होम / बिजनेस / Russia से कच्चा तेल लेकर Bharat आ रहे जहाजों ने आखिर क्यों डाला बैक गियर?

Russia से कच्चा तेल लेकर Bharat आ रहे जहाजों ने आखिर क्यों डाला बैक गियर?

रूस-यूक्रेन जंग के बाद से भारत बड़े पैमाने पर मॉस्को से कच्चा तेल आयात कर रहा है, क्योंकि रूस डिस्काउंटेड रेट पर क्रूड ऑयल उपलब्ध करा रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

भारत पिछले काफी समय से रूस से कच्चा तेल (Crude Oil) खरीद रहा है. रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद मॉस्को ने सस्ते दामों पर कच्चा तेल ऑफर किया था, तब से भारत लगातार उसका खरीदार बना हुआ है. हालांकि, अब खबर आई है कि रूस से क्रूड ऑयल लेकर भारत आ रहे जहाजों ने अपना रास्ता बदल लिया है. अब ये जहाज पूर्व की ओर बढ़ रहे हैं. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस और भारत के बीच तेल भुगतान से जुड़ी चिंताओं के बीच कुछ जहाजों ने अपना रूट बदल लिया है. 

इन्होंने बदला रास्ता
रिपोर्ट में पोत-ट्रैकिंग डेटा (Vessel-Tracking Data) का हवाला देते हुए बताया गया है कि रूस के सुदूर पूर्व से सोकोल तेल (Sokol Oil) ले जाने वाले पांच जहाज -  NS Commander, Sakhalin Island, Krymsk, Nellis और Liteyny Prospect 7 से 10 समुद्री मील की रफ्तार से मलक्का जलडमरूमध्य (Malacca Strait) की ओर बढ़ रहे हैं. जबकि एनएस सेंचुरी के नाम से मशहूर एक छठा सोकोल जहाज अब भी श्रीलंका के करीब है. डेटा इंटेलिजेंस प्रोवाइडर केप्लर के लीड क्रूड एनालिस्ट विक्टर कटोना (Viktor Katona) के अनुसार, ऐसा लगता है कि चीन ने सोकोल कार्गो में अपनी दिलचस्पी दिखाई है. लिहाजा कयास लगाए जा रहे हैं कि ये कार्गो चीन की ओर जा सकते हैं. 

आयात में आई गिरावट
तेल भुगतान से जुड़ी चिंताओं के चलते पिछले कुछ महीनों में रूस से भारत आने वाले कच्चे तेल की मात्रा में गिरावट देखने को मिली है. रिपोर्ट बताती है कि रूस से तेल आयात दिसंबर में जनवरी 2023 के बाद सबसे कम रहा. स्थानीय रिफाइनरों से जुड़े भुगतान के चलते इस दौरान एक भी सोकोल कार्गो भारत नहीं पहुंचा. कड़े प्रतिबंधों और भुगतान मुद्दों के कारण सोकोल ग्रेड तेल ले जाने वाले कम से कम छह टैंकर डिलीवरी नहीं कर सके हैं. केप्लर के आंकड़ों के मुताबिक, मई में 2.15 मिलियन बैरल प्रति दिन के रिकॉर्ड हाई तक बढ़ने के बाद, रूस से तेल आयात में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. नवंबर और दिसंबर के रूस से तेल आयात में काफी गिरावट आई थी. पिछले महीने यह 1.48 मिलियन बैरल प्रति दिन तक पहुंच गया.  

चीन की ओर बढ़ेंगे 2 जहाज!
क्रूड ऑयल एनालिस्ट विक्टर कटोना का कहना है कि रूस के सुदूर पूर्व से कच्चा तेल निकालने वाली Sakhalin-1 एलएलसी संयुक्त अरब अमीरात में बैंक खाता नहीं खोल पाई, जिससे सहमति के अनुसार दिरहम में भुगतान किया जा सके. वहीं, भारत के तट के पास पहुंच चुके छह टैंकरों में से 2 ने संकेत दिया कि वे चीन की ओर बढ़ सकते हैं. हालांकि, विक्टर ने यह भी कहा कि बाधाओं के बावजूद, रूस और भारत के बीच सोकोल ग्रेड तेल का व्यापार जारी रहने की संभावना है.  
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

₹860 करोड़ का कोहिनूर सौदा, राज ठाकरे की चुप्पी

एक राजनेता एक रियल एस्टेट सौदे में प्रवेश करता है. एक सरकारी संस्था से जुड़ी वित्तीय कंपनी ₹225 करोड़ का निवेश करती है. फिर वही संस्था ₹135 करोड़ के नुकसान के साथ उस सौदे से बाहर निकलती है.

41 minutes ago

Truhome Finance को 3,000 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए सेबी की मंजूरी

कंपनी के कुल एयूएम में 57.37 प्रतिशत हिस्सा हाउसिंग लोन का है, जबकि 39.22 प्रतिशत हिस्सा लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी का है. अन्य ऋण उत्पादों की हिस्सेदारी 3.41 प्रतिशत है.

1 hour ago

सीएम विजय का बड़ा दांव, ₹1 लाख करोड़ के निवेश से तमिलनाडु में 93 हजार नौकरियां

विजय सरकार ने वर्ष 2035 तक तमिलनाडु को 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है. इसी दिशा में शुरुआती महीनों में कई बड़े निवेश समझौते किए गए हैं.

2 hours ago

देश और अर्थव्यवस्था को लेकर आश्वस्त हैं शहरी भारतीय, इप्सोस रिपोर्ट में सामने आई सकारात्मक तस्वीर

रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लोगों की प्रमुख चिंताओं में बेरोजगारी, वित्तीय और राजनीतिक भ्रष्टाचार, अपराध और हिंसा, शिक्षा, गरीबी तथा सामाजिक असमानता शामिल हैं.

3 hours ago

ऋषिकेश में शुरू होगा पहला कॉन्ट्रास्ट थेरेपी सर्किट

यह ऋषिकेश का पहला समर्पित कॉन्ट्रास्ट थेरेपी सर्किट होगा, जिसमें सॉना, आइस बाथ और गर्म पानी के पूल का अनुभव एक क्रमबद्ध थर्मल यात्रा के रूप में दिया जाएगा.

4 hours ago


बड़ी खबरें

₹860 करोड़ का कोहिनूर सौदा, राज ठाकरे की चुप्पी

एक राजनेता एक रियल एस्टेट सौदे में प्रवेश करता है. एक सरकारी संस्था से जुड़ी वित्तीय कंपनी ₹225 करोड़ का निवेश करती है. फिर वही संस्था ₹135 करोड़ के नुकसान के साथ उस सौदे से बाहर निकलती है.

41 minutes ago

मिडिल ईस्ट प्रैक्टिस के लिए प्राइमस पार्टनर्स ने मोहन दोईफोडे को बनाया MD

पूर्व डेलॉइट कंसल्टिंग लीडर GCC क्षेत्र में कंपनी के विस्तार और क्लाइंट संबंधों को देंगे नई दिशा

26 minutes ago

GDP से आगे: क्यों भारत की प्रगति का पैमाना सिर्फ आर्थिक वृद्धि नहीं, बल्कि खुशहाली और जीवन गुणवत्ता भी होना चाहिए

पूर्व उत्तर प्रदेश मुख्य सचिव और लेखक आलोक रंजन का मानना है कि भारत की विकास यात्रा को केवल आर्थिक उत्पादन तक सीमित नहीं रहना चाहिए. उनके अनुसार, खुशहाली, जीवन की गुणवत्ता, शिक्षा, स्वास्थ्य और समावेशी विकास को भी प्रगति का महत्वपूर्ण पैमाना बनाया जाना चाहिए.

5 hours ago

Truhome Finance को 3,000 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए सेबी की मंजूरी

कंपनी के कुल एयूएम में 57.37 प्रतिशत हिस्सा हाउसिंग लोन का है, जबकि 39.22 प्रतिशत हिस्सा लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी का है. अन्य ऋण उत्पादों की हिस्सेदारी 3.41 प्रतिशत है.

1 hour ago

दुनिया ने बनाया युवा संस्कृति का संग्रहालय, भारत को चाहिए ऐसे दर्जनों संग्रहालय

इस संग्रहालय को अलग बनाने वाली बात इसकी वस्तुओं को संग्रहित करने की सोच है. टीम अपने दृष्टिकोण को "बॉटम-अप क्यूरेशन" कहती है, जिसे जानबूझकर हस्तनिर्मित रखा गया है.

1 hour ago