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ऐसा क्या हुआ कि Goldman Sachs ने घटा दी Maruti Suzuki के Stocks की रेटिंग?

ग्लोबल रिसर्च और ब्रोकिंग फर्म गोल्डमैन सैक्स ने छोटी कारों की बिक्री में आई गिरावट के मद्देनजर मारुति सुजुकी के स्टॉक्स की रेटिंग कम कर दी है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

एक तरफ जहां मारुति सुजुकी SUV सेगमेंट में मार्केट लीडर बनने की रणनीति पर काम कर रही है. वहीं, दूसरी तरह ग्लोबल रिसर्च और ब्रोकिंग फर्म Goldman Sachs ने उसकी रेटिंग घटा दी है, जिसका असर कंपनी के शेयरों पर भी देखने को मिल रहा है. Goldman Sachs ने कंपनी के शेयरों को 'खरीदने' की अपनी सलाह बदलकर 'तटस्थ' यानी Neutral कर दी है. इसके अलावा, उसने मारुति के शेयर का टारगेट प्राइज भी 20% घटाकर 8,800 रुपए कर दिया है.

इस वजह से घटाई रेटिंग
आज शेयर बाजार की शुरुआत के कुछ देर बाद मारुति सुजुकी का शेयर 1.01 फीसदी गिरकर 8,431 रुपए पर आ गया था, लेकिन अब इसमें रिकवरी देखी जा रही है. Goldman Sachs का कहना है कि छोटी कारों की डिमांड लगातार घट रही है. इसी वजह से उसने मारुति को लेकर अपनी रेटिंग में बदलाव किया है. उसका मानना है कि स्मॉल कार सेगमेंट में घटती डिमांड की वजह से इस फाइनेंशियल ईयर में मारुति सुजुकी की बाजार हिस्सेदारी पर असर पड़ेगा. ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि मारुति का शेयर नरमी के दौर का सामना कर सकता है.

इस साल आई गिरावट
गोल्डमैन सैक्स ने मारुति को लेकर अपनी रेटिंग ऐसे समय घटाई है, जब कंपनी SUV की बिक्री दोगुनी करने की तैयारी में है. कंपनी की योजना इस सेगमेंट में नंबर 1 पोजीशन हासिल करने की है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, मारुति की सेल्स मिनी और कॉम्पैक्ट व्हीकल्स सेगमेंट में इस साल मार्च में घटकर 83,414 यूनिट्स रही. जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह आंकड़ा 97,805 यूनिट्स था. वहीं, इसकी साल-दर-साल आधार पर पैसेंजर व्हीकल्स की सेल्स भी 16% गिरकर 83,714 यूनिट्स रही है. हालांकि, कंपनी की कुल सेल्स में खास फर्क नहीं आया है. 

कंपनी पर बढ़ सकता है बोझ
गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि फाइनेंशियल ईयर 2023-24 में जापानी करेंसी येन और मजबूती देखने को मिल सकती है. यदि ऐसा होता है, तो इसका कुछ असर मारुति सुजुकी के मार्जिन पर पड़ सकता है. दरअसल, मारुति सुजुकी को अपने जापानी प्रमोटर Suzuki Motor Corporation को रॉयल्टी फीस चुकानी पड़ती है. येन में मजबूती से कंपनी पर रॉयल्टी का बोझ बढ़ जाएगा और उसके मार्जिन पर भी असर पड़ेगा. बता दें कि मारुति SUV सेगमेंट में लीडर बनने की योजना पर काम कर रही है. 

यहां नंबर-1 की तैयारी 
बीते वित्त वर्ष में कंपनी ने 2.02 लाख एसयूवी की बिक्री के साथ करीब 13 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल की थी. चालू वित्त वर्ष में उसका इरादा करीब पांच लाख एसयूवी बेचने का है. मारुति सुजुकी इंडिया (Maruti Suzuki India) के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी (सेल्स एवं मार्केटिंग) शशांक श्रीवास्तव का कहना है कि वित्त वर्ष 2023-24 में कुल 19 लाख एसयूवी बिकने की संभावना है. इस तरह हम कुल बाजार के 25 प्रतिशत से अधिक हिस्से पर कब्जा चाहते हैं. गौरतलब है कि घरेलू यात्री वाहन बाजार में SUV सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेगमेंट बन गया है. 2018 में एसयूवी का वाहन बाजार में हिस्सा 24% था, लेकिन 2022 में यह बढ़कर 43 प्रतिशत हो चुका है. मारुति सुजुकी के SUV बेड़े की बात करें, तो इसमें ब्रेजा और ग्रैंड विटारा के अलावा फ्रॉन्क्स एवं जिम्नी शामिल होने वाली हैं.
 


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