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इस कंज्यूमर फूड्स ब्रैंड ने फंडिंग में जुटाए 20 करोड़ रुपये, जानते हैं कौन हैं निवेशक 

कंपनी दक्षिण अफ्रीका में भी अपने कारोबार का विस्‍तार करने की तैयारी करने की तैयारी कर रही हैं. कंपनी अब तक वहां 2000 से ज्‍यादा स्‍टोर खोल चुकी है. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

कंज्‍यूमर फूड ब्रैंड की स्‍टार्टअप कंपनी YU ने सीरिज ए राउंड में 20 करोड़ रुपये की फंडिंग जुटाई है. कंपनी ने इससे पहले 2022 में अपने आखिरी फंडरेज इस फॉलो आन सीरिज में 20 करोड़ रुपये जुटाए हैं. कंपनी की सीरिज ए राउंड की इस फंडिंग का नेतृत्‍व आशीष कचौलिया और एशियन पेंट के प्रमोटर मनीष चोकसी और वरुण वकील ने किया. कंपनी इस फंडिंग को आने वाले समय में अपनी मैन्‍युफैक्‍चरिंग यूनिट के विस्‍तार में लगाने की योजना बना रही है. 

ब्रैंड की अगले एक साल में ये है तैयारी 
YU उन कुछ D2C ब्रैंडों में से एक है, जिसके देश में 6,500 से ज्‍यादा स्टोर हैं और कंपनी ऑनलाइन तरीके से पूरे भारत में ई-कॉम और क्यू-कॉम सर्विसिंग में सेवा देती है. ब्रैंड बाजार में अपनी उपस्थिति को मजबूत करने के लिए अगले 12 महीनों के भीतर एक देशभर में डिस्‍ट्रीब्‍यूशन नेटवर्क स्थापित करने पर ध्यान देने जा रही है. कंपनी अपने डोमैस्टिक (घरेलू) डिस्‍ट्रीब्‍यूशन को बढ़ाने के अलावा, यू दक्षिण अफ्रीका में अपनी उपस्थिति मजबूत करने को लेकर काम करने की तैयारी कर रहा है. कंपनी वहां अब तक 2000 से ज्‍यादा स्‍टोर खोल चुकी है. 

फिर अपने विस्‍तार की कर रही है तैयारी
Yu की स्‍थापना भरत भल्ला और वरुण कपूर ने की थी. कंपनी 100% प्राकृतिक अवयवों के साथ पैकेज्ड खाद्य पदार्थों को फिर से बाजार में लाने की तैयारी कर रही है. इस ब्रैंड की शुरुआत 2021 में इंस्टेंट बाउल्स के साथ हुई और तब से कंपनी पकाने के लिए तैयार नूडल्स से लेकर पास्ता के साथ-साथ प्राकृतिक पेय पदार्थों तक प्रोडक्‍ट ला चुकी है. ब्रैंड ने पिछले साल अपना पहला 100% प्राकृतिक नारियल पानी लॉन्च किया था और इस गर्मी में अपने पेय पोर्टफोलियो को मजबूत करने की कोशिश करने की तैयारी कर रही है.  

क्‍या बोले कंपनी के फाउंडर ? 
फंडिंग जुटाने के बाद कंपनी के संस्थापक भरत भल्ला और वरुण कपूर ने संयुक्त रूप से अपनी बात कहते हुए कहा कि हमारे मौजूदा और प्रतिष्ठित निवेशकों जब आप पर भरोसा करते हुए देखना बेहद प्रेरणादायक है. उन्‍होंने कहा कि पिछली बार फंड जुटाने के बाद से, यू ने भारतीय बाजार में अपनी पैठ मजबूत करते हुए तेजी से वृद्धि की है और दक्षिण अफ्रीका जैसे कई निर्यात बाजार खोले हैं. जहां अब यू की राष्ट्रव्यापी उपस्थिति है. जुटाई गई धनराशि से हमें अपनी विनिर्माण क्षमता बढ़ाने और भारत और वैश्विक स्तर पर अपना वितरण बढ़ाने में मदद मिलेगी.

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