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AMUL और Mother Dairy को टक्कर देगी ये कंपनी, दिल्ली की दूध मार्केट में होने वाली है एंट्री
कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया 21 नवंबर को दिल्ली में नंदिनी दूध और दही उत्पाद लॉन्च करेंगे. इसके अलावा 26 नवंबर को बेंगलुरु में इडली और डोसा बैटर भी पेश किया जाएगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
दिल्ली में अमूल और मदर डेयरी जैसे बड़े डेयरी ब्रांड की टेंशन बढ़ने वाली है. दरअसल, नंदिनी ब्रांड के तहत अपने डेयरी उत्पादों का डिस्ट्रिब्यूशन करने वाले कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) ने विस्तार की योजना बनाई है. यह फेडरेशन दूध और दही जैसे ताजा डेयरी उत्पादों के साथ दिल्ली तक अपनी पहुंच का विस्तार करने को तैयार है. केएमएफ के प्रबंध निदेशक एमके जगदीश ने यह जानकारी दी, उन्होंने कहा कि कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया 21 नवंबर को दिल्ली में नंदिनी दूध और दही उत्पाद लॉन्च करेंगे. इसके अलावा 26 नवंबर को बेंगलुरु में इडली और डोसा बैटर भी पेश किया जाएगा.
कहां तक है KMF का विस्तार?
कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF), जो नंदिनी ब्रांड के तहत अपने डेयरी प्रोडक्ट का मार्केट करता है, दूध और दही जैसे ताजा डेयरी प्रोडक्ट्स के साथ नई दिल्ली तक अपनी पहुंच का विस्तार करने के लिए तैयार है. आपको बता दें कि नंदिनी कर्नाटक का सबसे बड़ा मिल्क ब्रैंड है. आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र और गोवा में भी इसकी जबरदस्त पकड़ है. नंदिनी ब्रांड का मालिकाना हक कर्नाटक कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स फेडरेशन लिमिटेड (KMF) के पास है. KMF, अमूल बनाने वाले गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा डेयरी कोऑपरेटिव फेडरेशन है.
अमूल और मदर डेयरी को मिलेगी कड़ी टक्कर
KMF के प्रबंध निदेशक एमके जगदीश ने बताया कि, कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया 21 नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी में नंदिनी दूध और दही उत्पादों को लॉन्च करेंगे. हम 26 नवंबर को बेंगलुरु में इडली और डोसा बैटर भी पेश करेंगे. KMF अपने प्रोडक्ट्स कर्नाटक, महाराष्ट्र, गोवा, हैदराबाद, चेन्नई और केरल में बेचता है. दिल्ली में एंट्री उत्तर भारतीय बाजार में प्रवेश करने का प्रयास होगा, जहां इसका नंदिनी ब्रांड गुजरात सहकारी दूध विपणन संघ के अमूल के साथ कॉम्पिटीशन करेगा. केएमएफ ने मांड्या से दिल्ली और हरियाणा के कुछ हिस्सों सहित आसपास के इलाकों में दूध पहुंचाने के लिए 2,190 टैंकरों का इस्तेमाल करने की योजना बनाई है.
कर्नाटक के 22,000 गांवों में है KMF
यह एक तरफ से लगभग 2,400-2,500 किलोमीटर की है, जिसमें दूध को ताजा बनाए रखने के लिए कड़े गुणवत्ता नियंत्रण की आवश्यकता होती है. अधिकारी ने कहा, "प्रतिदिन परिवहन किए जाने वाले दूध की अनुमानित मात्रा लगभग 100,000 किलोग्राम है. 33 किलोलीटर टैंकरों के साथ, प्रतिदिन तीन टैंकरों की आवश्यकता होगी. स्टैंडबाय टैंकरों सहित, 25 हफ्ते तैनात किए जाएंगे. केएमएफ कर्नाटक के 22,000 गांवों में 15 यूनियनों, 24 लाख दूध उत्पादकों और 14,000 सहकारी समितियों के विशाल नेटवर्क की देखरेख करता है.
यह प्रतिदिन 8.4 मिलियन लीटर दूध का प्रसंस्करण करता है और 65 से अधिक उत्पाद पेश करता है. महासंघ किसानों को प्रतिदिन 17 करोड़ रुपये वितरित करता है और 2021-22 में लगभग 19,800 करोड़ रुपये का कारोबार करने की सूचना दी है. केएमएफ सशस्त्र बलों को भी दूध की सप्लाई करता है तथा मध्य पूर्व, सिंगापुर, भूटान, म्यांमार और अमेरिका जैसे अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में दूध का एक्सपोर्ट करता है.
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