होम / बिजनेस / बैंकों का क्रेडिट बूम जारी, लेकिन डिपॉजिट ग्रोथ धीमी; SBI रिपोर्ट में सामने आए बड़े कारण
बैंकों का क्रेडिट बूम जारी, लेकिन डिपॉजिट ग्रोथ धीमी; SBI रिपोर्ट में सामने आए बड़े कारण
SBI Research की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2023 से ही बैंकों का कर्ज जमा की तुलना में तेज गति से बढ़ रहा है. इससे बैंकों पर फंड जुटाने का दबाव बढ़ा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 20 hours ago
कोविड के बाद भारतीय बैंकों में कर्ज की मांग तेजी से बढ़ी है, लेकिन जमा की रफ्तार इसके मुकाबले धीमी बनी हुई है. SBI Research की रिपोर्ट के मुताबिक जून 2026 तक बैंक क्रेडिट ग्रोथ 18.6 फीसदी रही, जबकि डिपॉजिट ग्रोथ 13.3 फीसदी दर्ज की गई, यानी कर्ज और जमा की वृद्धि दर के बीच अंतर बढ़कर 5.3 फीसदी हो गया है. रिपोर्ट में इसके पीछे बदलती बचत आदतों, निवेश के नए विकल्पों और बढ़ती कारोबारी जरूरतों को प्रमुख कारण बताया गया है.
FY23 से लगातार बढ़ रहा है कर्ज और जमा का अंतर
SBI Research की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2023 से ही बैंकों का कर्ज जमा की तुलना में तेज गति से बढ़ रहा है. इससे बैंकों पर फंड जुटाने का दबाव बढ़ा है. अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए बैंक अब पारंपरिक जमा के अलावा अन्य स्रोतों से भी धन जुटा रहे हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, यह स्थिति केवल ब्याज दरों में बदलाव का नतीजा नहीं है, बल्कि पश्चिम एशिया में तनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध, सप्लाई चेन में व्यवधान और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसे वैश्विक कारक भी इसमें अहम भूमिका निभा रहे हैं.
बैंक जमा में आए तीन बड़े बदलाव
SBI Research ने कोविड के बाद बैंक जमा के व्यवहार में तीन बड़े बदलावों की पहचान की है.
1. ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों से बढ़ रही जमा: रिपोर्ट के अनुसार, अब बड़े शहरों की तुलना में ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों से बैंक जमा में ज्यादा योगदान आ रहा है. इसके पीछे महिलाओं पर केंद्रित सरकारी योजनाएं, ग्रामीण आय में सुधार और गांवों तक बैंकिंग सेवाओं की बेहतर पहुंच को वजह बताया गया है. वहीं, शहरी क्षेत्रों में लोग पारंपरिक बैंक जमा के बजाय म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार जैसे निवेश विकल्पों को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं.
2. बदल रही है लोगों की बचत की आदत: रिपोर्ट में कहा गया है कि घरेलू बचत का एक हिस्सा अब बैंक खातों से निकलकर म्यूचुअल फंड और अन्य निवेश साधनों में जा रहा है. दूसरी ओर, कंपनियों और वित्तीय संस्थानों की बैंक जमा में हिस्सेदारी बढ़ रही है.
3. सेविंग अकाउंट की जगह FD को प्राथमिकता: लोग अब बचत खातों की तुलना में फिक्स्ड डिपॉजिट में ज्यादा पैसा जमा कर रहे हैं. खासकर एक से तीन साल की अवधि वाली एफडी में तेजी देखी गई है, क्योंकि इस अवधि में बैंकों ने आकर्षक ब्याज दरों की पेशकश की है.
कर्ज बढ़ने की तीन प्रमुख वजहें
SBI Research के मुताबिक, कर्ज वृद्धि के पीछे भी तीन बड़े कारण हैं.
1. उद्योग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बढ़ी मांग: पहले व्यक्तिगत कर्ज तेजी से बढ़ रहे थे, लेकिन RBI की सख्ती के बाद अब उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर और कारोबार से जुड़े कर्ज में तेजी आई है.
2. कंपनियों की बढ़ी वर्किंग कैपिटल जरूरत: कंपनियां अब नकदी जरूरतों को पूरा करने के लिए ज्यादा वर्किंग कैपिटल लोन ले रही हैं. कैश क्रेडिट, ओवरड्राफ्ट और एक्सपोर्ट क्रेडिट जैसी सुविधाओं की मांग बढ़ी है. रिपोर्ट के अनुसार, इसकी वजह सप्लाई चेन की चुनौतियां और बढ़ती लागत भी हैं.
3. गोल्ड लोन और क्रेडिट कार्ड की बढ़ती हिस्सेदारी: व्यक्तिगत कर्ज में गोल्ड लोन और क्रेडिट कार्ड की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है. वहीं होम लोन की हिस्सेदारी पहले के मुकाबले कम हुई है. रिपोर्ट के अनुसार, नए टैक्स सिस्टम के चलते कुछ लोग होम लोन जल्दी चुका रहे हैं और कुछ ग्राहक NBFC की ओर भी रुख कर रहे हैं.
इन सेक्टरों में सबसे ज्यादा बढ़ा बैंक कर्ज
सेक्टर कर्ज में हिस्सेदारी
इंफ्रास्ट्रक्चर 24.1%
केमिकल 20.8%
वाहन एवं ऑटो पार्ट्स 13.3%
इंजीनियरिंग 11.6%
फूड प्रोसेसिंग 8.1%
बेसिक मेटल 6.9%
सीमेंट 5.7%
अप्रैल और मई 2026 के दौरान उद्योग और व्यक्तिगत कर्ज ने कुल नई क्रेडिट ग्रोथ में करीब 75 फीसदी योगदान दिया. उद्योगों में सबसे ज्यादा कर्ज इंफ्रास्ट्रक्चर, केमिकल, वाहन एवं ऑटो पार्ट्स और इंजीनियरिंग सेक्टर को मिला. वहीं व्यक्तिगत कर्ज में गोल्ड लोन का योगदान सबसे अधिक रहा.
आगे भी मजबूत रह सकती है क्रेडिट ग्रोथ
SBI Research का अनुमान है कि अगर वैश्विक अनिश्चितताएं और बाहरी झटके जारी रहते हैं तो कर्ज और जमा वृद्धि के बीच अंतर कुछ समय तक बना रह सकता है. हालांकि, FCNR(B) जमा में बढ़ोतरी से डिपॉजिट ग्रोथ को समर्थन मिलने की उम्मीद है. रिपोर्ट के अनुसार, मजबूत पूंजी आधार, कम NPA और बेहतर बैलेंस शीट के चलते भारतीय बैंक फिलहाल मजबूत स्थिति में हैं और वित्त वर्ष 2027 में भी क्रेडिट ग्रोथ के बेहतर बने रहने की संभावना है.
टैग्स