूपी लिफ्ट और एस्‍कलेटर विधेयक को भी पेश किया था. इस विधेयक की जरूरत इसलिए पड़ी क्‍योंकि अभी तक हाईराइज सोसाइटी में लिफ्ट तो लग जाती थी लेकिन उसकी अनुमति नहीं ली जाती थी, जिससे कई बार उनकी क्‍वॉलिटी से समझौता भी हो जाता था. लेकिन अब वो अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है अन्‍यथा भवन स्‍वामी पर कार्रवाई की जा सकेगी. 
 

ये भी पढ़ें : JSW का 40 हजार करोड़ का EV में निवेश पैदा करने वाला है इतने हजार नौकरियां….


टैग्स
सम्बंधित खबरें

जून में भारत के सेवा क्षेत्र की रफ्तार धीमी, 17 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा PMI

सेवा क्षेत्र के साथ-साथ जून में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि भी धीमी रही. इसके चलते HSBC इंडिया कंपोजिट PMI आउटपुट इंडेक्स मई के 59.3 से घटकर जून में 57.7 पर आ गया.

16 hours ago

केरल से पनामा तक: ब्लैकरॉक का अदृश्य साम्राज्य

भारत के विझिंजम बंदरगाह को अडानी और MSC के बीच एक सामान्य लेनदेन के रूप में प्रस्तुत किया गया, लेकिन दस्तावेज कहीं अधिक बड़ी कहानी बताते हैं. 'उस गुप्त हाथ के पीछे का साम्राज्य' का दूसरा भाग

19 hours ago

हमारी मुंबई, उनकी बैलेंस शीट

वह अनकही कहानी कि कैसे गुजराती और जैन व्यापारी समुदायों ने बॉम्बे की वित्तीय संरचना खड़ी की, जबकि बाद में राजनीति ने उस पर दावा करने की कला को सिद्ध कर लिया.

20 hours ago

OMCs की अंडर-रिकवरी 2.19 लाख करोड़ रुपये पर पहुंची, पेट्रोल-डीजल पर मिल सकती है राहत

हरदीप सिंह पुरी के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और ऊंची वैश्विक ऊर्जा कीमतों के बीच सरकारी तेल कंपनियों ने घरेलू उपभोक्ताओं को अपेक्षाकृत कम कीमत पर ईंधन उपलब्ध कराया. इसके चलते कंपनियों को भारी अंडर-रिकवरी का सामना करना पड़ा.

21 hours ago

अडानी पर निवेशकों का भरोसा बरकरार, ₹15,000 करोड़ के QIP पर ₹38,000 करोड़ की बोलियां

कंपनी इस पूंजी का इस्तेमाल पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC) प्लांट के निर्माण, सड़क परियोजनाओं के लिए कंसेशन फीस के भुगतान और अन्य पूंजीगत खर्चों में करेगी.

21 hours ago


बड़ी खबरें

हमारी मुंबई, उनकी बैलेंस शीट

वह अनकही कहानी कि कैसे गुजराती और जैन व्यापारी समुदायों ने बॉम्बे की वित्तीय संरचना खड़ी की, जबकि बाद में राजनीति ने उस पर दावा करने की कला को सिद्ध कर लिया.

20 hours ago

जून में भारत के सेवा क्षेत्र की रफ्तार धीमी, 17 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा PMI

सेवा क्षेत्र के साथ-साथ जून में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि भी धीमी रही. इसके चलते HSBC इंडिया कंपोजिट PMI आउटपुट इंडेक्स मई के 59.3 से घटकर जून में 57.7 पर आ गया.

16 hours ago

W.O.R.L.D. मॉडल: आपके संगठन की अदृश्य संरचना को देखने के लिए एक विश्व-निर्माण ढांचा

इस लेख में नवाचार रणनीतिकार रंजन मलिक ने W.O.R.L.D. मॉडल पेश किया है, जो बताता है कि किसी भी संगठन में वास्तविक परिवर्तन की शुरुआत उसकी 'अदृश्य दुनिया' को समझने से होती है.

17 hours ago

गेल की वित्तीय रणनीति को मिलेगी नई दिशा, एस.के. सिन्हा बने निदेशक (वित्त)

तीन दशक से अधिक के अनुभव वाले वित्त विशेषज्ञ एस.के. सिन्हा अब गेल (इंडिया) की वित्तीय रणनीति और भविष्य की विकास योजनाओं का नेतृत्व करेंगे.

19 hours ago

केरल से पनामा तक: ब्लैकरॉक का अदृश्य साम्राज्य

भारत के विझिंजम बंदरगाह को अडानी और MSC के बीच एक सामान्य लेनदेन के रूप में प्रस्तुत किया गया, लेकिन दस्तावेज कहीं अधिक बड़ी कहानी बताते हैं. 'उस गुप्त हाथ के पीछे का साम्राज्य' का दूसरा भाग

19 hours ago