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5 हजार में खरीदकर ढाई लाख में बेचा बैग, इन लग्जरी ब्रैंड की हकीकत आपको हिला देगी  

इटली में पुलिस की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. लग्जरी ब्रैंड की असलियत जांच में सामने आई है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

लग्जरी ब्रैंड के प्रोडक्ट खरीदते समय लोग यही सोचते हैं कि बेजोड़ क्वालिटी के लिए ज्यादा दाम देने पड़ते हैं. नामी ब्रैंड हर छोटी बात का ख्याल रखते हुए प्रोडक्ट तैयार करते हैं, इसलिए उसे महंगा बेचते हैं. लेकिन एक रिपोर्ट में ऐसे लग्जरी ब्रैंड का जो सच सामने आया है, उसे सुनकर शायद आपको अपने कानों पर विश्वास न हो. इटली के लग्जरी ब्रैंड्स पर पड़े छापे और जांच में पता चला है कि डिओर (Dior) और अरमानी जैसे ब्रैंड चंद हजार में बैग खरीदकर उसे लाखों में बेच रहे हैं. डिओर ने सप्लायर्स को एक हैंडबैग के लिए 53 यूरो यानी तकरीबन 4,700 रुपए का भुगतान किया, जबकि कंपनी के स्टोर में यह 2,600 यूरो यानी 2.34 लाख रुपए में बिक रहा है.

कंपनियों की आलोचना
अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट बताती है कि अरमानी ने सप्लायर्स से बैग 93 डॉलर (8,400 रुपए) में खरीदा और उसे स्टोर में 1,800 यूरो (1.6 लाख रुपए) में बेचा गया. हालांकि, इन लागतों में लेदर जैसी सामग्री, डिजाइन, डिस्ट्रिब्यूशन और मार्केटिंग का खर्च शामिल नहीं है. इस मामले के खुलासे के बाद लग्जरी कंपनियों की काफी आलोचना हो रही है.वहीं, कार्रवाई करने वाली एजेंसियों ने सप्लाई चेन में लापरवाही को लेकर इन कंपनियों को आड़े हाथों लिया है. बता दें कि अरमानी जैसी कंपनियों के बैग काफी महंगे होते हैं. इसके बावजूद इन्हें खरीदने वालों की अच्छी-खासी तादाद है. सेलेब्रिटीज के बीच यह कंपनी काफी फेमस है. 

सप्लायर्स निशाने पर
रिपोर्ट के अनुसार, इन कंपनियों से जुड़े कुछ सप्लायर्स भी निशाने पर आए हैं. उन्हें कर्मचारियों का शोषण करने और सही दस्तावेज के बिना उनके साथ काम करवाने के मामले में कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है. जांच के दौरान आपूर्तिकर्ताओं की वर्कशॉप में 2 अवैध अप्रवासी और 7 ऐसे कर्मचारी भी मिले, जिनकी नियुक्ति सही दस्तावेजों के साथ नहीं हुई थी. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मार्च और अप्रैल में पुलिस जांच के दौरान पाया गया कि इन प्रोडक्ट्स को बनाने वाले कर्मचारियों को सेहत के लिए खतरनाक और गंदी जगहों पर काम करना पड़ रहा था.

सुरक्षा से समझौता
जांच में यह भी सामने आया कि कर्मचारी जिन मशीनों को चलाते थे, उनकी प्रोडक्टिविटी को बढ़ाने के लिए उनसे सेफ्टी डिवाइस को हटा लिया गया था. यानी उनकी सुरक्षा से समझौता किया जा रहा था. कर्मचारी इन वर्कशॉप में सुबह से लेकर देर रात तक काम करते थे. साथ ही, उन्हें वीकेंड और छुट्टियों के दिन भी काम करना पड़ रहा था. गौरतलब है कि डिओर और अरमानी के प्रोडक्ट्स दुनियाभर में फेमस हैं. भारत में भी इन्हें पसंद करने वालों की कमी नहीं है. ईशा और नीता अंबानी के पास भी इन कंपनियों के बैग हैं. इनके अलावा बॉलीवुड की कई एक्ट्रेस भी ऐसे लग्जरी बैग कैरी करती हैं. 
 


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