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ब्रिटेन के सबसे अमीर शख्स Gopichand Hinduja के बारे में कितना जानते हैं आप?
हिंदुजा समूह के चेयरमैन गोपीचंद हिंदुजा लगातार छठवीं बार ब्रिटेन के सबसे अमीर व्यक्ति बने हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
भारतीय मूल के ब्रिटिश बिजनेसमैन गोपीचंद हिंदुजा (Gopichand Hinduja) ब्रिटेन के सबसे अमीर शख्स बन गए हैं. हालांकि, उनके लिए यह कोई नई बात नहीं है. यह लगातार छठा मौका है जब उन्हें खिताब दिया गया है. 'संडे टाइम्स रिच लिस्ट' के मुताबिक, हिंदुजा परिवार की नेटवर्थ 37.196 अरब पाउंड है. पिछले एक साल के दौरान में इसमें 2.196 अरब पाउंड का इजाफा हुआ है. गोपीचंद हिंदुजा 'हिंदुजा ग्रुप' (Hinduja Group) के चेयरमैन हैं.
भारत में छह कंपनियां हैं लिस्टेड
गोपीचंद हिंदुजा को जीपी के नाम से भी जाना जाता है. 1940 में भारत में जन्मे GP पिछले साल बड़े भाई श्रीचंद हिंदुजा की मौत के बाद से हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. गोपीचंद ने मुंबई के जैन हिंद कॉलेज से 1959 में ग्रेजुएशन किया और फिर फैमिली बिजनेस का हिस्सा बन गए. आज हिंदुजा ग्रुप का कारोबार 48 देशों में फैला है. 150,000 से अधिक कर्मचारियों वाले इस समूह की भारत में छह लिस्टेड कंपनियां हैं. दिग्गज ऑटो कंपनी अशोक लीलैंड्स (Ashok Leyland) और प्राइवेट सेक्टर का इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) इसी समूह का हिस्सा हैं. समूह की बाकी लिस्टेड कंपनियों में GOCL Corporation, Gulf Oil Lubricants India, Hinduja Global Solutions और NDL Ventures शामिल हैं.
कई सेक्टर्स में फैला है कारोबार
हिंदुजा समूह की नींव वैसे तो परमानंद हिंदुजा ने 1914 में रखी, लेकिन गोपीचंद ने अपने भाइयों के साथ मिलकर इसे बुलंदियों पर पहुंचाया. आज समूह का कारोबार कई अलग-अलग सेक्टर्स में फैला हुआ है. इसमें IT, ऑटो, मीडिया, ऑयल एंड स्पेशिएल्टी केमिकल्स, बैंकिंग एंड फाइनेंस, पावर जनरेशन, रियल एस्टेट और हेल्थकेयर प्रमुख हैं. हिंदुआ समूह ने ही अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कैपिटल को खरीदा है. जूनियर अंबानी की इस कर्ज में डूबी कंपनी को खरीदने की दौड़ में कई दिग्गज शामिल थे, लेकिन बाजी हिंदुजा समूह के हाथ लगी.
ईरान से भी रहा है गहरा संबंध
जिस ईरान को लेकर इस समय पूरी दुनिया में चर्चा है, वहां 1919 में हिंदुजा समूह की मौजूदगी थी. करीब 60 सालों तक ईरान ही इस समूह का हेडक्वार्टर रहा, लेकिन 1979 में इस्लामिक क्रांति के चलते हिंदुजा ग्रुप ने ब्रिटेन को अपना ठिकाना बनाया. ब्रिटेन की राजधानी लंदन को समूह ने अपने मुख्यालय बनाया. इस ग्रुप की शुरुआत भले ही मर्चेंट बैंकिंग और ट्रेड से हुई थी, मगर आज कई सेक्टर्स में मौजूद है. 1971 में परमानंद दीपचंद के निधन के बाद गोपीचंद हिंदुजा ने भाइयों के साथ मिलकर कारोबार को आगे बढ़ाया.
छोटे भाई भारत में हैं चेयरमैन
भारत के ऑटो सेक्टर में समूह की कंपनी अशोक लीलैंड का अपना एक अलग स्थान है. इस कंपनी ने 1997 में देश की पहली CNG बस उतारी थी. 1994 में हिंदुजा ग्रुप की भारत के बैंकिंग सेक्टर में IndusInd Bank के रूप में एंट्री हुई. हिंदुजा ग्लोबल सॉल्यूशंस और गल्फ ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड समूह की दो प्रमुख कंपनियां हैं. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कारोबार का मालिकाना हक सामूहिक रूप से सभी चार भाइयों - श्रीचंद, गोपीचंद, प्रकाश और अशोक के पास रहा है. भाइयों में श्रीचंद पी हिंदुजा सबसे बड़े थे, जिनका पिछले साल निधन हो गया. सबसे छोटे भाई अशोक भारत में हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन हैं.
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