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मिडिल ईस्ट में बढ़ती टेंशन से अडानी के माथे पर भी पड़े बल, आखिर क्या है कनेक्शन?
ईरान के इजरायल पर मिसाइल अटैक के बाद स्थिति और बिगड़ गई है. मिडिल ईस्ट में बढ़ रहे इस तनाव का असर भारत पर भी दिखाई दे रहा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
ईरान-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव से पूरी दुनिया सकते में आ गई है. भारतीय शेयर बाजार पर भी इसका असर देखने को मिला है. सेंसेक्स और निफ्टी आज दोनों पूरी तरह लाल हो गए हैं. मुश्किल ये है कि अगर हालात जल्द ठीक नहीं हुए तो यह गिरावट लंबी भी खिंच सकती है. भारत की जिन कंपनियों का इजरायल के साथ सीधा कनेक्शन है, उन सभी के लिए आने वाला समय काफी कठिन हो सकती है. अरबपति कारोबारी गौतम अडानी भी यही दुआ कर रहे होंगे कि मिडिल ईस्ट का तनाव जल्द कम हो जाए. क्योंकि उनकी कंपनी अडानी पोर्ट्स इजरायल में भी एक्टिव है.
शेयर में गिरावट
अडानी पोर्ट्स के शेयर आज 2.82% की गिरावट के साथ 1,426.05 रुपए पर बंद हुए हैं. पिछले पांच दिनों में ये शेयर 1.96% टूटा है. अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) के इजरायल कनेक्शन की बात करें, तो अडानी पोर्ट्स और इजरायल के गादोत समूह ने हाइफा बंदरगाह का अधिग्रहण किया है. यह डील 1.18 अरब डॉलर में हुई थी. इसमें अडानी की हिस्सेदारी 70 प्रतिशत और गादोत समूह की 30 प्रतिशत है. हाइफा बंदरगाह पर्यटक क्रूज शिप के मामले में सबसे बड़ा बंदरगाह है. जबकि शिपिंग कंटेनर के मामले में इजरायल का दूसरा सबसे बड़ा पोर्ट है.
इनका भी है रिश्ता
यदि इजरायल और ईरान में सीधी जंग होती है, तो हाइफा बंदरगाह पर कारोबारी गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं. ऐसे में अडानी पोर्ट्स के शेयरों में और गिरावट से इंकार नहीं किया जा सकता. वहीं, अडानी पोर्ट्स की तरह कई दूसरी कंपनियों का भी इजरायल कनेक्शन है. सन फार्मास्युटिकल के पास इजरायल की तारो फार्मास्युटिकल में बहुलांश हिस्सेदारी है. इसी तरह, जेनेरिक दवा बनाने वाली कंपनी डॉ. रेड्डीज और ल्यूपिन का इजरायल की लीडिंग दवा कंपनी टेवा फार्मास्युटिकल के साथ नाता है. माइनिंग कंपनी NMDC, आभूषण निर्माता कल्याण ज्वैलर्स और टाइटन का भी इजरायल से संबंध है.
कच्चे तेल में उबाल
मिडिल ईस्ट में बढ़त इस तनाव का असर कच्चे तेल पर देखने को मिला है. वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड (WTI Crude) की कीमतें अचानक 5 प्रतिशत तक का उछल गई हैं. बीते दिनों में इसमें करीब 2.7 फीसदी की नरमी आई थी, लेकिन हाल ही में उछाल के साथ इसका भाव 71 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गया. इसी तरह, ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड भी लगभग 5% की उछाल के साथ 75 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि यदि हालात जल्द सामान्य नहीं होते, तो दुनियाभर मन आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह से प्रभावित हो सकती हैं.
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