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EX-RBI गवर्नर ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के दूसरे कार्यकाल को लेकर क्‍यों कही ये बात?

 उन्‍होंने कहा कि हमें अगर विकसित बनना है तो प्रति व्‍यक्ति आय को पांच गुना तक बढ़ाना होगा. मौजूदा समय में से 2700 डॉलर प्रति व्‍यक्ति है. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

1992 से लेकर 1997 तक आरबीआई के गवर्नर रहे सी रंगराजन ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के दोनों कार्यकाल को लेकर अहम बात कही है. उन्‍होंने मनमोहन सिंह के पहले कार्यकाल की जहां तारीफ की है वहीं दूसरे कार्यकाल को लेकर अहम टिप्‍पणी की है. उन्‍होंने कहा कि दूसरा कार्यकाल कई तरह की राजनीतिक समस्‍याओं वाला साल था. उन्‍होंने मनमोहन सिंह के द्वारा उदारीकरण के दौर में उठाए गए कदमों का भी जिक्र किया है.  

पहले कार्यकाल को लेकर कही ये बात 
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एक पॉडकास्‍ट शो में बोलते हुए पूर्व गवर्नर सी रंगराजन ने कहा कि अगर हम मनमोहन सिंह के पहले कार्यकाल पर नजर डालें तो वो बेहद शानदार रहा था. उसमें उन्‍होंने साबित करके दिखाया कि वो देश की समस्‍याओं को सही से हैंडल कर सकते हैं. लेकिन दूसरा कार्यकाल राजनीतिक समस्याओं वाला साल रहा जिसके चलते दूसरे कार्यकाल में कुछ हद तक बादल छाए रहे. उन्‍होंने 1992 में उनके कार्यकाल को लेकर भी अहम बात कही. उन्‍होंने कहा कि नरसिम्‍हा राव की सरकार में मनमोहन सिंह अपनी योग्‍यताओं के दम पर वित्‍त मंत्री बने और उसके बाद उन्‍होंने उदारीकरण जैसा बड़ा कदम उठाया. उन्‍होंने नरसिम्‍हा राव को लेकर भी कहा कि मनमोहन सिंह की नई व्‍यवस्‍था को पीएम राव ने राजनीतिक समर्थन मुहैया कराया. 

2014 में क्‍यों दिया इस्‍तीफा? 
सी रंगराजन ने 2014 में आर्थिक सलाहकार परिषद से इस्‍तीफा दे दिया था. उन्‍होंने इसकी वजह के बारे में बात करते हुए कहा कि एक बार सिस्‍टम में बदलाव होने के बाद मैंने सोचा कि इसे जारी रखना मेरे लिए ठीक नहीं होगा. इसलिए मैं चला गया और मुझे लगता है कि ऐसा करना सही काम है. सी रंगराजन 1992 से लेकर 1997 के बीच आरबीआई के गनर्वर रहे थे. उन्‍होंने एआई तकनीक पर भी अपनी बात कही. उन्‍होंने कहा कि हमें आने वाले समय में अपनी वर्कफोर्स को एआई तकनीक से लैस करना होगा. 

आज क्‍या हैं सबसे बड़ी चुनौतियां 
सी रंगराजन ने मौजूदा दौर की मोदी सरकार के सामने पैदा हुई चुनौतियों को लेकर भी अहम बात कही.  उन्‍होंने कहा कि अगर हमें विकसित देश बनना है तो हमें अपनी प्रति व्‍यक्ति आय को बढ़ाने को लेकर काम करना होगा. उन्‍होंने कहा कि आज भारत पांचवी सबसे बड़ी इकोनॉमी है जबकि आने वाले समय में तीसरी बन जाएगी. लेकिन अगर देखा जाए तो आज प्रति व्‍यक्ति आय के मामले में हम 197 देशों में 142वें नंबर पर हैं. ये नंबर बताता है कि हमें कितना लंबा सफर तय करना है. विकसित देश बनने के लिए हमारी प्रति व्‍यक्ति आय लगभग 13000 डॉलर होनी चाहिए , लेकिन आज ये 2700 डॉलर प्रति माह है. हमें इसमें पांच गुना इजाफा करना होगा. 

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