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क्‍या सबसे पहले भारत में आएंगे एआई को लेकर नियम कायदे, केन्‍द्रीय मंत्री ने कही ये बात

एआई जैसे गंभीर मामले को लेकर अमेरिका के राष्‍ट्रपति उनके देश की कई कंपनियों से मुलाकात कर चुके हैं. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

समूची दुनिया में इस वक्‍त AI रेग्‍यूलेशन को लेकर काम हो रहा है. नए जमाने की इस तकनीक का फायदा तो बहुत है लेकिन जानकार मानते हैं कि अगर सही फ्रेमवर्क में इसका विकास नहीं हुआ तो ये एक बड़ी परेशानी बन सकता है. ऐसे में पूरी दुनिया इसके रेग्‍यूलेशन को लेकर काम कर रही है. इसी कड़ी में भारत सरकार के केन्‍द्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि है देश में जून जुलाई तक इसके रेग्‍यूलेशन आ सकते हैं. उन्‍होंने कहा कि हम एआई का भरपूर इस्‍तेमाल करना चाहते हैं जिससे देश की अर्थव्‍यवस्‍था को और तेजी से आगे बढ़ाया जा सके. 

हम एआई के इस्‍तेमाल से बढ़ाना चाहते हैं अर्थव्‍यवस्‍था 
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि हम अपनी अर्थव्‍यवसथा को तेजी से आगे बढ़ाने के मकसद से एआई का पर्याप्‍त इस्‍तेमाल करना चाहते हैं. ये जानते हुए कि एआई सिर्फ स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल और शोध के काम में ही नहीं आता बल्कि किसानों से लेकर कृषि उत्‍पादों के कामों में भी आता है. उन्‍होंने कहा कि इसका मतलब चैटजीपीटी से प्रतिस्‍पर्धा नहीं है. हम उस दिशा में नहीं जाना चाहते हैं. बल्कि हमारा मकसद उससे कही ज्‍यादा अपने एजुकेशन सिस्‍टम को और बेहतर बनाने का है. 

पेटीएम को लेकर कह चुके हैं ये बात 
केन्‍द्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर इससे पहले पेटीएम को लेकर हुई कार्रवाई को लेकर भी अपनी बात कह चुके हैं. उन्‍होंने कहा था कि डिजिटल इकोनॉमी के दौर में सभी को संवैधानिक संस्‍थाओं के नियमों का पालन करना चाहिए. जो भी उसका उल्‍लंघन करता है उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. उन्‍होंने कहा कि आज हमारे देश में बेहतरीन पालिसियां बन रही हैं जिनके कारण तेजी से बदलाव हो रहे हैं. उन्‍होंने कहा कि हमें अपने टैलेंट और वर्कफोर्स को ग्‍लोबल लेवल का बनाने की जरूरत है जिससे रिसर्च और सेमीकंडक्‍टर के क्षेत्र में तेजी से काम हो सके. 

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