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रेल यात्रियों की वित्त मंत्री से गुहार, बुजुर्गों को उनकी रियायत वापस लौटा दो सरकार?
कोरोना काल से पहले तक सीनियर सिटीजन को रेल किराए में छूट मिलती थी, लेकिन कोरोना महामारी के दौरान इसे बंद कर दिया गया.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
रेल से सफर करने वाले सैकड़ों सीनियर सिटीजन चाहते हैं कि वित्त मंत्री किराए में उन्हें मिलनी वाली छूट फिर से बहाल कर दें. दरअसल, कोरोना महामारी के दौरान रेलवे ने वरिष्ठ नागरिकों को किराए में मिलने वाली छूट खत्म कर दी थी, जो अब तक बहाल नहीं की गई है. इसके अलावा, यात्री रेल किराए में भी कुछ कमी चाहते हैं. उनका कहना है कि यदि वित्त मंत्री उन्हें इस मोर्चे पर कुछ राहत देती हैं, तो उनकी मुश्किलें कुछ कम हो जाएंगी.
बढ़ेगा रेलवे का बजट!
माना जा रहा है कि वित्त मंत्री रेलवे को 2.85 से 3 लाख करोड़ रुपए का बजट आवंटित कर सकती हैं, जो पिछले वर्ष की अपेक्षा 10-15 प्रतिशत अधिक होगा. बजट 2024 में हाई स्पीड और सेमी हाईस्पीड ट्रेनों को प्राथमिकता मिलने की संभावना है. फाइनेंस मिनिस्टर उत्तर, पूर्व और दक्षिण भारत में तीन नए हाई स्पीड कॉरिडोर बनाने की घोषणा कर सकती हैं. इसके साथ ही बजट में वंदे भारत और वंदे मेट्रो की संख्या बढ़ाने का भी ऐलान संभव है.
मिल सकती हैं 200 नई ट्रेनें
एक मीडिया रिपोर्ट की मानें, तो वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण बजट में आधुनिक और तेज गति वाली 200 से ज्यादा नई नॉन एसी ट्रेनें चलाने की घोषणा कर सकती है. इन रेल गाड़ियों के जरिए पहली बार देश के 75 छोटे शहरों को रेल कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा. शुरुआत में इन ट्रेनों में केवल स्लीपर-जनरल कोच होंगे, लेकिन डिमांड के अनुसार कुछ रूट्स पर एसी कोच लगाए जा सकते हैं. इन ट्रेनों का मकसद उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, झारखंड और मध्यप्रदेश जैसे राज्यों से रोजगार की तलाश में देश के महानगरों का रुख करने वाले लोगों का सफर आसान बनाना है. इन अमृत भारत ट्रेनों का किराया सामान्य मेल-एक्सप्रेस की तरह ही रखा जा सकता है.
कवच पर रहेगा जोर
बजट में बढ़ते ट्रेन एक्सीडेंट की रोकथाम के लिए भी उपाए किये जा सकते हैं. वित्तमंत्री कुछ रूट्स पर टक्कर रोधी तकनीक कवच के वर्जन 4 की घोषणा कर सकती हैं. इसके तहत 35,736 किलोमीटर के रेल रूट्स पर कवच लगाया जाएगा. कवच एक ऑटोमेटिक प्रोटेक्शन सिस्टम है, जिसमें इंसानों की गलती से सिग्नल पास करने या ओवर-स्पीड की वजह से होने वाले ट्रेन हादसों को टाला जा सकता है. Kavach को भारतीय रेलवे ने रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन (RDSO) की मदद से 2012 में विकसित किया था. इसके अलावा भी रेल सफर को सुरक्षित और आरामदायक बनाने से जुड़ी कुछ घोषणाएं बजट में हो सकती हैं.
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