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अनिल अग्रवाल की Vedanta ने मैनेजमेंट में किया बदलाव, इस दिग्गज की हुई घर वापसी

वेदांता की मौजूदा चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर अपने पद से इस्तीफा दे रही हैं और उनकी जगह अजय गोयल को यह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता (Vedanta) के मैनेजमेंट में एक बड़े बदलाव की खबर है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अजय गोयल की कंपनी में वापसी हो गई है. उन्हें पुन: चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) की जिम्मेदारी सौंपी गई है. बता दें कि गोयल ने करीब 6 महीने पहले ही ऐड-टेक फर्म Byju's में CFO के तौर पर जॉइन किया था. अब उन्होंने बायजू से इस्तीफा देकर दोबारा Vedanta का दामन थाम लिया है. 

2 साल में तीसरा इस्तीफा
पिछले कुछ समय से परेशानियों का सामना कर रहे अनिल अग्रवाल ने हाल ही में डीमर्जर का ऐलान किया है. उनकी कंपनी वेदांता डीमर्जर प्लान के तहत वो अपने कारोबार को 6 अलग-अलग यूनिट्स में डीमर्ज करेगी. अजय गोयल वेदांता में सोनल श्रीवास्तव की जगह लेंगे. सोनल ने व्यक्तिगत कारणों से CFO की जिम्मेदारी से मुक्त होने की इच्छा जताई थी, जिसे कंपनी ने स्वीकार कर लिया. यहां गौर करने वाली बात ये है कि सोनल श्रीवास्तव पिछले दो साल में वेदांता की तीसरी CFO हैं, जिन्होंने इस्तीफा दिया है. इससे पहले 2021 में GR अरुण कुमार और इस साल की शुरुआत में अजय गोयल भी कंपनी को अलविदा कह गए थे.

अग्रवाल को है ये उम्मीद 
वेदांता लिमिटेड खुद को छह लिस्टेड कंपनियों में विभाजित करने वाली है. अनिल अग्रवाल को उम्मीद है कि इस कदम से निवेशक सीधे प्रमुख व्यवसायों की ओर आकर्षित होंगे और सहायक कंपनियों की वैल्युएशन में बढ़ोत्तरी होगी. साथ ही इस बदलाव से मूल कंपनी के कर्ज को कम करने के लिए कुछ संपत्तियों को बेचना भी उनके लिए आसान हो जाएगा. वहीं, एक्सपर्ट्स का भी कहना है कि अनिल अग्रवाल को Vedanta के Demerger से फायदा मिल सकता है. उनके मुताबिक, यदि वेदांता को छह हिस्सों में बांटने की प्रक्रिया सफल रहती है, तो इसका पॉजिटिव असर दिखने को मिल सकता है. उदाहरण के तौर पर, वेदांता ग्रुप पर निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा, उसकी फंड जुटाने की क्षमता बढ़ेगी और फाइनेंशियल सेहत में भी सुधार आएगा. क्योंकि हर कंपनी बिना दूसरे हिस्से की कमजोरी का बोझ उठाए आगे बढ़ सकेगी. मौजूदा व्यवस्था में यदि कोई एक कारोबार अच्छी स्थिति में है, लेकिन दूसरे के हाल अच्छे नहीं हैं, तो उसका असर सामूहिक रूप से पड़ता है. 
 


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