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Employee की सैलरी बढ़ाने के लिए ऐसे आईटी कंपनियां ऐसे कर रही हैं काम का मूल्यांकन
अगर कंपनियों के कर्मचारियों को लेकर आंकलन को समझने की कोशिश करें तो वो किसी एक या दो दक्षताओं पर नहीं बल्कि कंपनी के लक्ष्य को लेकर उनके नजरिए को भी देख रही हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
अप्रैल से लेकर जुलाई तक वो समय होता है जब आईटी कंपनियां अपने कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने के लिए उनकी परफार्मेंस का मूल्यांकन करती हैं.मूल्यांकन करने का काम ज्यादातर आईटी कंपनियां अलग अलग तरीके से करती हैं. इस बार जहां कुछ कंपनियां ये देख रही हैं कि कर्मचारी नए टास्क को सीखने मे कितना इंट्रेस्ट दिखा रहा है वहीं कुछ लोगों का मानना है कि उसके अंदर टीम के साथ काम करने और उस प्रोजेक्ट को रिसॉल्व करने में कितनी योग्यता है.
क्या कह रहा है Randstad का सर्वे?
इस पूरे विषय को लेकर रैनस्टेड(Randstad) के सर्वे के अनुसार, 72 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जिन्होंने अपनी स्किल्स में गैप को माना है. ये 2019 के बाद सबसे ज्यादा प्रतिशत है. जबकि 56 प्रतिशत कर्मचारियों ने माना कि वो तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी को सीखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. जबकि 80 प्रतिशत कर्मचारियों का कहना है कि वो अपने काम में और माहिर बनने के लिए स्किल्स सीख रहे हैं.
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क्या कह रहे हैं इस सेक्टर के लोग
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एक कंपनी में सीनियर पोस्ट पर तैनात एक शख्स ने बताया कि वो ये देख रहे हैं कि उनमें सीखने की क्षमता कितनी है, या कर्मचारी कैसे सीखने और परिस्थिति को अनुकूलन करने का इरादा और कौशल दोनों दिखा रहे हैं. सौंपे गए कार्यों पर नेतृत्व और सहकर्मियों और हितधारकों के प्रति सहानुभूति और परिणामों पर उनका कितना स्पष्ट फोकस है. उन्होंने कहा कि हम आईटी सेवाओं की दुनिया में तेजी से बदलाव देख रहे हैं. उन्होंने कहा कि कंपनियां प्रशिक्षण और सीखने के निवेश के बढ़ते उपयोग के माध्यम से इन परिवर्तनों का सामना कर रही हैं.
कैसे इनोवेशन को ड्राइव कर रहा है उपभोक्ता?
एक दूसरी कंपनी के प्रमुख ने कहा कि वो अपने कर्मचारियों में देख रहे हैं कि आखिर इनोवेशन को लेकर उनका क्या नजरिया है. बाजार की लगातार बदलती डिमांड को वो कैसे देख रहे हैं और कंपनी के रणनीतिक लक्ष्यों के प्रति उनका क्या नजरिया है.उनका कहना है कि लगातार बदलती तकनीक कर्मचारियों के अप्रैजल को प्रभावित कर रही है. उनका मानना है कि इस बार के अप्रैजल में कंपनियां ये भी देख रही हैं कि उनकी तकनीकी दक्षता का ही आंकलन नहीं कर रही हैं बल्कि उनके कंपनी के बड़े लक्ष्य में उनके योगदान का भी आंकलन कर रही हैं.
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