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वेदांता के QIP से इस सरकारी बैंक को मिल सकती है खुशी, आखिर क्या है कनेक्शन?
अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता QIP के जरिए जुटाई जाने वाली राशि का इस्तेमाल खर्च चुकाने पर भी करेगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
अरबपति कारोबारी अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal) की कंपनी वेदांता लिमिटेड (Vedanta Limited) करीब 8000 करोड़ रुपए जुटाने के लिए एक क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट लॉन्च (QIP) लेकर आई है. इस पैसों का इस्तेमाल कंपनी अपने कर्ज के बोझ को कम करने के लिए करेगी. वेदांता के देनदारों में एक सरकारी बैंक भी शामिल है, जिसका आंशिक या पूरा पैसा कंपनी QIP से जुटने वाली राशि से चुका सकती है. इससे सरकारी बैंक के शेयर में तेजी देखने को मिल सकती है. एक मीडिया रिपोर्ट में वेदांता के QIP दस्तावेजों के हवाले से बताया गया है कि कंपनी इस रकम का इस्तेमाल ओकट्री कैपिटल (Oaktree Capital), ड्यूश बैंक (Deutsche Bank) और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bank of India) के कर्ज को आंशिक या पूरी तरह से चुकाने में करेगी.
किसके कितना है देना?
वेदांता का QIP निवेशकों के लिए खुल चुका है और इसके लिए फ्लोर प्राइज 461.26 रुपए प्रति शेयर निर्धारित किया गया है. वेदांता ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसके QIP का उद्देश्य कंपनी और उसकी सहायक कंपनी - टीएचएल जिंक वेंचर्स लिमिटेड के बकाया कर्ज को आंशिक या पूर्ण रूप से चुकाना है. साथ ही, इस राशि का एक छोटा हिस्सा कुछ सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा. 25 जून तक के आंकड़ों के अनुसार, अनिल अग्रवाल की वेदांता पर ओकट्री, ड्यूश बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का 17,470 करोड़ रुपए बकाया था. वेदांता को यूनियन बैंक का 6400 करोड़ और ड्यूश बैंक का 1100 करोड़ रुपए चुकाना है.
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अच्छी नहीं आर्थिक सेहत
वेदांता अपने कर्ज को अगले 3 सालों में 3 अरब डॉलर तक कम करने की योजना पर काम कर रही है. वेदांता की आर्थिक स्थिति खास अच्छी नहीं है. जिंक, कॉपर और एल्युमीनियम जैसी धातुओं की कीमतों में गिरावट के साथ ऑयल एवं गैस सेक्टर के कमजोर प्रदर्शन के चलते वेदांता का वित्त वर्ष 2024 की चौथी तिमाही में शुद्ध लाभ 27% घटकर 2,273 करोड़ रहा. पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 3,132 करोड़ था. वहीं, स्टॉक मार्केट में वेदांता के प्रदर्शन की बात करें, तो कल यह 0.82% की गिरावट के साथ 455.70 रुपए पर बंद हुआ. इस साल अब तक ये शेयर 77.21% रुपए तक चढ़ हुआ है. हालांकि, पिछले पांच सत्रों से इसमें गिरावट का माहौल है. उधर, यूनियन बैंक के शेयर मंगलवार को उछाल के साथ 139.91 रुपए पर बंद हुए.
क्या होता है QIP?
चलिए अब यह भी जान लेते हैं कि आखिर QIP होता क्या है. Qualified Institutional Placement (QIP) बाजार से रकम जुटाने का एक तरीका है, जिसे कंपनियां इस्तेमाल करती रहती हैं. QIP के लिए बाजार नियामक SEBI से मंजूरी लेनी होती है. QIP के लिए कंपनी नियमों के मुताबिक शेयर का भाव तय करती है. QIP का भाव शेयर के 2 हफ्ते के औसत भाव से कम नहीं रखा जा सकता. QIP के जरिएइंश्योरेंस कंपनियों, वित्तीय संस्थानों को शेयर जारी हो सकते हैं. इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों और वेंचर्स कैपिटल फंड्स को भी शेयर जारी किए जा सकते हैं.
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