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Circolife ने जुटाए 4.5 मिलियन डॉलर, 24 महीने में 40,000 AC यूनिट का लक्ष्य
कंपनी के अनुसार, उसके प्रत्येक एसी यूनिट को कनेक्टेड डिवाइस के तौर पर तैयार किया गया है. इसमें लगे सेंसर तापमान, बिजली की खपत और गैस प्रेशर जैसी जानकारी रियल टाइम में रिकॉर्ड करते हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
कूलिंग-एज-ए-सर्विस (CaaS) प्लेटफॉर्म सर्कोलाइफ ने प्री-सीरीज ए फंडिंग राउंड में 4.5 मिलियन डॉलर यानी करीब 40.45 करोड़ रुपये जुटाए हैं. कंपनी इस पूंजी का इस्तेमाल अपने कारोबार का राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करने, एसी यूनिट्स की संख्या बढ़ाने और आईओटी आधारित प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस तकनीक को विकसित करने में करेगी. कंपनी के पास फिलहाल पांच शहरों में करीब 10,000 सक्रिय सब्सक्रिप्शन हैं और अगले 24 महीनों में इसे बढ़ाकर 40,000 यूनिट करने का लक्ष्य है.
भारत जयसिंघानी के नेतृत्व में हुआ फंडिंग राउंड
यह फंडिंग राउंड शुरुआती चरण के निवेशक और पॉलीकैब इंडिया लिमिटेड के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर भारत जयसिंघानी के नेतृत्व में हुआ. इसमें नजारा टेक्नोलॉजीज के संस्थापक नितिश मित्तलसेन, इंटेलिक्विटी वेंचर्स, मुकुल अग्रवाल, परम कैपिटल, एक ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंक के एमडी सुमित जालान, एवरेस्ट फ्लीट के संस्थापक सिद्धार्थ लडसरिया और एवरेस्ट फ्लेवर्स के एमडी आनंद लडसरिया समेत कई निवेशकों ने हिस्सा लिया.
इसके अलावा इंडियन एक्सप्रेस के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत गोयनका, स्काई इम्पैक्ट कैपिटल के आकाश सचदेव, आइडियाज91 के संस्थापक रोहित देव तथा एसएन दमानी और व्योम वेल्थ जैसे फैमिली ऑफिस भी इस राउंड में शामिल रहे.
10,000 से 40,000 यूनिट तक विस्तार की योजना
सर्कोलाइफ ने 2023 के अंत में मुंबई से अपना परिचालन शुरू किया था. करीब ढाई साल में कंपनी ने पांच भारतीय शहरों में अपना नेटवर्क और एसी यूनिट्स का बेड़ा तैयार किया है. कंपनी रेस्टोरेंट, होटल, जिम, सैलून और को-लिविंग ऑपरेटरों समेत छोटे कारोबारों और एंटरप्राइज ग्राहकों को सब्सक्रिप्शन आधारित कूलिंग सुविधा उपलब्ध कराती है.
कंपनी के मुताबिक, नई फंडिंग के जरिए अगले 24 महीनों में सक्रिय यूनिट्स की संख्या करीब चार गुना बढ़ाकर 40,000 करने का लक्ष्य है.
सर्कोलाइफ के को-फाउंडर और सीईओ अभिषेक मुरारका ने कहा, "पांच शहरों और 10,000 सब्सक्रिप्शन ने हमें दिखाया है कि यह मॉडल काम करता है. यह फंडिंग हमें राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार के लिए फ्लीट, फील्ड सर्विस और टेक्नोलॉजी तैयार करने में मदद करेगी."
आईओटी और एआई से एसी की निगरानी
कंपनी के अनुसार, उसके प्रत्येक एसी यूनिट को कनेक्टेड डिवाइस के तौर पर तैयार किया गया है. इसमें लगे सेंसर तापमान, बिजली की खपत और गैस प्रेशर जैसी जानकारी रियल टाइम में रिकॉर्ड करते हैं. यह डेटा प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस सिस्टम को भेजा जाता है, जो किसी पार्ट में संभावित खराबी को ब्रेकडाउन से पहले पहचानने में मदद करता है.
सर्कोलाइफ अब इस डेटा सिस्टम को एआई और एडवांस्ड सेंसर के साथ और विकसित कर रही है. कंपनी प्रत्येक डिवाइस का डिजिटल ट्विन तैयार करने के साथ पूरे साइट या प्रॉपर्टी के कूलिंग सिस्टम का डिजिटल मॉडल बनाने पर भी काम कर रही है. इसका उद्देश्य कूलिंग सिस्टम की परफॉर्मेंस को रियल टाइम में मॉनिटर और बेहतर करना है.
कंपनी ने बताया कि उसके इन-हाउस फील्ड सर्विस कर्मचारी उन सभी शहरों में सेवाएं देते हैं, जहां सर्कोलाइफ मौजूद है. मुंबई और दिल्ली में दो समर्पित सुविधाओं के जरिए पुरानी यूनिट्स को स्क्रैप करने के बजाय रिफर्बिश और दोबारा इस्तेमाल किया जाता है.
"कूलिंग को आसान बनाने वाला मॉडल"
भारत जयसिंघानी ने कहा, "कूलिंग हमेशा से ज्यादा ऊर्जा खपत और ज्यादा मेंटेनेंस वाला क्षेत्र रहा है और सर्कोलाइफ इसे आसान बनाता है. ग्राहक हर महीने भुगतान करता है और उसे मेंटेनेंस की चिंता नहीं करनी पड़ती. यह सुविधा ऐसी तकनीक पर आधारित है, जो हर यूनिट की लगातार निगरानी करती है और समस्याओं को होने से पहले पहचानने की कोशिश करती है." उन्होंने कहा कि तकनीक और सरल ग्राहक अनुभव का यह संयोजन उन कारोबारों में से है, जिनमें वह निवेश करना पसंद करते हैं.
डेटा और इंटेलिजेंस पर फोकस
नजारा टेक्नोलॉजीज के संस्थापक नितिश मित्तलसेन ने कहा, "मैं ऐसे कारोबारों की ओर आकर्षित होता हूं, जहां हर ग्राहक और हर ट्रांजैक्शन प्लेटफॉर्म को और स्मार्ट बनाता है. इससे समय के साथ एक मजबूत प्रतिस्पर्धी बढ़त बन सकती है. सर्कोलाइफ ऊपर से एक एसी सब्सक्रिप्शन कारोबार दिख सकता है, लेकिन इसके पीछे वह एक डेटा और इंटेलिजेंस लेयर तैयार कर रही है, जो बड़े पैमाने पर पूरे फ्लीट को अधिक कुशल बना सकती है."
फंडिंग का इस्तेमाल कहां होगा
सर्कोलाइफ नई पूंजी का इस्तेमाल फ्लीट और भौगोलिक विस्तार, इन-हाउस इंस्टॉलेशन और सर्विस नेटवर्क को बढ़ाने तथा एआई आधारित आईओटी प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस और डिजिटल ट्विन प्लेटफॉर्म को आगे विकसित करने में करेगी.
कंपनी का नेतृत्व को-फाउंडर और सीईओ अभिषेक मुरारका, को-फाउंडर और सीओओ तुषार पाटिल तथा को-फाउंडर और सीटीओ देवांशु मिश्रा कर रहे हैं. अभिषेक मुरारका को कॉरपोरेट फाइनेंस और इन्वेस्टमेंट बैंकिंग में करीब दो दशक का अनुभव है, जबकि तुषार पाटिल को ग्लोबल सोर्सिंग और सप्लाई चेन में 20 साल से अधिक का अनुभव है. देवांशु मिश्रा आईआईटी रुड़की से हैं और आईओटी हार्डवेयर व फर्मवेयर इंजीनियरिंग से जुड़े रहे हैं.
शालिन खन्ना सीडीओ और सीएमओ के तौर पर नेतृत्व टीम का हिस्सा हैं. वहीं रणनीतिक सलाहकार विनीत तनेजा कंपनी को सलाह दे रहे हैं. तनेजा डायसन एपीएसी के पूर्व प्रेसिडेंट, माइक्रोमैक्स के सीईओ और सैमसंग इंडिया के कंट्री हेड रह चुके हैं.
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