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हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर कब घटेंगी GST दरें? आखिरकार मिल गया जवाब
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में स्वास्थ्य और जीवन बीमा प्रीमियम पर GST की दरों पर आपत्ति जताते हुए उसे कम करने का आग्रह वित्त मंत्री से किया था.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस के महंगे प्रीमियम से दिसंबर तक राहत मिल सकती है. दरअसल, नवंबर में होने वाली GST काउंसिल की बैठक में स्वास्थ्य और जीवन बीमा पॉलिसी पर जीएसटी की दरों को कम करने का फैसला लिया जा सकता है. इस विषय पर चर्चा के लिए 20 अक्टूबर को मंत्री समूह की बैठक होगी. इसके साथ ही कुछ अन्य वस्तुओं से जुड़े जीएसटी स्लैब में भी बदलाव पर विचार किया जा रहा है. इनकी GST दर को 12 से घटाकर 5% किया जा सकता है.
गडकरी ने जताई है आपत्ति
GST से जुड़े दो मामलों पर मंत्री समूह विचार कर रहा है. इसमें सबसे महत्वपूर्ण है स्वास्थ्य और जीवन बीमा प्रीमियम पर 18% जीएसटी का मुदा. केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी बीमा प्रीमियम पर 18 प्रतिशत GST पर आपत्ति जताई जाता चुके हैं. उन्होंने इस संबंध में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र भी लिखा था. बता दें कि परिषद की पिछली बैठक में जीएसटी दरों को कम करने पर कोई सहमति नहीं बनी थी, जिसके बाद मामले को मंत्री समूह के पास भेज दिया गया.
नवंबर में अंतिम फैसला
अब 13 सदस्यीय मंत्री समूह इस पर विचार करेगा कि क्या स्वास्थ्य और जीवन बीमा प्रीमियम पर GST की दरों को कम किया जाना चाहिए. 20 अक्टूबर को मंत्री समूह की बैठक होगी और माना जा रहा है कि हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर GST घटाने पर सहमति बन सकती है. 30 अक्टूबर तक समूह अपनी रिपोर्ट जीएसटी परिषद को सौंपेगा और उसके बाद नवंबर की बैठक में इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा. इस तरह, दिसंबर से महंगे प्रीमियम पर राहत की उम्मीद है.
इन पर भी राहत की उम्मीद
मंत्री समूह की बैठक में कई वस्तुओं पर जीएसटी की दर को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 फीसदी करने पर भी सहमति बन सकती है. संभावना जताई जा रही है कि दोपहिया वाहन, बोतल बंद पानी सहित कई अहम वस्तुओं पर जीएसटी की दर को कम किया जा सकता है. जबकि कुछ वस्तुओं पर जीएसटी की दर को बढ़ाया भी जा सकता है.
पहले थी ये व्यवस्था
जीएसटी से पहले बीमा प्रीमियम पर सर्विस टैक्स लगता था. वित्त वर्ष 2023-24 में केंद्र और राज्यों के खजाने में स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर जीएसटी के जरिए 8,262.94 करोड़ रुपए आए हैं. बीमा प्रीमियम पर टैक्स का मुद्दा संसद में चर्चा के दौरान भी उठा था. कई विपक्षी सदस्यों ने स्वास्थ्य और जीवन बीमा प्रीमियम को GST से छूट देने की मांग की थी. इस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि जीएसटी प्राप्ति का 75% राज्यों को जाता है. विपक्षी सदस्यों को अपने राज्य के वित्त मंत्रियों से GST परिषद में प्रस्ताव लाने के लिए कहना चाहिए.
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