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भारत-फ्रांस के बीच अंतरिक्ष क्षेत्र में तीन नए समझौते, निजी कंपनियों के सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
फ्रांस की एयरोस्पेस कंपनी सफ्रान स्पेस (Safran Space) ने भारतीय अंतरिक्ष कंपनी ध्रुव स्पेस (Dhruva Space) के साथ 50 लाख यूरो से अधिक मूल्य के अनुबंध किए हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 21 minutes ago
भारत और फ्रांस ने अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देते हुए तीन नए वाणिज्यिक समझौते किए हैं. इन समझौतों के तहत अंतरिक्ष निगरानी, उपग्रह प्रक्षेपण और सूक्ष्म उपग्रह तकनीक के क्षेत्र में दोनों देशों की निजी कंपनियां मिलकर काम करेंगी. इससे भारत और फ्रांस के बीच लंबे समय से चले आ रहे अंतरिक्ष सहयोग में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है.
सफ्रान स्पेस और ध्रुव स्पेस के बीच 50 लाख यूरो से अधिक का समझौता
फ्रांस की एयरोस्पेस कंपनी सफ्रान स्पेस (Safran Space) ने भारतीय अंतरिक्ष कंपनी ध्रुव स्पेस (Dhruva Space) के साथ 50 लाख यूरो से अधिक मूल्य के अनुबंध किए हैं. इसके तहत भारत की प्रस्तावित अंतरिक्ष आधारित निगरानी प्रणाली के लिए जरूरी उपकरण और प्रणालियां उपलब्ध कराई जाएंगी. इन प्रणालियों में संचार व्यवस्था, जड़त्वीय दिशा-निर्धारण इकाइयां, प्रकाशीय उपकरण और जमीन पर स्थापित किए जाने वाले केंद्र शामिल हैं.
भारत की अंतरिक्ष आधारित निगरानी प्रणाली के तहत 2027 से 2030 के बीच 52 उपग्रह भेजे जाने की योजना है. इसका उद्देश्य भारत की स्वतंत्र अंतरिक्ष निगरानी क्षमता को मजबूत करना है. सफ्रान पहले भी भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में योगदान दे चुकी है. कंपनी ने चंद्रयान-3 मिशन सहित कई कार्यक्रमों में भागीदारी की है.
टेकमीटूस्पेस के दो उपग्रह प्रक्षेपित करेगा राइड
फ्रांस की प्रक्षेपण सेवा कंपनी राइड (RIDE!) ने भारतीय कंपनी टेकमीटूस्पेस (TakeMeToSpace) के दो उपग्रहों को प्रक्षेपित करने के लिए समझौता किया है. टेकमीटूस्पेस कक्षा में स्थापित किए जाने वाले आंकड़ा केंद्रों के क्षेत्र में काम करती है. दोनों देशों की अंतरिक्ष कंपनियां पिछले कुछ वर्षों से विभिन्न परियोजनाओं पर साथ काम कर रही हैं. इनमें उपग्रहों के एकीकरण, प्रक्षेपण और वापसी से जुड़ी गतिविधियां भी शामिल हैं.
सूक्ष्म उपग्रह क्षेत्र में यू-स्पेस और एक्सिसकेड्स साथ आए
फ्रांस की अंतरिक्ष कंपनी यू-स्पेस (U-Space) और भारत की कंपनी एक्सिसकेड्स (AXISCADES) ने भारत के सूक्ष्म उपग्रह बाजार में संभावनाएं तलाशने के लिए वाणिज्यिक सहयोग की घोषणा की है. दोनों कंपनियां भारत में बढ़ती वाणिज्यिक और संस्थागत मांग को ध्यान में रखते हुए चरणबद्ध तरीके से काम करेंगी. इस सहयोग का उद्देश्य फ्रांस की अंतरिक्ष तकनीक और भारत की औद्योगिक क्षमता को एक साथ लाना है.
पांच दशक से अधिक पुराना है भारत-फ्रांस अंतरिक्ष सहयोग
भारत और फ्रांस के बीच अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग पांच दशक से अधिक पुराना है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और फ्रांस के राष्ट्रीय अंतरिक्ष अध्ययन केंद्र (सीएनईएस) के बीच पृथ्वी अवलोकन, अंतरिक्ष भूगणित, मानव अंतरिक्ष उड़ान, प्रक्षेपण यान तकनीक और ग्रहों की खोज सहित कई क्षेत्रों में सहयोग रहा है.
दोनों देशों के बीच रणनीतिक अंतरिक्ष संवाद के माध्यम से नागरिक और रक्षा अंतरिक्ष सहयोग को भी आगे बढ़ाया जा रहा है. इस संवाद की पहली बैठक जून 2023 में पेरिस और दूसरी बैठक मार्च 2024 में नई दिल्ली में हुई थी. दोनों देश पृथ्वी अवलोकन मिशन, समुद्री क्षेत्र की निगरानी और अंतरिक्ष स्थिति की जानकारी जैसे क्षेत्रों में भी साथ काम कर रहे हैं.
उपग्रह प्रक्षेपण में भी पुराना सहयोग
भारत के ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (PSLV) से फ्रांस के उपग्रहों को प्रक्षेपित किया जा चुका है. वहीं फ्रांस की एरियनस्पेस ने भारतीय भूस्थिर उपग्रहों को प्रक्षेपित करने में भूमिका निभाई है. फरवरी में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने नागरिक उपग्रह विकास और मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रमों में सहयोग बढ़ाने का समर्थन किया था.
भारत सरकार भी अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दे रही है. हाल में भारत और फ्रांस ने मानव अंतरिक्ष उड़ान, उन्नत अंतरिक्ष तकनीक और उद्योगों के बीच सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई है.
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष शिखर सम्मेलन में करीब 20 अरब यूरो की घोषणाएं
पेरिस में 9 और 10 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है. इसमें विभिन्न देशों की सरकारों, अंतरिक्ष एजेंसियों, कंपनियों और वैज्ञानिक संस्थानों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं.
सम्मेलन के दौरान करीब 20 अरब यूरो मूल्य के अनुबंधों, निवेश और अन्य प्रतिबद्धताओं से जुड़ी 51 घोषणाएं की गई हैं. भारत-फ्रांस के बीच हुए नए समझौते इसी व्यापक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष सहयोग का हिस्सा हैं. भारत और फ्रांस के बीच हाल के वर्षों में अंतरिक्ष सहयोग का दायरा लगातार बढ़ा है. दोनों देश अब सरकारी अंतरिक्ष एजेंसियों के साथ-साथ निजी कंपनियों की भागीदारी के जरिए भी इस साझेदारी को आगे बढ़ा रहे हैं.
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